कृपा मातेश्वरी ! देवेश्वरी ! हे करुणामई ! तुम हमारे ह्रदय में सदा रहना.. कलयुग के दोषों से हमारी मधुमय साधना छूट न जाए |

अगर साधना को विघ्न आता है तो  “ॐ नमो: सर्वार्थ साधिनी स्वाहा: |”  बस! विघ्न गए और प्रभु  का आनंद और प्रभु के दीवाने रहे |
-Pujya Bapuji
CD Pi Le Dhyan Ki Bhang (Dhyan)