संतरा खाने के 59 लाजवाब फायदे | Amazing Benefits of Orange in Hindi

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संतरा खाने के 59 लाजवाब फायदे | Amazing Benefits of Orange in Hindi

संतरे के सेहतमंद लाभ | Santra Khane ke Labh in Hindi

संतरे के स्वास्थ्यवर्धक गुण :Santre ke Gun

• संतरे में 23 स्वास्थ्यवर्द्धक गुण पाये जाते हैं। यूरोपवासी इसे बहुत उपयोगी मानकर इसे गोल्डन एप्पल के नाम से संबोधित करते हैं।
• orange juice benefits during pregnancy in hindi : गर्भवती औरतों को चाहिए कि वे गर्भावस्था के समय रोजाना 1 गिलास संतरे का रस पियें इससे संतान गोरे रंग की उत्पन्न होती है। इसके साथ ही यह गर्भवती की उल्टी को रोकने में सहायता करता है।
• रोगी के लिए संतरे का रस पानी, दवा और आहार का काम करता है। यह पेट की बढ़ती गर्मी को रोकता है और मुंह के स्वाद को सुधारता है।
• संतरे में विटामिन `सी´ व `डी´ का अद्भुत मिश्रण होता है। यह पेड़ पर ही धूप एवं हवा के संयोग से पक जाता है। संतरा रोग निरोधक शक्ति को बढ़ाता है। इसमें ग्लूकोज व डेक्सटोल 2 ऐसे तत्त्व होते हैं, जो जीवनदायिनी शक्ति से परिपूर्ण होते हैं। इसलिए संतरा न केवल रोगी के शरीर में ताजगी लाता है बल्कि अनेक रोगों के लिए लाभदायक भी होता है।
• संतरे के रस में घुलनशील ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, सूक्रोज कार्बनिक एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें विटामिन `सी´, विटामिन `बी´ कॉम्लेक्स, विटामिन `ए´, खनिज तत्त्व, कुछ मात्रा में पौष्टिक पदार्थ एवं अन्य पोषक तत्त्व होने के कारण इसकी गणना पौष्टिक भोजन के रूप में की जाती है। बुखार के रोगी को संतरे का रस देने से शांति और ताकत मिलती है। मुंह सूखने व प्यास लगने की शिकायत दूर होती है। शरीर में खुश्की नहीं बढ़ पाती है। इसके रस को दिन में बार-बार भी पी सकते हैं।
• खून साफ करने के लिए व्रत में इसके रसाहार पर अनेक प्रयोग किए गए हैं। इसे शरीर शोधक व लगातार भोजन में जगह देने योग्य बताया गया है।

संतरे के फायदे व विभिन्न रोगों का उपचार :

1) प्यास : pyas adhik lagana
• प्यास अधिक लगने पर संतरा का सेवन करने से प्यास कम होती है।
• प्यास अधिक लगने पर संतरा खाने से प्यास कम हो जाती है।
2) रक्तशोधक : रोजाना संतरा खाने से शरीर में खून की सफाई होती है।
3) शक्तिवर्धक : कमजोर व्यक्ति रोजाना 1 गिलास संतरे का रस सुबह, दोपहर कुछ सप्ताह तक पीते रहें तो उनके शरीर में ताकत आ जाती है जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं, कमजोर होते है, उनके लिए संतरे का रस बहुत लाभदायक होता है।
4) मुंहासे : संतरे के सूखे छिलकों को पीसकर चेहरे पर मलने से चेहरे के मुंहासे दूर हो जाते हैं।
5) शक्तिवर्धक स्नायुविक : संतरा स्नायु-मण्डल को उद्वीप्त करता है, जिससे कब्ज दूर होती है। स्नानु रोगों (सांस सबंधित बीमारियों) से पीड़ित एवं तनाव ग्रस्त रोगियों के लिए संतरा लाभदायक है।
6) कब्ज :
santre ka juice ke fayde: जिन व्यक्तियों को कब्ज की शिकायत रहती है उन्हें चाहिए कि कुछ दिनों तक संतरे का रस रोजाना पियें।
