पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

धातु रोग (धातु गिरना) के प्रभावी आयुर्वेदिक नुस्खे | Natural Treatment for Spermatorrhea

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धातु रोग (धातु गिरना) के प्रभावी आयुर्वेदिक नुस्खे | Natural Treatment for Spermatorrhea

धातु गिरना या धात रोग को इंग्लीश में Spermatorrhea के नाम से जाना जाता है| ये नवयुवकों की बहुत ही आम प्राब्लम है| वैसे तो ये बड़ी उमर के लोगो को भी हो सकती है लेकिन इसका शिकार अकसर कम उमर के नौजवान जयादा होते हैं| इस रोग में वीर्य का अनेच्छिक सख्लन होता है यानी बिना इच्छा के ही सख्लन होने लगता है और अक्सर ये तब होता है जब रोगी पेशाब या मल त्याग करता है| यूरिन करते समया और मल त्याग के वक़्त हल्का सा ज़ोर लगने पर लिंग से कुछ बूंदे गाढ़ा पतला द्रव निकलता है और ऐसा होने को ही हम धात रोग के नाम से जानते हैं| अक्सर ये पाया जाता है की जिन लोगों में धातु गिरने की शिकायत होती हैं उनमें swapandosh होना भी एक आम बात है| कुछ लोगों में तो अंडरवियर की रगड़ लगने से भी धात गिर जाता है| यहाँ हम इस रोग के कारण, लक्षण और इलाज के कुछ देसी घरेलू नुस्खे या उपाय के बारे में जानेंगे|

धात गिरना रोग के कारण:

१* कब्ज होना
२* शरीर में गर्मी
३* गरम चीज़ों का सेवन करना
४* नसों की कमज़ोरी
५* प्रॉस्टेट में सूजन होना
६* हॉर्मोनल चेंज
७* इसका सबसे बड़ा कारण अधिक हस्तमैथुन करना माना जाता है जिसके फल्सवरूप नसें कमजोर हो जाती हैं और धात गिरने लगता है
८* गुप्त रोग होना
९* शरीर में पोशाक तत्वों की कमी
१०* alcohol और दूसरे प्रकार के नशे करना
११* बुरी संगति होना
१२* अश्लील साहित्य देखना, पढ़ना या सोचना
इनके अलावा और भी बहुत सारे कारण हो सकते हैं लेकिन अक्सर इस रोग का विशेष कारण ज़यादा हस्तमैथुन करना ही माना जाता है| धात रोग के लक्षण नीचे दिए गये हैं| ये लक्षण हर वयक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं| यहाँ हम वो लक्षण दे रहे हैं जो जायदातर लोगो में देखने को मिलते हैं या जिनके बारे में लोग अक्सर शिकायत करते हैं|

धात रोग के लक्षण | Symptoms of Spermatorrhea in Hindi:

जैसा की हमने पहले बताया की इस रोग की लक्षण बहुत सारे होते हैं और ये अलग अलग इंसान में अलग अलग हो सकते हैं| यजा कुछ कॉमन लक्षण दिए जा रहे हैं जो की dhat गिरने के कारण नवयुवकों को महसूस होते हैं|

१* बहुत की कमज़ोरी महसूस होना (faigue and weakness)
२* बाल जल्दी सफेद होने लगना
३* चिडचिडापन रहना
४* सर या कमर में दर्द रहना
५* टांगों में दर्द (leg pain)
६* कॉन्सेंट्रेशन की कमी होना- पढ़ाई या दूसरे कामों में मन ना लगना
७* आलस और सुस्ती छाई रहना
८* नींद ज़यादा आना
९* मानसिक रूप से परेशन रहना
१०* लिंग में जलन होना
११* eyesight वीक होना
१२* बार बार पेशाब आना
१३ *उठते बैठते समय चक्कर आना
१४* आँखों की आगे अंधेरा छाना
१५* हल्का सा काम करने पर भारी थकावट होना
१६* शरीर की रौनक और शक्ति ख़तम हो जाना
१७* मर्दाना कमज़ोरी होना

देसी घरेलू इलाज :

Dhat Rog ka Desi Gharelu Ilaj| Dhatu grina ke upchar ke upay

अच्युताय हरिओम रसायन चूर्ण

” अच्युताय हरिओम रसायन चूर्ण ” 1 ग्राम चूर्ण अथवा 1 से 2 ग्राम “अच्युताय हरिओम त्रिफला चूर्ण” पानी के साथ रोज दो बार लेने से वीर्यस्राव में लाभ होता है।

तुलसी

1 से 2 ग्राम तुलसी के बीज रात्रि को पानी में भीगोकर सुबह लेने से अथवा बड़ के पत्ते के दूध की कुछ बूँदें बताशे में डालकर रोज सुबह एक बताशे में डालकर रोज सुबह खाकर ऊपर से दूध पीने से 15-20 दिन में धातुस्राव बंद होकर वीर्य गाढ़ा होता है।

