पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

अनुशासन मुद्रा : नेतृत्व करने की शक्ति बढ़ाने वाली चमत्कारिक मुद्रा | Steps and Benefits of Anushasana mudra

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अनुशासन मुद्रा : नेतृत्व करने की शक्ति बढ़ाने वाली चमत्कारिक मुद्रा | Steps and Benefits of Anushasana mudra

★ जीवन के प्रत्येक्ष क्षेत्र में अनुशासन का महत्व है।
★ अनुशासन से धैर्य और समझदारी का विकास होता है।
★ अनुशासन साधना का जीवन तत्व है।
★ साधना करते समय अगर अनुशासन न हो तो साधना पूरी तरह सफल नहीं हो सकती।
★ जो व्यक्ति साधना करता है वह अपने धैर्य के बल पर अनुशासित रहता है।
★ योग में हस्त मुद्राओं का विशेष महत्व है।
★ मुद्राओं से जहां शरीर की गति को बदला जा सकता हैं वहीं कर्म और भाग्य को भी बदला जा सकता है।
आइये जाने अनुशासन मुद्रा से मिलने वाले लाभों के बारे में :anushasana mudra benefits in hindi

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लाभ :benefits of Anushasana mudra

★ इस मुद्रा को करने से व्यक्ति को अनुशासन में रहना आता है।
★ अनुशासन मुद्रा को करने से नेतृत्व करने की शक्ति बढ़ती है।
★ इससे काम करने की ताकत तेज होती है।
★ अनुशासन मुद्रा सफलता का सूत्र है।

Anushasana mudra बनाने का तरीका :

★ इस मुद्रा को करने के लिए अपनी तर्जनी उंगली को बिल्कुल सीधा रखना चाहिए
★ बाकी बची हुई तीनों उंगलियों को अंगूठे के साथ मिला लें।
★ इस मुद्रा को अनुशासन मुद्रा (Anushasana mudra)कहते हैं।

आसन :

★ अनुशासन मुद्रा को पद्मासन और सुखासन में किया जाता है। समपाद आसन में भी इस मुद्रा को किया जाता है।

समय:

★ इस मुद्रा को रोजाना 8 मिनट से शुरू करें। फिर 1 महीने तक रोजाना इसके अभ्यास का 1-1 मिनट बढ़ाते जाएं।

जानकारी :

★ यह मुद्रा एक्यूप्रेशर के मुताबिक रीढ़ की हड्डी पर असर करती है और व्यक्ति अपने आप में नई जवानी को महसूस करता है।

सावधानी :

★ अनुशासन मुद्रा को एक बार में ज्यादा समय तक न करें।

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2017-06-23T10:01:38+00:00 By |Mudra|0 Comments

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