खर्राटे लेने के कारण और उपचार | Kharate Rokne ke ilaj in Hindi

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खर्राटे लेने के कारण और उपचार | Kharate Rokne ke ilaj in Hindi

खर्राटे क्यों आते हैं ?

खर्राटों की समस्या आजकल बेहद आम है। इस स्थिति में सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुक जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वायु मार्ग सिकुड़ जाता है, जिससे श्वास फेफड़ों में नहीं जा पाती है, जिससे खरटि आते हैं और जीभ के पिछले भाग, तालु, टॉन्सिल के किनारों के कम्पन से पैदा होने वाली आवाज खर्राटों के रूप में सुनाई देती है।
इससे नींद में बाधा पड़ती है और व्यक्ति दिन के समय थकान का अनुभव करता है और उसे दिन में बहुत नींद आती है। मोटे लोगों, पुरुषों व उम्र बढ़ने के साथ-साथ खरटि ज्यादा आते हैं। कई बार तो खर्राटों की समस्या इतना विकट रूप धारण कर लेती है कि जीवनसाथी या दूसरा कोई भी व्यक्ति खर्राटे लेने वाले के कमरे में नहीं सो सकता। विदेशों में तो खर्राटों के कारण तलाक तक हो जाते हैं।

खर्राटे आने के संभावित कारण :

✦वायु मार्ग को खुला रखने वाली पेशियों की कार्यक्षमता में कमी।
✦वायु मार्ग के पिछले हिस्से में सूजन जैसे बढ़े हुए टॉन्सिल।
✦जीभ का पीछे हो जाना और वायु मार्ग को बंद कर देना।
✦गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।

खर्राटे लेने वालों को ऑब्स्ट्रेक्टिव स्लीप एरिनया(ओएसए) के लक्षण हो सकते हैं, जो निम्न हैं :

✦ दिन के समय बहुत नींद आना या थकान का अनुभव।
✦नींद में गला चाक होना/खर्राटे में श्वसन में रुकावट।
✦उच्च रक्तदबाव, ताशा, मोटापा।
✦गर्दन का आकार बढ़ा होना, नींद में बैचेनी, सुबह सिरदर्द होना।
✦एकाग्रता में कमी होना, चिड़चिड़ाहट होना, स्मरण शक्ति में कमी।
✦सेक्सुअल डिस्फंक्शन।
✦ रात के समय बार-बार पेशाब जाना।

यदि ओएसए का उपचार न हो तो क्या होगा?

✷खर्राटों के उपचार न होने की दशा में उच्च रक्त दबाव, हृदय रोग, हृदयाघात हो सकते हैं।
✷गाड़ी चलाने में थकान या कार्य करते समय दुर्घटना।
✷कार्य करने की क्षमता में कमी।
आइये जाने क्या है उपचार ?

खर्राटे रोकने के उपाय और इलाज : Kharate Ka ilaj in Hindi

1-खर्राटे अधिकतर मोटे लोगों को आते हैं। इसलिये वजन कम करें, नियमित योग या कसरत करें।

2-शराबखोरी के कारण तालु व गले की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, जिससे सोते समय ये कोशिकाएं लटक जाती हैं और कंपन बढ़जाते हैं।

3-नींद की गोलियों से केंद्रीय नाड़ी तंत्र शिथिल हो जाता है, इसके शिथिल होते ही खर्राटे आने लगते हैं।

4-करवट से सोएं, इससे गले की मांसपेशियां श्वासप्रवाह में अवरोध पैदा नहीं करतीं।

5-एलर्जी व जुकाम हो तो तुरंत उपचार कराएं।

6-नींद भरपूर लें। नियमित समय पर जल्दी सोएं और जल्दी उठे।

7-भोजन शाम को 7-8 बजे तक कर लें। रात्रि में चाय, कॉफी लेने से बचें।

8-योग व व्यायाम से फायदा :
• गर्दन के मूवमेंट वाली एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों का लचीलापन बढ़ता है ।
इसलिए कुशल प्रशिक्षक से सीखकर करें।
• कपालभांति, अनुलोम विलोम, सिंहासन करने से भी खर्राटे काफी हद तक कम हो जाते है

9-प्रात: व रात्रि में सोने के पहले सादे पानी की भाप लें।

10-रात्रि में सोने से पहले गाय के घी की एकएक बूंद दोनों नासा छिद्रों में डालें।

11-खर्राटे बंद करने के लिए एक अचूक नुस्खा इस प्रकार है
दालचीनी 1 ग्राम, कालीमिर्च 10 ग्राम, तेजपत्ता 10 ग्राम, मगज 10 ग्राम, अलसी 10 ग्राम, मिश्री 10 ग्राम, अखरोट 10 ग्राम । ये सातों चीजें पीसकर 6-6 ग्राम की पुड़िया बना लें। सुबह खाली पेट पुड़िया कुनकुने जल से लें। औषधि लेने के बाद 1 घंटे तक कुछ न खाएं-पीएं। 10 दिनों में ही खर्राटों से निजात मिल जाएगी।

2018-11-03T15:56:23+00:00 By |Disease diagnostics|0 Comments