अश्वगंधा पाउडर

अश्वगन्धा या इंडियन goose berry पुरषों में कई रोग ठीक करने में असरदार मानी जाती है| यह धात गिरने को भी जल्दी ठीक करने में काफी उपयोगी मणि जाती है| अक्सर आयुर्वेदिक डॉक्टर्स इसे नपुंसकता, शीघ्रपतन में लेने की सलाह देते हैं| आप इस हर्ब को पाउडर या कॅप्सुल के रूप में ले सकते हैं| रोजाना रात को दूध में आधे से एक स्पून पाउडर मिलकर पीने से धात रोग कुछ ही दिनों में दूर हो जाता है|

भिंडी का पाउडर

भिन्डी में भी ऐसे गुण होते हैं जो की आपकी कमजोर नसों को शक्ति प्रदान कर वीर्य को अंदर रोके रखने की शक्ति को बढ़ते हैं| भिन्डी के एक चम्मच पाउडर को गरम दूध में मिलकर रोजाना रात को पीने से लाभ होता है|

शतावरी की जड़

शतावरी की जड़ के 20 ग्राम पाउडर को एक ग्लास दूध में उबाल करके छान लीजिए| ये दूध रोजाना रात को सोने से पहले पी लीजिए| हो सके तो सुबह भी पीयें| इससे आपका धात रोग और मर्दाना कमज़ोरी जल्दी दूर हो ज़ायगी| और आपमें नवशक्ति का संचार होगा|

अश्विनी मुद्रा

इसे योगा में अश्विनी मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है|ये एक ऐसी एक्सर्साइज़ है जो की पुरुषों में मर्दाना कमज़ोरी, नसोंमें कमज़ोरी, शीघ्रपतन, swapandosh, dhat रोग और दूसरी पुरुष संबंधी प्रॉब्लम्स को जड़ से ख़तम करने में सक्षम होती है| इसकी रोज प्रॅक्टीस करने से आपकी नसों को बल मिलता है फल्सवरूप आपकी ढीली नसे वापस स्ट्रॉंग हो जाती हैं और आपकी धात गिरने की प्राब्लम ख़तम हो जाती है| आप इस एक्सरसाइज को कभी भी कही भी कर सकते हैं| बस आपको करना यह है की अपनी गुदा को अंदर की तरफ खिचना हैं और लिंग को भी अंदर खीचना है| ऐसा करने पर आपको नीचे हल्की से गुद्गुदी महसूस होगी| आपको कुछ सेकेंड्स ऐसे ही रहना है फिर खींचाव कम कर देना है| ऐसा कुछ बार करना है| दिन में आप जब चाहें ये एक्सर्साइज़ कर सकते हैं, आपको निश्चित रूप से फ़ायदा होगा|

मसाज थेरपी

आप अपने पेनाइल एरिया की मसाज कुछ दिन तक कीजिए| पेनाइल एरिया आपकी गुदा और अंडकोष के बीच की जगह होता है| मसाज के लिए अरंडी का तेल इस्तेमाल करना ज़यादा फायदेमंद माना जाता है| बस अपनी उंगलियों पर तेल लगाकर पहले गोल-गोल हल्के हाथों से मालिश करें फिर गुदा की तरफ से अंडकोष की तरफ सीधे-सीधे कुछ देर मसाज करिए| ये आपकि नसों को बल देकर धातु रोग को ख़तम कर देगी.

अच्युताय हरिओम शिलाजीत

शिलाजीत एक बहुत ही प्रभावी कामोतेजक है लेकिन इसे गुप्त रोग जैसे वीर्य लीकेज में भी इस्तेमाल किया जा सकता है|

अदरक और शहद

अदरक की पेस्ट दूध के साथ उबाल लीजिए| इसे छान कर हनी मिला लीजिए| इसे पीने से मर्दाना कमज़ोरी, नपुंसकता और लीकेज प्रॉब्लम्स का अंत होगा तुरंत|
अर्जुना और चंदन

dhat रोग शरीर में अधिक गर्मी और नसों की वीकनेस के कारण भी होता है| इसलिए आप चंदन और अर्जुन की छाल प्रयोग कर इन दोनो कारणो को ख़तम कर सकते हैं| बस 2 चुटकी अर्जुन की छाल का पाउडर और एक चुटकी चंदन पाउडर एक कप पानी में मिलकर पीएं| ऐसा रोजाना 15 दिन तक करने से लाभ होगा.

धात रोग के कुछ और देसी इलाज और उपाय :

१* urad की दाल को देसी घी में भून लीजिए और इसमे मिशरी पाउडर या शहद मिलकर रोजाना खाएँ| हो सके तो उरद की दाल के लड्डू बना कर रख लीजिए और इनका रोजाना सेवन करिए|

२* 10 ग्राम सफेद मुलसी के पाउडर में मिश्री मिलकर एक गिलास गाये के मिल्क में घोल कर पी लीजिए| ऐसा रोजाना रात को सोने से पहले करिए|

३* रोजाना पपीता खाने या उसके रस का सेवन करने से धातु गिरना की समस्या में लाभ होता है|