• रोजाना खाना खाने के बाद और सोने से पहले संतरा खाने से पेट में कब्ज नहीं बनती है।
• सुबह नाश्ते में संतरे का रस कुछ दिन तक पीते रहने से मल प्राकृतिक रूप से आने लगता है। यह पाचनशक्ति (भोजन पचाने की क्रिया) को बढ़ाता है।
7) चेचक के दाग : संतरे के छिलकों को सुखा कर पीस लें। 4 चम्मच गुलाबजल को मिलाकर लेप बनाकर रोजाना चेहरे पर मलने से चेचक के दाग हल्के हो जाते है।
8) लम्बी उम्र के लिए : 1 गिलास संतरे का रस रोजाना पीने से मनुष्य की उम्र लम्बी होती हैं।
9) खून की कमी : संतरे का रस रोजाना सेवन करने से खून की कमी, पायरिया, आंखों की जलन, त्वचा के रोग, हाथ-पैर की जलन आदि रोगों में बहुत लाभ मिलता है।
10) अपच : अपच के रोगियों को चाहिए कि वह संतरे के रस को गर्म करके उसमें काला नमक ओर सोंठ का चूर्ण पीसकर मिला लें। आमाशय के रोग में यह पेय रामबाण का काम करता है।
11) मधुमेह :
• मधुमेह के रोगियों को संतरा दिया जा सकता है। मानसिक तनाव, हाईब्लडप्रेशर, गर्मी के रोग, अजीर्ण (भूख न लगना), कोष्ठबद्धता (कब्ज) आदि में इसका रस बहुत उपयोगी एवं प्रभावी है।
• संतरे के छिलकों को छाया में सुखाकर पीस लें। फिर इस 4 चम्मच चूर्ण को 1 गिलास पानी में उबालकर छान लें और रोजाना पीयें। इससे मधुमेह (डायबिटीज) रोग में लाभ मिलता है।
12) बच्चों के रोग : छोटे बच्चों को संतरे का रस पिलाने से उनका शरीर मजबूत और खून साफ होता है। हडि्डयां मजबूत होती हैं तथा त्वचा निरोग रहती है।
13) पायरिया :
• संतरे के रस को गाय के दूध के साथ सेवन करने से पायरिया रोग, पाचनशक्ति कमजोर होना, कमजोरी, नींद न आना, पुरानी खांसी, आंखों के रोग, उल्टी, पथरी, जिगर के रोगों में बहुत ही लाभ होता है। संतरे में दिल के रोग, वात विकार और पेट के रोगों को दूर करने की अदभुत क्षमता है।
• रोजाना संतरा खाने से पायरिया रोग में लाभ होता है। संतरे के छिलकों को छाया में सुखाकर पीस लें और उससे रोज मंजन करें। इससे दान्तों का पायरिया रोग दूर हो जाता है और दांत भी मजबूत होते हैं।
14) इनफ्लूएन्जा : संसार के कुछ हिस्सों में विश्वास है कि इन्फ्लूएन्जा हो रहा हो या महामारी के रूप में फैल रहा हो तो संतरे का सेवन करने से बचा जा सकता है। फ्लू होने पर भी संतरा लाभदायक है। इन्फ्लूएंजा होने पर केवल संतरे का ही सेवन करें और गर्म पानी ही पीना चाहिए।
15) गुर्दे के रोग : सुबह नाश्ते से पहले 1-2 संतरे खाकर ऊपर से गर्म पानी पीने से या संतरे का रस पीने से गुर्दे के रोग अच्छे हो जाते हैं। संतरा गुर्दे को स्वस्थ रखने में लाभदायक है। सेब और अंगूर भी एक जैसा ही लाभ पहुंचाते हैं। गुर्दे को स्वस्थ रखने के लिए सुबह खाली पेट फलों का रस लाभदायक होता है।
16) सर्दी-खांसी: सर्दी या खांसी होने पर गर्मी में ठंडे पानी के साथ और सर्दी में गर्म पानी के साथ संतरे का रस पीने से लाभ होता हैं।Santra Khane ke Labh fayde Benefits of Orange
17) जुकाम :
• खांसी या जुकाम होने पर 1 गिलास संतरे का रस पीने से लाभ होता है। स्वाद के लिए इसमें नमक या मिश्री मिलाकर पी सकते हैं।
