पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

एक्यूप्रेशर द्वारा ह्रदयरोग का सफल उपचार | Acupressure points for heart problems

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एक्यूप्रेशर द्वारा ह्रदयरोग का सफल उपचार | Acupressure points for heart problems

★ हृदय लाल रंग के थैले जैसा और चार खण्डों वाला अंग होता है जो शरीर दोनाें फेफड़ों के बीच और छाती की बांयी तरफ होता है।
★ इंसान के जीवन से मृत्यु तक हृदय अपना काम करता रहता है।
★ महिलाओं की उपेक्षा पुरूषों का हृदय का आकार बड़ा होता है।
★ हृदय को रोग से बचाना बहुत जरूरी है। हृदय की मुख्य समस्या जैसे हृदय घात, ब्ल्डपे्रशर और सीने में जलन आदि।
★ इसलिए हम आपको बता रहे हैं कैसे एक्यूपे्रशर के जरिए आप दिल की बीमारी से बच सकते हो।

एक्यूप्रेशर से हृदय रोग का उपचार:acupressure points for heart problems

१] ह्रदय से संबंधित प्रतिबिम्ब केंद्र बायें तलवे तथा बायीं हथेली में ऊँगलियों से थोडा नीचे होते हैं | जहाँ दबाने से अपेक्षाकृत अधिक दर्द हो अर्थात काँटे जैसी चुभन हो, उन केन्द्रों पर विशेष रूप से दबाव दें | ( देखें चित्र -१ )

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२] ह्रदयरोगों (heart problem)के निवारण के लिए स्नायु संस्थान, गुर्दों तथा फेफड़ों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है | अत: इनसे संबंधित प्रतिबिम्ब केन्द्रों पर भी दबाव देना चाहिए | ( देखें चित्र – २ तथा ३ )

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★ ह्रदयरोगों के निवारण तथा ह्रदय को सशक्त बनाने के लिए अंत:स्त्रावी ग्रंथियों ( पिट्युटरी, पीनियल, थायराँइड आदि ) की कार्यप्रणाली को अधिक प्रबल बनाने की आवश्यकता होती है |
★ अत: इनसे संबंधित प्रतिबिम्ब केन्द्रों पर भी दबाव देना चाहिए |
★ वर्तमान समय में अनियमित दिनचर्या, अप्राकृतिक खान-पान, व्यायाम तथा शारीरिक परिश्रम न करना, दवाइयों का अधिक सेवन करना, अपर्याप्त निद्रा, मानसिक तनाव, चिंता, ईर्ष्या, नशा करना आदि कारणों ह्रदयरोग बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं |

स्त्रोत : ऋषिप्रसाद

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2017-06-17T11:34:56+00:00 By |Acupressure Therapy|0 Comments

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