मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करते है यह 19 घरेलू उपचार | Home Remedies for Irregular Periods

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मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करते है यह 19 घरेलू उपचार | Home Remedies for Irregular Periods

मासिक धर्म की अनियमितता के कारण

1. मासिक धर्म की अनियमितता महिला की किसी प्रकार की बिमारी के कारण भी हो सकती हैं. अगर कोई महिला एक महीने से अधिक समय तक बीमार हो तो उसे मासिक धर्म की अनियमितता की शिकायत हो सकती हैं.

2. अगर किसी महिला को थायराइड की बीमारी हैं. तो उसे भी मासिक धर्म की अनियमितता(masik dharm me aniyamitata) की समस्या हो सकती हैं.

3. मासिक धर्म की अनियमितता गर्भावस्था की शुरुआत के कारण भी हो सकती हैं.

4. अधिकतर स्त्रियां हमेशा परेशान रहती हैं. जिससे उनके उपर मानसिक दबाव व तनाव बढ़ जाता हैं. प्रत्येक महिला के शरीर में तिन प्रकार के हार्मोन होते हैं. एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन तथा टेस्टोंस्टेरोन आदि. इन तीनों में से अगर महिला अधिक तनाव में रहती हैं तो पहले दो हार्मोन पर सीधा असर पड़ता हैं. जिसके कारण महिला के मासिक धर्म में अनियमितता होनी शुरू हो जाती हैं.

5. कभी – कभी अधिक व्यायाम करने के कारण भी महिला को मासिक धर्म की अनियमितता की शिकायत हो जाती हैं. अधिक व्यायाम करने से महिला के शरीर में उपस्थित एस्ट्रोजन हार्मोन की संख्या में वृद्धि हो जाती हैं. जिससे मासिक धर्म रुक जाते हैं और महिला को मासिक धर्म की अनियमितता की समस्या का सामना करना पड़ता हैं.

6. मासिक धर्म की अनियमितता महिला के खानपान में असंतुलन के कारण भी हो जाती हैं.

7. मासिक धर्म की अनियमितता महिला के शरीर का वजन बढने या घटने के कारण भी हो जाती है.

आइये जाने मासिक धर्म की अनियमितता(masik dharm me aniyamitata) को दूर करने के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय| Home Remedies for Irregular Periods in Hindi

उपाय :

1. कलौंजी: लगभग आधा से डेढ़ ग्राम तक की मात्रा में कलौंजी के चूर्ण की फंकी लेने से मासिक-धर्म का कष्ट दूर होता है और मासिक-धर्म नियमित समय पर आता है।

2. अकरकरा: अकरकरा का काढ़ा बनाकर पीने से मासिक-धर्म समय पर होता है।

3. करेला: करेला के पत्तों के रस में सोंठ, कालीमिर्च और पीपल का चूर्ण मिलाकर पीने से मासिक-धर्म शुद्ध होता है।

4. केसर: केसर और अकरकरा की गोली बनाकर खाने से कष्टप्रद मासिक-धर्म ठीक होता है और मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

5. अरीठा: 3-4 अरीठों को पानी में पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर रोगी को खिलाने से कष्टप्रद मासिक-धर्म शुद्ध होता है।

6. एलुवा: पेड़ू पर एलुवा का लेप करने से मासिक-धर्म ठीक हो जाता है।

7. नीम: नीम की छाल 4 ग्राम की मात्रा में लेकर 20 ग्राम गुड़ के साथ पानी में उबालें। जब आधा पानी रह जाए तब इसे उतारकर गुनगुना पीने से मासिक-धर्म की रुकावट दूर हो जाती है और मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

8. अजवायन: 3 ग्राम अजवायन का चूर्ण गर्म दूध के साथ सेवन करने से रुका हुआ मासिक-धर्म नियमित रूप से आना शुरू हो जाता है।

9. चमेली: चमेली के पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) का काढ़ा बनाकर पीने से मासिक-धर्म की रुकावट दूर हो जाती है और मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

10. पीपल: पीपल की लकड़ी 4 ग्राम बारीक पीसकर दूध के साथ सेवन करने से मासिक-धर्म की रुकावट मिट जाती है और मासिक-धर्म की नियमित रूप से आने लगता है।

11. मूली: मूली के बीजों के चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में देने से मासिक-धर्म की रुकावट मिटकर मासिक धर्म साफ होता है।

12. गाजर: यदि मासिक-धर्म न आता हो तो 2 चम्मच गाजर के बीज और 1 चम्मच गुड़ को 1 गिलास पानी में उबालकर रोजाना सुबह-शाम 2 बार गर्म-गर्म पियें तो इससे मासिक-धर्म में होने वाला दर्द भी दूर हो जाता है।

13. सफेद पेठा: भूरे कुम्हड़े के साग को घी में बनाकर खाने से या उसका रस निकालकर उसमें शक्कर मिलाकर सुबह और शाम आधा-आधा कप पीने से औरतों के मासिक-धर्म के समय खून जाना, शरीर में जलन और खून की कमी के रोगों में मदद मिलती है।

14. प्याज: कच्चा प्याज खाने से असमय ही रुका हुआ मासिक-धर्म नियमित हो जाता है।

15. अंगूर: 100 ग्राम अंगूर रोज खाते रहने से मासिकधर्म नियमित रूप से आता है, इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

16. तुलसी: तुलसी की जड़ का चूर्ण चौथाई चम्मच 1 पान में रखकर खिलाने से रक्तस्राव में लाभ मिलता है।

17. तिल:

  • तिल का काढ़ा बनाकर पीने से मासिक-धर्म की अनियमितताmasik dharm me aniyamitata) नष्ट हो जाती है।
  • तिल के काढ़े में सोंठ, कालीमिर्च और पीपल का चूर्ण डालकर पीने से मासिक-धर्म की रुकावट(masik dharm me aniyamitata) दूर हो जाती है।

18. मेथी:

  • 4 चम्मच मेथी को 1 गिलास पानी में उबालें, जब पानी की मात्रा आधी रह जाए तो गुनगुने पानी का सेवन करने से इन रोगों मासिक-धर्म न आना (अनार्तव), दमा, खांसी में लाभ मिलता है।
  • दाना मेथी के 4 चम्मच को 1 गिलास पानी में उबालें जब पानी आधा रह जाये तो छानकर गर्म-गर्म ही पीने से मासिक धर्म खुलकर आयेगा। मासिक धर्म के समय होने वाला दर्द नहीं होगा और आराम मिलेगा। मासिक-धर्म का भी सौन्दर्य पर प्रभाव पड़ता है। मासिक धर्म नहीं आने से, देर से आने से, दर्द के साथ आने पर चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ जाते हैं। ऊपर बताये अनुसार मेथी का पानी पीने से मासिक-धर्म नियमित आयेगा तथा इसके विकार ठीक हो जायेंगे।

19. मजीठ:

  • मजीठ की जड़ का चूर्ण 1 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित रूप से कुछ दिन तक लेने से समस्त कष्ट दूर हो जाएंगे।
  • मजीठ का चूर्ण 10 ग्राम की मात्रा में खाने से मासिक-धर्म की रुकावट दूर हो जाती है और मासिक-धर्म नियमित हो जाता है।

विशेष : अच्युताय हरिओम सौभाग्य सुठी पाक” का सेवन मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करता है |

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