• जुकाम होने पर सर्दी में गर्म पानी के साथ और गर्मी में ठंडे पानी के साथ संतरे का रस पीने से आराम आता है। 1 संतरे के छोटे-छोटे टुकड़े करके 1 गिलास पानी में डालकर उबाल लें। उबलने पर जब पानी आधा बाकी रह जाये तो इसे छानकर सुबह-शाम पीने से जुकाम में आराम आता है।
• संतरे के छिलको का काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम दूर हो जाता है।
18) बच्चों का सर्दी से बचाव : बच्चों को रोजाना मीठे संतरे का रस पिलाते रहने से सर्दी के मौसम में कोई बीमारी नहीं होती। दूध पीते बच्चों के लिए यह लाभदायक है। इससे शरीर में ताकत भी बढ़ती है।
19) बच्चों का पौष्टिक भोजन : बच्चे को जितना दूध पिलायें उसमें उस दूध का 1 भाग मीठे संतरे का रस मिला कर पिलायें। यह बच्चों का पौष्टिक पेय है। इससे शरीर का वजन भी बढ़ता हैं।
20) गर्भवती का भोजन : गर्भवती महिला को पूरे गर्भ के समय में रोजाना 2 संतरे खिलाते रहने से होने वाला बच्चा सुन्दर होता है।
21) शिशु शक्तिवर्धक : बच्चों को संतरे का रस पिलाने से बच्चें कुछ ही दिनों में मोटे-ताजे हो जाते हैं तथा उनका पोषण तेजी से होता है। हडि्डयों की कमजोरी और टेढ़ापन दूर होकर हडि्डयां मजबूत हो जाती हैं। डिब्बे या गाय का दूध पीने वाले बच्चों को संतरे का रस रोजाना पिलाना जरूरी हैं। इसके रस को पीने से सूखा रोग (रिकेट्स) ग्रस्त बच्चे मोटे-ताजे हो जाते हैं। इसका रस आंतों की गति को तेज करता है।
22) शराब छुडाना : सुबह नाश्ते से पहले संतरे के रस का सेवन करने से शराब पीना की इच्छा कम होती है।
23) आंत्रज्वर (टायफाइड) : संतरा गर्मी, बुखार और अशांति को दूर करता है। रोगी को दूध में संतरे का रस मिलाकर पिलायें या दूध पिलाकर संतरा खिलायें। दिन में कई बार संतरे का सेवन कराना चाहिए। इससे गर्मी कम होती है और मल-मूत्र खुल कर आता है।
24) बुखार के लिए : संतरे को रोजाना खाने से बुखार और प्यास शांत होती है और यह भोजन करने की रूचि को भी बढ़ाता है।
25) दांत निकलना : संतरे के रस को गर्म करके 2 चम्मच रस बच्चों को रोजाना 2 से 3 बार पिलाने से बच्चे के दांत आसानी से निकल आते हैं।
26) वमन (उल्टी) :
• अगर ऐसा लगने लगे कि उल्टी आने वाली है तो संतरा या संतरे को खाने से या उनका रस पीने से लाभ होता है। बस में सफर करते समय उल्टी रोकने के लियें संतरा खाने से लाभ होता है।
• संतरे के सूखे छिलकों को पीसकर उसके अन्दर संतरे से दो गुना ज्यादा शक्कर मिलाकर खाने से उल्टी होना बंद हो जाती है। 2 ग्राम संतरा के शुष्क (सूखे) छिलकों के चूर्ण में शहद मिलाकर चाटने से उल्टी आना बहुत जल्दी बंद हो जाती है।
27) गैस :
• संतरे का सेवन से जिगर के रोग ठीक होते हैं। गैस या किसी भी कारण से जिनका पेट फूलता हो, भारी रहता है, अपच (भोजन ना पचना) हो, उनके लिए यह लाभकारी है। रोजाना सुबह 1 गिलास संतरे का रस पी लिया जाये तो आंते साफ हो जाती हैं जिससे रोगी को कब्ज नहीं रहता है।
• 1 गिलास संतरे का रस रोजाना सुबह पीने से आंते साफ हो जाती हैं और पेट में गैस नहीं रहती है तथा जिगर भी ठीक तरह से काम करने लगता है।
28) मुंह का सौन्दर्य : संतरे का रस निकालकर चेहरे पर मलने से चेहरे की चमक व सौन्दर्य बढ़ता है।
29) परिणामशूल : पेट में जख्म, फोड़े, नासूर आदि हो तो रोजाना संतरे का सेवन लाभदायक होता है।
