तृप्ति प्राणायाम – इसकी खोज महर्षि च्यवन ने की है

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तृप्ति प्राणायाम – इसकी खोज महर्षि च्यवन ने की है

जीवन से शुष्कता मिटाने के लिए व ख़ुशी लाने के लिए

पहले दायें बायें से श्वास लिया छोड़ा 10 बार (अनुलोम विलोम); बाद में दोनो नथूनों से शुद्ध हवामान में श्वास भरा; और गुरु मंत्र एक बार जपा और आनंद आनंद चिंतन किया और फूँक मार के अशांति, अतृप्ति को बाहर फेंक दिया; पूरा श्वास भरा और एक दो बार गुरु मंत्र जपा और श्वास मुँह से निकाल दिया, 50-100 बार ऐसा करो; आपके जीवन में उसी समय तृप्ति प्रसन्नता होने लगेगी ।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

2017-05-16T09:32:49+00:00 By |Yoga & Pranayam|0 Comments