पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

चक्कर आना दूर करेंगे यह सरल घरेलू नुस्खे | Home Remedies for Dizzines

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चक्कर आना दूर करेंगे यह सरल घरेलू नुस्खे | Home Remedies for Dizzines

कारण :

दिमाग में खून पर्याप्त मात्रा में न पहुंचने पर चक्कर आते हैं। इसके अलावा रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) का ज्यादा या कम होने पर भी चक्कर आते हैं। कान के बीच में सूजन होने पर भी चक्कर आते हैं। पुरानी कब्ज, गर्मी, खून की कमी, धूप में घूमना, अधिक संभोग करना, अधिक हस्तमैथुन करना, स्त्रियों में मासिक धर्म (एम.सी) की खराबी और अधिक थकावट आदि कारणों से भी चक्कर आते हैं।
आइये जाने चक्कर आना दूर करने के घरेलू उपाय | Home Remedies for Dizziness in Hindi

उपचार :

पहला प्रयोगः 10 से 50 मि.ली. अदरक एवं तुलसी के 5 मि.ली. रस को शहद में लेने से अथवा सोंफ तथा मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर 2 से 5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम लेने से चक्कर आने पर लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः 6 ग्राम धनिया एवं 6 ग्राम आँवलों को अधकूटा पीसकर, रात्रि को पानी में भिगोकर, सुबह छानकर उसमें मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः रात्रि को 11 या 21 बादाम पानी में भिगो दें। सुबह में बादाम का छिलका निकालकर बादाम को पीसकर उसमें तीन छोटी इलायची, तीन काली मिर्च डालकर दूध के साथ उबालकर ठंडा करके 8-10 दिन पीना चाहिए। डायबिटीज न हो तो मिश्री डालें। बादाम को जितना ज्यादा पीसेंगे उतनी ज्यादा गुणकारक होगी।

विभिन्न औषधियों से उपचार-

1. लौंग : 2 लौंग को 2 कप पानी में डालकर उबालकर पीने से चक्कर आना बन्द होते हैं।

2. मुनक्का : लगभग 4 या 5 मुनक्के को पानी में मथकर पीने से चक्कर आना बन्द हो जाते हैं।

3. सौंफ : सौंफ को पीसकर सिर पर लगाने से गर्मी के कारण आने वाले चक्कर और सिर दर्द ठीक हो जाते हैं।

4. हल्दी : कच्ची (ताजी) हल्दी पीसकर सिर पर लेप की तरह लगाने से चक्कर आना बन्द हो जाते हैं।

5. प्याज : प्याज के रस को सूंघने से चक्कर आना ठीक हो जाता है।

6. तुलसी :

  1. तुलसी के पत्तों का रस 5 बूंद और चीनी एक चम्मच आधा कप पानी में मिलाकर सेवन करने से लू के मौसम में चलने वाली गर्म हवा नहीं लगती है तथा चक्कर नहीं आते हैं।
  2. तुलसी का रस, अदरक का रस और शहद मिलाकर पीने से चक्कर आने बन्द हो जाते हैं।

7. इलायची : छोटी इलायची के काढ़े को गुड़ में मिलाकर सुबह-शाम पीने से बार-बार चक्कर आना बन्द हो जाता है।

8. बच : लगभग 5-5 ग्राम की मात्रा में बच, तोरई और सोंठ कूटकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में लगभग 5 ग्राम अफीम मिलाकर पानी में पीसकर सिर पर लेप की तरह लगाएं। इससे बार-बार चक्कर आने की परेशानी दूर हो जाती है।

9. आंवला :

  1. आंवले के मुरब्बे को चांदी के एक बर्क में लपेटकर सुबह के समय खाली पेट खाने से चक्कर आना बन्द हो जाता है।
  2. लगभग 6-6 ग्राम सूखे आंवले और सूखे धनिये को मोटा-मोटा कूटकर रात को सोते समय 100 मिलीलीटर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह मसलकर छानकर इसमें चीनी मिलाकर सेवन करें। यह चक्कर, प्यास व गर्मी को शान्त करता है।

10. .इमली : लगभग 25 ग्राम बिना बीज की इमली को 125 मिलीलीटर पानी में एक घंटे तक भिगोने के बाद मसलकर इसमें खांड़ मिलाकर सुबह-शाम पीने से चक्कर आना बन्द हो जाता है।

11. हरड़ : हरड़ के एक मुरब्बा में लगभग 3 ग्राम धनिया और लगभग 1 ग्राम छोटी इलायची पीसकर मिलाकर सुबह-शाम खाने से चक्कर आना बन्द हो जाता है।

12. मेंहदी : मेंहदी के 3 ग्राम बीजों को शहद के साथ चाटने से लाभ होता है और इसके फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी लाभ मिलता है। इस औषधि का सेवन करने के तुरन्त बाद ही गेहूं की रोटी, खांड़ और घी मिलाकर खाने से सिर का चकराने का रोग समाप्त हो जाता है।

13. हींग : घी में सेंकी हुई हींग को घी के साथ खाने से गर्भावस्था के दौरान आने वाले चक्कर और दर्द खत्म हो जाते हैं।

14. धनिया : आंवले और हरे धनिये के रस को पानी में मिलाकर पीने से चक्कर आना बन्द हो जाता है।

