आंखों का दर्द दूर करने के 28 सबसे असरकारक आयुर्वेदिक नुस्खे | Eye Pain Home Remedies

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आंखों का दर्द दूर करने के 28 सबसे असरकारक आयुर्वेदिक नुस्खे | Eye Pain Home Remedies

आंखों के दर्द के कारण लक्षण व उपचार : Aankh me Dard ka ilaj

आँखे हमारे शरीर का बहुत ही अहम हिस्सा हैं| आंखों का दर्द एक सामान्य लक्षण है| जो किसी को भी हो सकता है|आजकल प्रदूषण की मात्रा अधिक होने के कारण हमारे आँखों पर इसका बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है|जिसके कारण हमें अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है|

आँखों में दर्द और जलन होने का कारण :Ankho me Dard aur Jalan ke Karan

कई चीजें आंखों में या इसके चारों ओर दर्द पैदा कर सकती हैं। दूषित वातावरण, धूल-मिट्टी, पूरे दिन टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बैठे रखने के कारण हमारी आँखों को काफी नुसकान पंहुचाता है| जिसके कारण आंखों में दर्द, जलन और चुभन जैसी समस्या से हम ग्रसित हो जाते हैं|
इन समस्याओं से निपटने के लिए हम कुछ घरेलू उपाय की मदद से राहत पा सकते हैं| जो अतयन्त सरल तथा उपयोगी हैं|
आइये जाने आँखों में दर्द का इलाज ,aankhon ke dard ka ilaj in hindi,Home remedies for eye pain

आँखों के दर्द के घरेलु उपचार : Aankh Dukhne ka Ilaj / Gharelu Upay

1) फिटकरी :
• आधा ग्राम फिटकरी को पीसकर उसके अंदर 20 मिलीलीटर गुलाब का रस मिलाकर आंखों में दिन में 3 बार डालने से लाभ होता है।
• 2 ग्राम पिसी हुई फिटकरी, आधा ग्राम अफीम और 40 मिलीलीटर गुलाब के रस को मिलाकर कपड़े से छानकर आंखों में दिन में 3 बार डालना चाहिए।
• 3-3 ग्राम फिटकरी और शोराकलमी को पीसकर कपड़े से छान लें, फिर उसमें 60 मिलीलीटर गुलाब के रस को मिलाकर आंखों में सुबह-शाम डालने से आंखों के दर्द में लाभ होता है।Aankh me Dard ka ilaj
• 1 ग्राम फिटकरी को पीसकर उसमें 40 मिलीलीटर गुलाबजल मिलाकर रख लें। ड्रापर (जिससे आंखों में दवा डाली जाती है) द्वारा इस लोशन की 2-2 बूंदें दिन में 2 से 3 बार आंखों में डालने से आंखों का दर्द, आंखों का लाल होना और कीचड़ या गीड़ का निकलना आदि बंद हो जाता है। आंखों के दर्द के लिए यह बहुत उत्तम दवा है। यदि गुलाबजल न मिले तो उसकी जगह डिस्टिल वाटर या उबला हुआ पानी ठंडा करके इस्तेमाल किया जा सकता है।
• फिटकरी की एक डली को पानी में डुबोकर डली से गिरने वाली बूंदों को आंखों में रोजाना 2 से 3 बार डालने से आंखों के दर्द में लाभ होता है।

2) बेर : बेर की गुठली को अच्छी तरह से बारीक पीसकर गर्म पानी से छान लें। फिर इस पानी को आंखों में डालने से आंखों का लाल होना और आंखों का दर्द आदि रोग समाप्त होते हैं।

3) धतूरा : अगर आंखों में दर्द हो रहा हो तो पके धतूरे के पत्ते का रस अथवा नीम के कोमल पत्तों का रस या दोनों के पत्तों के रस को एक साथ मिलाकर दोनों कानों में डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाएगा।

4) नमक : गर्म पानी में नमक घोलकर उसके अंदर कपड़े को भिगोकर रोजाना 2 से 3 बार थोड़ी-थोड़ी देर आंखों की सिंकाई करने से आंखों को आराम मिलता है।

5) दूब : हरी दूब (घास) का रस पलकों पर लेप करने या उसको पीसकर लुगदी बनाकर रात में सोते समय आंखों पर बांधने से आंखों का दर्द और जलन दूर हो जाती है। इससे आंखों का धुंधलापन दूर हो जाता है। इसे कुछ दिनों तक लगातार प्रयोग करना चाहिए।

6) बादाम : छिलके उतारे हुए बादाम की गिरी में एक कपूर को पीसकर आंखों में लगाने से आंखों के दुखने की स्थिति में आराम मिलता है।

7) सुहागा : भुने हुए सुहागे को पीसकर कपडे़ में छानकर सलाई से सुबह-शाम आंखों में लगाने से आराम आता है।

8) रूई : जब यह पता चल जाए कि आंखें दुखने आने वाली हैं तो उसी समय जिस आंख में दर्द हो उस तरफ के कान में रूई ठूंस दें। 2 से 3 घंटों में ही पूरा आराम आ जाएगा।