30) पीलिया : रोजाना संतरे का सेवन करने से पीलिया रोग में बहुत आराम मिलता है।
31) जख्म : संतरे का सेवन करने से जख्म जल्दी भर जाता है।
32) अरुचि : संतरे की कलियों पर पिसी हुई सौंठ तथा कालानमक डालकर सेवन करने से 1 सप्ताह में ही भूख खुलकर लगने लगती है। सुबह खाली पेट 2 संतरे रोजाना खाने से भूख अच्छी लगती है। इससे पेट की गड़बड़ी भी ठीक हो जाती है।
33) छाती के रोग : हृदय (दिल), टी.बी., सांस और छाती के हर रोगों में संतरे का सेवन बहुत ही लाभदायक होता है।
34) बच्चों के दस्तों में : संतरे का रस दूध में मिलाकर बच्चों को पिलाने से बच्चों के दस्त बंद हो जाते हैं।
35) उल्टी और जी मिचलाने पर : जी मिचलाने और उल्टी होने पर संतरे का सेवन करने से लाभ होता है। लम्बी यात्रा करने पर गाड़ी आदि में जी मिचलाने या उल्टी आने पर संतरा खाना या उसका रस पीना बहुत ही फायदेमंद होता है।
36)मच्छर-मक्खी : संतरे के सूखे छिलकों को जलते हुए कोयलों पर डाल दें। इसका धुआं चमकदार और खुशबूदार होता है जिससे मक्खी-मच्छर भाग जाते हैं। घर में जहां कहीं खटमल हों, वहां संतरे के छिलके रखने से वहां नही रहेंगे।
37) दमे या श्वास का रोग : संतरे के रस में शहद को मिलाकर पीने से हृदय रोगियों को आराम मिलता है। टी.बी., दमा, जुकाम, श्वास (सांस) के रोग और बलगम होने पर संतरे के रस को चुटकी भर नमक और 1 चम्मच शहद के साथ पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है।
38) दस्त के होने पर : संतरे के रस को मां या बकरी के दूध के साथ बच्चों को पिलाने से दस्त की परेशानी से छुटकारा मिल जाता है।
39) गर्भवती स्त्री का अतिसार (दस्त) : मीठे संतरे का शर्बत पीने से गर्भवती स्त्री का अतिसार (दस्त) रुक जाते हैं।
40) खाज-खुजली : संतरे के छिलकों को चटनी के जैसे पीसकर उससे शरीर में जहां पर खजुली हो उस जगह पर लगाने से आराम आता है।
41) हाथ-पैरों की ऐंठन : हाथ-पैरों में ऐंठन होने पर 25 से 50 मिलीलीटर संतरे के फलों का रस निकाल कर पीने से दर्द में आराम मिलाता है।
42) त्वचा के रोगों के लिए : संतरे का रस रोजाना पीने से खून साफ हो जाता है और त्वचा के रोग समाप्त हो जाते हैं।
43) निम्न रक्तचाप (लो ब्लडप्रेशर): संतरे या संतरे के रस में हल्का-सा नमक डालकर पीने से निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) सामान्य हो जाता है।
44) चेचक (बड़ी माता) के लिए : संतरों के छिलके को पीसकर चेचक के दानों पर लगाने से लाभ होता है।
45) दाद के लिए : संतरे की पोटली बनाकर दाद पर बांधने से दाद ठीक हो जाता है।
46) घमौरियों के होने पर : santre ke chilke ke fayde संतरे के छिलकों को सुखाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को गुलाबजल में मिलाकर शरीर पर लेप करने से शरीर की घमौरियां ठीक हो जाती हैं।
47) त्वचा का कोमल और मुलायम होना : संतरे के छिलकों को छाया में सुखाकर पीस लें तथा दूध में मिलाकर घोल बना लें और शरीर में लेप कर लें। शरीर में जहां पर भी इसका लेप होगा वहां की त्वचा कोमल और मुलायम हो जायेगी।
