अगोचरीमुद्रा : तेजी से पाप का क्षय कर आत्मशांति देने वाली लाभदायक मुद्रा

Home » Blog » Mudra » अगोचरीमुद्रा : तेजी से पाप का क्षय कर आत्मशांति देने वाली लाभदायक मुद्रा

अगोचरीमुद्रा : तेजी से पाप का क्षय कर आत्मशांति देने वाली लाभदायक मुद्रा

अगोचरी मुद्रा कैसे करें :Agochari mudra

नाक से चार उँगली आगे के शून्य स्थान पर दोनों नेत्रों की दृष्टि को एक बिन्दु पर केन्द्रित करके ध्यान लगाना।

अगोचरी मुद्रा के लाभ :Agochari mudra benefits in hindi

★ ये मुद्रा बहुत तेजी से पाप भक्षण करती है और ईश्वर प्राप्ति में बहुत सहयोगी है।

★ अगर मन अशांत हो तो यह बहुत ही लाभकारी मुद्रा है ,यह मन के विचारों की उथल-पाथल को शांत करती है |

★ यह ध्यान की शक्ति में विकाश करती है |

इसे भी पढ़े : योगमुद्रा : एकाग्रता बढाने व मन को शांत करने वाली लाभकारी मुद्रा |

इसके अतिरिक्त नभो मुद्रा, महा-बंध शक्तिचालिनी मुद्रा, ताडगी, माण्डवी, अधोधारण ,आम्भसी, वैश्वानरी, बायवी, नभोधारणा, अश्वनी, पाशनी, काकी, मातंगी, धुजांगिनी आदि 25 मुद्राओं का हमारे अति पवित्र और अति प्राचीन हिन्दू धर्म के ग्रन्थ “घेरण्ड-सहिता” में सविस्तार वर्णन है।

keywords – अगोचरीमुद्रा , agochari mudra in hindi , bhuchari mudra , nasikagra drishti mudra , nasikagra mudra benefits, nasikagra drishti benefits , focus on tip of nose , nasagra mudra , shambhavi mudra , योग मुद्रा pdf ,योग मुद्रा क्या है , योग मुद्रा के प्रकार ,योग मुद्राएँ ,योग मुद्रासन ,ध्यान मुद्रा ,हस्त मुद्रा विज्ञान
2017-05-31T09:51:40+00:00By |Mudra|0 Comments

Leave A Comment

8 + twelve =