9) शहद :
• आंखों में किसी चीज के गिर जाने से अगर दर्द हो रहा हो तो शहद या एरंड तेल (कस्टर आयल) की 1 से 2 बूंद आंखों में डालने से आंखों में गिरी हुई चीज बाहर आ जायेगी और आंखों में कुछ चुभना दूर हो जायेगा।
• शहद के साथ निबौली (नीम का फल) के गूदे को मिलाकर आंखों में अंजन (काजल के समान लगाना) करना चाहिए।
• शुद्ध शहद को सलाई या अंगुली की सहायता से काजल की तरह आंखों में लगाने से आंखों के दर्द में लाभ होता है।

10) आंवला : आंवले के बीजों के काढ़े से आंखों को धोने से आंखों का दर्द दूर होता है। आंवले का चूर्ण रात भर जिस पानी में भिगोया गया हो उस पानी से आंखों को धोने से भी लाभ होता है।

11) चम्पा : चम्पा के फूलों को तिल के तेल में पीसकर सिर पर बांध लें और पलकों पर लेप करें। इससे आंखों का दर्द दूर हो जाता है।

12) मुलहठी : मुलहठी के काढ़े से आंखों को धोने से आंखों के रोग दूर हो जाते हैं। मुलहठी की जड़ के चूर्ण में बराबर मात्रा में सौंफ का चूर्ण मिलाकर एक चम्मच सुबह-शाम खाने से आंखों की जलन मिटती है तथा आंखों की ज्योति बढ़ती है।

13) चीनी :
• देशी शक्कर (बूरा) या बताशे को रोटी के साथ खाने से आंखों का दर्द नष्ट हो जाता है।
• शक्कर 1 हिस्सा और धनिया 3 हिस्सा लेकर उसका बारीक चूर्ण खौलते पानी में डालकर 1 घंटे तक ढककर रख लें। फिर उसे कपड़े से छानकर किसी साफ स्वच्छ बोतल में भर लें। उसमें से 2-2 बूंद दवा सुबह-शाम आंखों में डालने से दु:खती आंखें 2-3 दिन में अच्छी होती हैं।

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14) पीपल : पीपल के पत्तों की जड़ में से जो दूध निकलता है, उसको आंखों में लगाने से आंखों का दर्द मिट जाता है।

15) अनार : अनार के पत्तों को पीसकर आंखों के ऊपर लेप करने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।

16) पर्णबीज : पर्णबीज के पत्तों का रस आंखों के चारों तरफ लेप करने से आंखों के सफेद भाग का दर्द दूर हो जाता है।

17) सोंठ : आंखों के रोगों पर सौंठ और गेरू को पानी में पीसकर आंखों के बाहर लेप करने से आंखों के रोग खत्म हो जाते हैं।Home remedies for eye pain

18) त्रिफला : 6 ग्राम से 10 ग्राम महात्रिफला घृत (घी) सुबह-शाम बराबर मात्रा में मिश्री को मिलाकर सेवन करने से आंखों का दर्द, आंखों का लाल होना और आंखों की सूजन आदि रोग दूर होते हैं। इसके साथ ही त्रिफला के पानी से आंखों को रोजाना 2 से 3 बार धोना भी चाहिए।

19) बबूल :
• बबूल के पत्तों को बारीक पीसकर उसकी टिकिया बनाकर रात को सोते समय आंखों पर बांधने से आंखों के दर्द और जलन में लाभ मिलता है।
• बबूल के नर्म पत्तों को पीसकर, रस निकालकर 1-2 बूंद आंख में टपकाने से अथवा स्त्री के दूध के साथ आंख पर बांधने से पीड़ा और सूजन मिटती है।
• बबूल की पत्तियों को पीसकर टिकिया बनाकर रात को सोते समय आंखों पर बांध लें और सुबह उठने पर खोल दें। इससे आंखों का लाल होना और आंखों का दर्द आदि रोग दूर हो जाते हैं।

20) बकायन (बकाइन) :
• बकाइन के फलों को पीसकर उसकी लुग्दी बना लें। इस लुग्दी को आंखों पर बांधने से आराम मिलता है।
• बकायन के फलों को पीसकर छोटी सी टिकिया बनाकर आंखों पर बांधते रहने से पित्त के कारण होने वाला आंखों का दर्द समाप्त हो जाता है। अधिक गर्मी के कारण आंखों का दर्द भी इससे नष्ट हो जाता है।
• आंखों से कम दिखाई देना और मोतियाबिंद पर इसके 1 किलोग्राम हरे ताजे पत्ते पानी से धोकर अच्छी प्रकार से साफ, कूट-पीसकर तथा निचोड़कर रस निकाल लें। इस रस को पत्थर के खरल में खूब घोंटकर सुखा लें। इसके बाद इसे पुन: 1-2 बार खरल करते हैं तथा खरल करते समय भीमसेनी कपूर 3 ग्राम तक मिला दें। इसको सुबह-शाम नेत्रों में अंजन करने से मोतियाबिंद तथा अन्य प्रकार से उत्पन्न दृष्टिमांद्य, आंखों से पानी बहना, आंखों का लाल होना, खुजली, रोहें आदि विकार समाप्त हो जाते हैं।