४* 2 कटोरी दही सुबह और शाम कप खाने से वीर्य का लीकेज बंद हो जाता है|

५* त्रिफला चूर्ण रोजाना लेने से आपको कब्ज और धात रोग से मुक्ति मिलती है|

६* धवाई के फूल, चंदन, और लोधरा हर्ब के पाउडर को समान मात्रा में मिलाइए| इसके एक छोटे चम्मच पाउडर को शहद के साथ रोजाना खाइए|

७* सफेद मुसली, काली मुसली और अश्वगंधा के पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाइए| इस मिक्स्चर का आधा स्पून दूध में मिलाइए और अब दूध में शहद मिलकर रोजाना एक महीने तक पीजिए|

८* रात को 3-4 छुहारे (सुखी खजूर), कुछ बादाम, कुछ किशमिश पानी में भिगोकर रख दें| सुबहे उठकर इसे पीस लें और शहद मिलकार खाएँ, आपको फ़ायदा होगा|

९* गर्मि के दिनो में अमरस का भरपूर सेवन करिए| ये आपके रोग में लाभ देगा|

१०* 2 केले रोजाना भोजन के बाद  रात को खाने से भी लाभ होगा|

११* हल्दी (वाइल्ड turmeric) युक्त दूध पीने से भी ये रोग ठीक होता है|

धात रोग से बचने के टिप्स | धातु गिरना से बचाव के कुछ तरीके :

१* विचारो को साफ़ और शुद्ध रखो और ऐसा करने के लिए आप योगा और मेडिटेशन की हेल्प ले सकते हैं| साथ ही बुरी संगति से बचो और अपना ध्यान अच्छी ज्ञांवर्धक चीज़ों में लगाओ| अच्छे प्रोग्रॅम्स देखो, अच्छी बुक्स पढ़ो, अच्छा म्यूज़िक सुनो आदि| इनसे आपका मान बुरे ख्यालों से हट जाएगा फलसवरूप आपका मन प्रसन्न रहेगा|

२* एक्सर्साइज़ रोजाना करने की आदत बनाओ और ऐसा करने से आप अपनी health के प्रति जागरूक हो जाओगे और इससे बुरी आदतें जैसे हस्तमैथुन ज़यादा करने के समस्या ऑटोमॅटिकली कम होने लगेगी| साथ ही आपकी नसों को बल मिलेगा और धात गिरना भी बंद हो जायगा|

३* आहार हमेशा संतुलित करें और ऐसा आप फल, सब्जियाँ, प्रोटीन युक्त चीज़ें आदि खा कर कर सकते हैं| आपको सही health बनाए रखने केलिए प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, fiber और healthy fats चाहिए होते हैं| ये सब आपको दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, सोयाबीन, केला, सेब, पपीता, जामुन, आलूबुखारा, लिची, आम, अखरोट, बादाम, नारियल पानी, चुकुंदर, तरबूज, अलसी का तेल, ऑलिव आयल और दूसरे फ्रूट्स और वेजिटेबल्स खाकर कर सकते हो| भोजन हमेशा हल्का फूलका और easy-to-digest टाइप का ही होना चाहिए|

४* अपनी आदतें सुधरो जैसे रात को जल्दी सोयें और सुबह जल्दी उठें| साथ ही सुबह उठकर खूब सारा पानी पीयें और मॉर्निंग वॉक पर जायें| लेट नाइट जागने की आदत बंद करिए| हेल्ती हॅबिट्स अपनाने पर आपको अपने अंदर नयी उर्जा की अनुभूति होगी|

५* alcohol, धुमर्पान, टोबॅको, और दूसरे नशीले पदार्थ आपकी नसों को कमजोर बनाते हैं इस कारण आपको धात रोग का शिकार होना पड़ता है| इसलिए आज से ही उन चीज़ों को बंद कर दीजिए|

६* मसालेदार मीन्स स्पाइसी फुड्स, तली हुई चीज़ें, और जंक फुड्स का सेवन बंद करके घर में बना हुआ पौष्टिक खाना ही खायें|

७* पानी और दूसरे फ्रूट और वेजिटेबल्स के juice खूब पीयें इससे आपको सही पोषण के साथ पानी भी मिलेगा जो आपके शरीर की गर्मी कम करेगा, कब्ज की समस्या दूर होगी साथ ही आपके बॉडी के functions भी सुधरेगे|
८* अपना फ्रेंड सर्कल अच्छा कीजिए और बुरे विचारो वाले लोगो से दूर रहिए| अकसर बुरे दोस्त और रिश्तेदार हमारे सही दिमाग़ को बुरी चीज़ों की तरफ डाइवर्ट कर देते हैं|

धात रोग का घरेलू इलाज या उपचार तब सफल होगा जब आप घरेलू नुस्खे फॉलो कारने के साथ साथ अच्छी डाइट और रेग्युलर एक्सर्साइज़ रुटीन अपनाने के साथ साथ कुछ हेल्ती लाइफस्टाइल हॅबिट्स भी अपनाएंगे|

विशेष : आश्रम द्वारा प्रकाशित ” युवाधन सुरक्षा ” किताब को एक बार जरुर पढ़े |

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