अकीक भस्म : ह्रदय को बनाये मजबूत व शक्तिशाली | Akik Bhasma Detail and health benefits In Hindi

Home » Blog » भस्म(Bhasma) » अकीक भस्म : ह्रदय को बनाये मजबूत व शक्तिशाली | Akik Bhasma Detail and health benefits In Hindi

अकीक भस्म : ह्रदय को बनाये मजबूत व शक्तिशाली | Akik Bhasma Detail and health benefits In Hindi

अकीक भस्म( Akik Bhasma in Hindi ):

★ अकीक एक तरह का खनिज है जो पत्थर के रूप में होता है और इसी पत्थर से अकीक भस्म और पिष्टी बनाई जाती है.
★ अकीक एक Gemstone है जिसे अक्सर लोग अंगूठी में पहनते हैं, यह कई रंग का होता है.
★ अंग्रेज़ी में इसे Quartz और Onyx कहते हैं.
★ घृतकुमारी के रस, गुलाब जल और गाय के दूध की भावना देकर शुद्ध कर अकीक भस्म और पिष्टी बनाई जाती है.
★ अकीक भस्म और अकीक पिष्टी दोनों के फ़ायदे एक जैसे ही होते हैं.
★ तो आईये जानते हैं अकीक पिष्टी और अकीक भस्म के फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी जानकारी Akik Pishti/Akik Bhasma Benefits in Hindi –

इसे भी पढ़े : गोदंती भस्म हड्डियों को बनाये मजबूत व शक्तिशाली |

अकीक भस्म के चिकित्सीय उपयोग Uses of Akik Bhasma in hindi :

★ यह दिल दिमाग, लीवर, किडनी और स्प्लीन जैसे बॉडी के मेन Organs पर असर करती है.
★ अकीक भस्म या अकीक पिष्टी के इस्तेमाल से हार्ट की कमज़ोरी, बॉडी में बहुत ज़्यादा गर्मी महसूस होना, मानसिक रोग, आँखों की बीमारी, सामान्य कमज़ोरी, एसिडिटी, अल्सर और महिलाओं की अत्याधिक ब्लीडिंग जैसे रोग दूर होते हैं,
★ अकीक के गुणों की बात करें तो यह Antacid, बेहतरीन Cardio-protective, मानसिक तनाव, चिन्ता व अवसाद नाशक है|
★ अकीक भस्म हृदय और सामान्य कमज़ोरी, हार्ट की कमज़ोरी, मानसिक तनाव, चिंता, मानसिक थकावट, एसिडिटी, सिने की जलन, को दूर करता है |
★ अकीक भस्म हर तरह का अल्सर, आँख, हाथ-पैर या शरीर में कहीं भी जलन होना, महिलाओं को अत्यधिक ब्लीडिंग होना जैसे रोगों में इसे अकेले या दूसरी दवाओं के साथ लेने से अच्छा लाभ होता है |
★ अकीक बेहतरीन हार्ट टॉनिक है, हृदय रोगों में अर्जुन की छाल के चूर्ण और मोती पिष्टी के साथ लेने से हृदय रोग दूर होते हैं
★ तनाव, चिंता और डिप्रेशन में इसे अभ्रक भस्म के साथ लिया जा सकता है
★ शरीर में कहीं से भी ब्लीडिंग होने पर गिलोय सत्व, कामदुधा रस या बोलबद्ध रस के साथ लेने से लाभ होता है.
इसी तरह से कई रोगों में दूसरी दवाओं के साथ या फिर सही अनुपान के साथ लेना चाहिए

इसे भी पढ़े : कसीस भस्म के चमत्कारिक लाभ व उसकी संपूर्ण जानकारी |

अकीक भस्म सेवन विधि और मात्रा Dosage of Akik Bhasma :

125 mg से 250 mg तक दिन में 2 बार

सावधानियां :

★ अकीक भस्म और पिष्टी ऑलमोस्ट सेफ दवा है,
★ सही डोज़ में लेने से किसी तरह कोई भी नुकसान नहीं होता है.
★ तपेदिक या TB, अस्थमा और बलगमी खांसी के रोगी को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
★ प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग करने वाली महिलाओं को इसका इस्तेमाल कम से कम या फिर नहीं करना चाहिए

नोट :-किसी भी भस्म व पिष्टी के प्रयोग में लाने से पहले किसी विशेषज्ञ की राय जरूर लें।स्वयं से औषधि लेना अच्छा नहीं है और यह खतरनाक साबित हो सकता है।

keywords – भस्म क्या है , भस्म बनाने की विधी , भस्म का आयुर्वेद में प्रयोग , अकीक पिष्टी,अकीक भस्म के फ़ायदे, Akik Pishti,Akik Bhasma Benefits in Hindi ,akik pishti in hindi , akik pishti uses ,akik bhasma hindi,akik pishti price , akik pishti baidyanath , अकीक भस्म

 

 

2017-06-12T19:37:41+00:00 By |भस्म(Bhasma)|0 Comments