चैतन्य हरिमुद्रा (Chetanya hari mudra) के लाभ –

★ जिन लोगों को दिल के रोग(heart diseases) होते हैं उन्हें रोजाना चैतन्य हरिमुद्रा का अभ्यास करने से बहुत लाभ होता है।
★ दिल की धड़कन का बहुत तेज चलना,
★ स्तनों के बाएं हिस्से में दर्द,
★ मुंह का सूखना,
★ ज्यादा पसीना आना,
★ दिमागी परेशानी(mental distress,),
नींद न आना(Insomnia),
★ नब्ज का कमजोर हो जाना
आदि रोग इस मुद्रा को करने से बिल्कुल ठीक हो जाते हैं।

मुद्रा बनाने का तरीका-Gyan mudra

★ चैतन्य हरिमुद्रा का अभ्यास खड़े होकर करना होता है।
★ पहले अपनी तर्जनी उंगली को अंगूठे के आगे के भाग से मिलाकर ज्ञान मुद्रा बना लें।
★ इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर आसमान की तरफ सीधे खड़े कर दें।
★ फिर दोनों हाथों को दाएं-बाएं हिलाते रहें।
इसी को चैतन्य हरिमुद्रा कहा जाता है।

जानकारी-

★ इस मुद्रा को करने से डर, नींद न आना, सदमा, शोक आदि रोग कुछ ही समय में दूर हो जाते हैं।