48) सौंदर्य प्रसाधन : 20 से 40 मिलीलीटर संतरे का शर्बत जरूरत के मुताबिक पानी में मिलाकर पीने से भूख न लगना, भोजन न पचना और जलन को तो ठीक करता ही है साथ ही त्वचा के रंग को निखार कर खूबसूरती को भी बढ़ाता है।
49) बच्चो का सही पालन पोषण : 4 महीने के बच्चे को रोजाना दोपहर में एक पूरे संतरे का रस निकालकर और छानकर पिलाना चाहिए। अगर जरूरत पडे़ तो 4 सप्ताह के बच्चे को संतरे का रस और पानी बराबर मात्रा में मिलाकर 2 चम्मच दिया जा सकता है। यह रस पिलाने से बच्चा सेहतमंद होता है और उसका रंग भी साफ हो जाता है।
50) बवासीर (अर्श) : संतरे के छिलकों को छाया में सुखाकर बारीक पीस लें और इसमें देशी घी बराबर मात्रा में मिलायें। यह चूर्ण 1-1 चम्मच रोजाना 3 बार गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से बवासीर में आराम मिलता है।
51) अल्सर की बीमारी में : भोजन करने के बाद 2 चम्मच संतरे का रस रोजाना पीने से अल्सर (पेट में जख्म) ठीक हो जाता है।
52) अम्लपित्त : संतरे के 100 मिलीलीटर रस में थोड़ा-सा भुना पिसा हुआ जीरा मिलाकर पीने से अम्लपित्त (एसीडिटी) नष्ट हो जाती है।
53) लू का लगना : संतरे, मौसमी और अनार के रस को ठंडा करके रोगी को पिलाने से लू के रोगी को बहुत लाभ मिलता है।
54) गर्मी अधिक लगना : 20 से 40 मिलीलीटर संतरे के रस को पानी में सही मात्रा में मिलाकर पीने से शरीर में कम गर्मी लगती हैं। इसके अलावा इससे सिर का दर्द भी बंद हो जाता हैं।
55) पक्वाशय का जख्म होने पर : संतरे का प्रयोग करने से पेट में घाव, जख्म और नासूर मे बहुत आराम मिलता है।
56) पेट के कीड़ों के लिए : रोजाना सुबह संतरे का रस पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
57) पेट में दर्द के लिए :
• 4 चम्मच संतरे के रस में थोड़ी-सी मात्रा में हींग को घोलकर पीने से पेट का दर्द दूर हो जाता है।
• 20 मिलीलीटर संतरे के रस में थोड़ी-सी भुनी हुई हींग और काला नमक मिलाकर पीने से पेट का दर्द समाप्त हो जाता हैं।
• संतरे की फांक के छिलके को प्रयोग करने से पेट का दर्द, मन्दाग्नि (भूख कम लगना) और कमजोरी में लाभ होता हैं।
58) गठिया रोग : रोजाना संतरे का सेवन करने से गठिया (घुटनो का दर्द) रोग में बहुत लाभ होता है।
59) चेहरे की झाईयां :santre ke chilke ke fayde
• 10-10 ग्राम संतरे का सूखा छिलका, कतीरा, जौ, चना, मसूर, निसास्ता गंदन, बादाम की गिरी, खरबूजे की गिरी को पीसकर और छानकर 2 चम्मच दूध या पानी में मिलाकर सोते समय चेहरे पर लगाएं। सुबह हल्के गर्म पानी से चेहरे को धोकर बादाम रोगन या चमेली का तेल लगाने से चेहरे की झाईयां दूर हो जाती हैं।
• santre ke chilke ke nuskhe :संतरा के छिलके को सुखाकर पीस लें। फिर इसमें पानी मिलाकर चेहरे पर लेप करने से त्वचा मुलायम और सुन्दर होती है।
• संतरे के छिलकों को सुखाकर पीस लें। इसमें नारियल का तेल और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की त्वचा बिल्कुल कोमल बनी रहती है।
• संतरे के छिलके और नींबू के छिलके को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर निखार आता है।

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2018-03-14T13:00:27+00:00 By |Herbs|0 Comments

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