पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

दांतों के रोगों का सरल आयुर्वेदिक निदान

Home » Blog » Disease diagnostics » दांतों के रोगों का सरल आयुर्वेदिक निदान

दांतों के रोगों का सरल आयुर्वेदिक निदान

[fullwidth background_color=”” background_image=”” background_parallax=”none” enable_mobile=”no” parallax_speed=”0.3″ background_repeat=”no-repeat” background_position=”left top” video_url=”” video_aspect_ratio=”16:9″ video_webm=”” video_mp4=”” video_ogv=”” video_preview_image=”” overlay_color=”” overlay_opacity=”0.5″ video_mute=”yes” video_loop=”yes” fade=”no” border_size=”0px” border_color=”” border_style=”” padding_top=”20″ padding_bottom=”20″ padding_left=”” padding_right=”” hundred_percent=”no” equal_height_columns=”no” hide_on_mobile=”no” menu_anchor=”” class=”” id=””]

१) नीम्बू के रस को ताजे जल में मिलाकर कुल्ले करने से दांतों के अनेक रोगों में लाभ होता है! मुख की दुर्गन्ध दूर होती है!

(२) निचोड़े हुए ताजे नीम्बू के छिलके से दांतों को रगड़ने से अथवा छिलको को सुखाकर कूट-पीस के उससे मंजन करने से दांत मजबूत, साफ़ व सफ़ेद हो जाते हैं!

(३) नीम्बू का रस, सरसों का तेल व पिसा नमक मिलाकर रोज मंजन करने से दांतों के रोग दूर होकर दांत मजबूत व चमकदार बनते है!

(४) पायरिया में मसूडो पर नीम्बू का रस मलते रहने से रक्त व मवाद का श्राव रुक जाता है

[/fullwidth]
2016-12-31T03:56:26+00:00 By |Disease diagnostics|Comments Off on दांतों के रोगों का सरल आयुर्वेदिक निदान