15. चीनी : चीनी और सूखा धनिया 2-2 चम्मच मिलाकर चबाने से चक्कर आना बन्द हो जाता है।

16. आंवला : यदि गर्मी के कारण चक्कर आते हों व जी मिचलाता हो तो आंवले का शर्बत पीना चाहिए।

17. मुनक्का : लगभग 20 ग्राम मुनक्का को घी में सेंककर सेंधानमक डालकर खाने से चक्कर आने बन्द होते हैं।

18. भांगरा : भांगरा का रस 4 ग्राम, चीनी 3 ग्राम को मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से थोड़े ही दिनों में दुर्बलता दूर हो जाती है तथा चक्कर आने बन्द हो जाते हैं।

19. कॉफी : समुद्र यात्रा के दौरान होने वाली उल्टियों और चक्करों से बचने के लिए जहाज में सवार होने के लगभग एक घंटे पहले तेज कॉफी पीना चाहिए तथा बोतल में काफी भरकर अपने साथ रखना चाहिए ताकि यात्रा के समय कॉफी पी सकें। इससे समुद्री यात्रा के दौरान आने वाले चक्कर बन्द होते हैं।

20. नींबू : एक कप गर्म पानी में लगभग 2 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पीने से चक्कर आना बन्द होता है।

21. कालीमिर्च :

  1. कालीमिर्च चबाने से जी नहीं मिचलाता और चक्कर नहीं आते।
  2. कालीमिर्च का चूर्ण, चीनी और घी में मिलाकर सेवन करने से सिर का चकराना व भ्रम आदि दूर होता है।

 

चक्कर आने पर घरेलू उपचार :

१* तुलसी के २० पत्ते पीसकर शहद मिलाकर चाटने से चक्कर आने की समस्या काफ़ी हद तक नियंत्रण में आ जाती है।

२* १० ग्राम गेहूं,५ ग्राम पोस्तदाना,७ नग बादाम,७नग कद्दू के बीज लेकर थोडे से पानी के साथ पीसकर इनका पेस्ट बनालें। अब कढाई में थोडा सा गाय का घी गरम करें और इसमें २-३ नग लोंग पीसकर डाल दें। अब बनाया हुआ पेस्ट इसमें डालकर एक मिनट आंच दें। इस मिश्रण को एक गिलास दूध में घोलकर पियें। चक्कर आने में असरदार स्वादिष्ट नुस्खा है।

३* चाय,काफ़ी और तली गली मसालेदार चीजों से परहेज करना आवश्यक है। इनके उपयोग से चक्कर आने की तकलीफ़ में इजाफ़ा होता है।

४* कभी-कभी नमक की मात्रा शरीर में कम होने पर भी चक्कर आने लगते हैं। आलू की नमकीन चिप्स खाने से लाभ होता देखा गया है।

५* जब चक्कर आने का हमला हुआ हो , बर्फ़ के समान ठंडा पानी ३ गिलास पीने से भी तुरंत राहत मिलती है।

६* अनुलोम विलोम प्राणायाम से चक्कर आने की व्याधि से हमेशा के लिये छुटकारा मिल जाता है।

७* खरबूजे के बीज की गिरी गाय के घी में भुन लें। इसे पीसकर रख लें। ५ ग्राम की मात्रा में सुबह शाम लेने से चक्कर आने की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।
८* १५ ग्राम मुनक्का देशी घी में भुनकर उस पर सैंधा नमक बुरककर सोते समय खाने से चक्कर आने का रोग मिट जाता है।

९* प्याज का रस और शुद्ध शहद बराबर मात्रा में मिलाकर रोज करीब दस ग्राम की मात्रा में लेने से उच्च रक्तचाप में लाभ मिलता है.

१०* तरबूज के बीज की गिरि और खसखस इन दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें. रोज सुबह-शाम एक चम्मच खाली पेट पानी के साथ सेवन करें. यह प्रयोग करीब एक महीने तक नियमित रूप से जारी रखें.

११* एक चम्मच मैथीदाना-चूर्ण रोजाना सुबह खाली पेट लेने से हाई ब्लडप्रेशर से बचा जा सकता है.

१२* खाना खाने के बाद दो कच्चे लहसुन की छिली हुई कलियां तीन-चार बीज निकले हुए मुनक्कों के साथ चबाएं, ऐसा करने से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत दूर होने के साथ पेट में रुकी हुई गैस भी पास होने लग जाती है.

१३* सूखा आंवला पीस लें। दस ग्राम आंवला चूर्ण और १० ग्राम धनिया का पावडर एक गिलास पानी में डालकर रात को रख दें। सुबह अच्छी तरह मिलाकर छानकर पी जाएं। चक्कर आने में आशातीत लाभ होगा।

१४* अदरक लगभग 20 ग्राम की मात्रा में बारीक काटकर पानी में उबालें आधा रह जाने पर छानकर पीयें। अदरक का रस भी इतना ही उपकारी है।सब्जी बनाने में भी अदरक का भरपूर उपयोग करें। चाय बनाने में अदरक का प्रयोग करें।अदरक किसी भी तरह खाएं चक्कर आने के रोग में आशातीत लाभकारी है।

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