हमारे शास्त्रों में आता है की घर में कौन सा पेड़ लगाना चाहिए और कौन सा नहीं। शास्त्रों में यह भी बताया गया है की घर में पेड़ किस दिशा में लगाना चाहिए। आइए जानते हैं वृहतसंहिता के अनुसार घर में कौन सा पेड़ किस दिशा में लगाया जाए तो, वह शुभफल देगा…

बरगद को वृक्ष पूर्व में, पश्चिम में पीपल, उत्तर में पिलखन एंव दक्षिण दिशा में गूलर का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। यही वृक्ष अगर विपरीत दिशाओं में हो तो, अशुभ फल देने लगते है। घर के समीप कांटेदार वृक्ष शत्रुभय उत्पन्न करते हैं एंव दूध वाले पेड़ धन का नाश करते है।

नीम : सामान्यत: नीम के पेड़ घर में लगा होना काफी शुभ माना जाता है। पॉजिटिव एनर्जी के साथ यह पेड़ कई प्रकार से कल्याणकारी होता है।

तुलसी : हिन्दू धर्म में इस पौधे का खास महत्व है। तुलसी के पौधे को एक तरह से लक्ष्मी का रूप माना गया है। यदि आपके घर में किसी तरह की निगेटिव एनर्जी मौजूद है, तो यह पौधा उसे नष्ट करने की ताकत रखता है। हां, ध्यान रखें कि तुलसी का पौधा घर के दक्षिणी भाग में नहीं लगाना चाहिए।

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बांस : बांस का पौधा घर में लगाना समृद्धि और आपकी सफलता को ऊपर ले जाने की क्षमता रखता है।

नारियल : जिनके घर में नारियल के पेड़ लगे हों, उनके मान-सम्मान में खूब वृद्धि होती है

आंवला : घर में आंवले का पेड़ लगा हो और वह भी उत्तर दिशा और पूरब दिशा में तो यह अत्यंत लाभदायक है। यह आपके कष्टों का निवारण करता है।

केला :  केले का पौधा धार्मिक कारणों से भी काफी महत्वपूर्ण माना गया है। गुरुवार को इसकी पूजा की जाती है और अक्सर पूजा-पाठ के समय केले के पत्ते का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए घर में केले का पेड़ ईशान कोण में हो तो बेहतर है। कहते हैं इस पेड़ की छांव तले यदि आप बैठकर पढ़ाई करते हैं तो वह जल्दी जल्दी याद भी होता चला जाता है।