पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

घर पर ही बनाये चमत्कारिक दवा हरिद्रा खंड | Make Haridrakhand at Home

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घर पर ही बनाये चमत्कारिक दवा हरिद्रा खंड | Make Haridrakhand at Home

यह हल्दी से बनी एक आयुर्वैदिक औषधि है. हरिद्राखंड एक सुप्रसिध्द औषधि है जो बाजार में मिलती है। 1-1 चम्मच सुबह-शाम पानी से सेवन करना चाहिये। इसके प्रयोग से मौसमी और एलर्जिक ज़ुकाम , शीतपित्त, खाज, खुजली, एक्जिमा, सोराईसिस, एलर्जी जैसे भयंकर दु:साध्य चर्म रोग भी अच्छे होते हैं। यह विरेचक होने से कोष्ठशुध्दि भी करता है।

घर में बनाने की विधि-

– 320 gm हल्दी / ताज़ी गीली हल्दी सवा कि. मिक्सी में पीस ले , 240 gm गाय का घी , दूध – 5 kg , शकर – 2 kg,
[ सौंठ , काली मिर्च , पीपर , तेजपात , छोटी इलायची , दालचीनी , वायविडंग , निशोथ , हरड, बहेड़ा , आंवला , नागकेशर , नागरमोथा, और लौह भस्म ] प्रत्येक 40-40 gm
हल्दी को दूध में मिलाकर उबालकर अटा ले और मावा या खोया बना ले. इसमें घी डालकर धीमी आंच पर भूने. फिर इसमें शकर डालकर मिला ले. शकर गलने तक बाकी औषधियों का कपडछन चूर्ण भी मिला ले. अच्छी तरह पक जाने पर छोटे छोटे लड्डू बना ले.
इसे 20- 25 gm की मात्रा में दो बार दूध के साथ ले.

बाज़ार में मिलने वाले हरिद्राखंड में घी और दूध नहीं होता , इसलिए इसे 5 gm की मात्रा में ले.

2017-03-21T15:09:10+00:00 By |Ayurveda|0 Comments

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