21) ग्वारपाठा :
• ग्वारपाठे के गूदे में हल्दी का चूर्ण मिलाकर गर्म करें और सहनीय अवस्था में पैरों के तलुवों में लगाकर बांधे। इससे आंखों का दर्द दूर होता है।
• ग्वारपाठे का गूदा आंखों में लगाने से आंखों की लाली मिट जाती है, गर्मी दूर होती है। वायरल कंजक्टीवाइटिस में भी यह लाभ करती है।
• ग्वारपाठे (घृतकुमारी) के 1 ग्राम गूदे में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग अफीम मिलाकर पोटली बांधकर पानी में भिगोकर आंखों में फिराने से और 1-2 बूंद आंखों के अंदर डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।

22) गुलाब : गुलाब का रस 2-2 बूंद सुबह-शाम आंखों में डालने से आंखों के रोग समाप्त हो जाते हैं।

23) कटेरी : कटेरी के 20-30 ग्राम पत्तों को पीसकर उनकी लुग्दी बनाकर आंखों पर बांधने से आंखों का दर्द दूर होता है।

24) कपूर : कपूर का चूरा आंखों में काजल की तरह लगाना चाहिए। कई लोग नींद न आने के लिए कपूर को आंखों में लगाते हैं।
25) चिरायता : चिरायता को पानी में घिसकर आंखों पर लेप करने से आंखों की ज्योति बढ़ती है और आंखों के अनेक रोगों में आराम मिलता है।

26) कागजी नींबू : लौहे के तवे पर अफीम और दन्ती को नींबू के रस में खरल करें और आंखों के ऊपर लेप करें। इससे आंखों के सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

27) गेंदा : गेंदे के पत्तों को पीसकर टिकिया के रूप में आंखों की पलकों को बंद करके पलकों के ऊपर रखें। इससे आंखों का दर्द बहुत जल्दी ही ठीक हो जाता है।

28) इलायची : इलायची के दाने और शक्कर बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बना लें, फिर 4 ग्राम चूर्ण को एरंड के साथ सेवन करने से मस्तिष्क और आंखों को ठंडक मिलती है तथा आंखों की रोशनी तेज होती है।

नोट :- ऊपर बताये गए उपाय और नुस्खे आपकी जानकारी के लिए है। आँखे हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है इसलिए कोई भी उपाय और दवा प्रयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरुर ले और उपचार का तरीका विस्तार में जाने।

विशेष :- आखों को निरोगी व तेजस्वी बनाने के लिए ” अच्युताय हरिओम संतकृपा सुरमा (Achyutaya HariOm Santkrupa Surma) ” बहुत ही लाभकारी है |
सुरमा महिलाएं तो इसे अपनी आंखों को खूबसूरत बनाने के लिए प्रयोग करती ही हैं, लेकिन संतकृपा सुरमा पुरुष भी लगाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह आँखों के विविध रोगों को दूर करके आँखों की दृष्टि को निर्मल सुरक्षित व पुष्ट करता है।

सुरमा की प्रमुक औषधियाँ व उनके फायदे :Santkrupa Surma ke Fayde

मोती पिष्टी :- वातवाहिनी, रक्तवाहिनी, मासँपेशियो को सबल बनाते हुए नेत्र कोे हानि करने वाले दोषों को हर लेता है ।
प्रवाल पिष्टी :- आँख में बढी तीक्ष्णता, अम्लता, उष्णता को हर कर स्थानीय नाडीयो को बल देता है ।
शुद्ध तुतीया :- कई दिनों तक शास्त्रानुसार परिशुद्ध किया ये दृव्य, मासँ वृद्धि बेल दूषित बाहरी संक्रमण को अपने प्रभावी गुणों से नष्ट करता हैं ।
काली मिर्च :- आँखों को खराब करने वाले पित्त कफ का नाश करता है ।
चमेली की कली :- अपने तिक्त कषाय गुण से दोषों का हरण ।
नीम की कोपल :- अपने विषाणुहर व तिक्त गुण से आँखों का इन्फेकशन व दुषित कफ पित्त का शमन करती है इसी प्रकार से अन्य औषधि भी डाली गई है |
इस प्रकार संतकृपा सुरमा सचमुच में नाम के अनुसार अपने में आँखों को सुरक्षित निरोगी तेजस्वी बनाने की क्षमता रखता है ।

सावधानियाँ : ११ साल से कम उम्र के बच्चों को सुरमा न लगायें । किसी भी प्रकार के आँखों के ऑपरेशन या लेंस के उपयोग के बाद सुरमे का प्रयोग न करें । इसे साफ और सूखी जगह पर ही रखें ।

प्राप्ति-स्थान : सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji Ashram ) व श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से इसे प्राप्त किया जा सकता है |

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