पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

एक सनातनी परंपरा जिसे हम कुछ भूल से गये | वास्तु शास्त्र | Vastu Tips

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एक सनातनी परंपरा जिसे हम कुछ भूल से गये | वास्तु शास्त्र | Vastu Tips

घर पर भगवा ध्वजा लगाने से बढ़ता है सुख क्योंकि…

1) ध्वजा को विजय और सकारात्मकता
ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
इसीलिए पहले के जमाने में जब युद्ध में
या किसी अन्य कार्य में विजय प्राप्त
होती थी तो ध्वजा फहराई जाती थी।

2) वास्तु के अनुसार
भी ध्वजा को शुभता का प्रतीक
माना गया है। माना जाता है कि घर पर ध्वजा
लगाने से नकारात्मक
ऊर्जा का नाश तो होता ही है साथ
ही घर को बुरी नजर
भी नहीं लगती है।

3) घर के उत्तर-पश्चिम कोने में यदि ध्वजा लगाई
जाती है तो उसे वास्तु के दृष्टिकोण से बहुत अधिक
शुभ माना जाता है।

4) वायव्य कोण यानी उत्तर पश्चिम में
ध्वजा वास्तु के अनुसार जरूर लगाना चाहिए
क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उत्तर-पश्चिम कोण यानी
वायव्य कोण में राहु का निवास माना गया है।ज्योतिष
के अनुसार राहु को रोग, शोक व दोष का कारक
माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यदि घर के इस
कोने में किसी भी तरह का वास्तुदोष हो या ना
भी हो तब भी ध्वजा लगाने से  घर में रहने वाले
सदस्यों के रोग, शोक व दोष का नाश होता है और घर
की सुख व समृद्धि बढ़ती है।

2017-01-30T11:49:25+00:00 By |Vastu|0 Comments

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