बिजौरा नींबू के अनोखे स्वास्थ्य लाभ और फायदे | Bijora Nimbu Health Benefits In Hindi

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बिजौरा नींबू के अनोखे स्वास्थ्य लाभ और फायदे | Bijora Nimbu Health Benefits In Hindi

बिजौरा नींबू क्या है ? :

यह नींबू की जाति का एक वृक्ष होता है । इसका फल बहुत बड़ा होता है।

विविध भाषाओं में नाम :

संस्कृत-अम्लकेशर, बीजपूर, बीजक, बीजफलक, बीजपूर्ण, जन्तुघ्न, महःजरण, मातुलुङ्गः फलपूर, रोचनफल, सुकेशर इत्यादि । हिन्दी-विजोरा नींबू, बड़ा नींबू, तुरन्ज । गुजराती-बिजोरू, तुरन्ज । बङ्गाली- बडो नेम्ब, छोलोङ्ग नेम्बु, बिजोरा । मराठी–कहालुङ्ग, लिम्बु । फारसी-खरन्ज । तामील—कोगिलाचम, मादिक फलम । तेलग-तुङ्गम् । अंग्रेजी-Adam’s Apple, Cedrat ( आदम्स एपल, सेडूट ) । लेटिन-Citrus midica. ( साइट्रस मेडिका ) ।
आइये जाने चमत्कारी औषधि बिजौरा नींबू के लाजवाब फायदे ।

( और पढ़ेनींबू खाने के फायदे और नुकसान )

बिजौरा नींबू के गुण, दोष और प्रभाव :

✦ इसकी जड़ कृमिनाशक होती है, कब्जियत और अर्बुद या गांठ के रोग में इसका उपयोग किया जाता है,
✦ यह पेट के दर्द को दूर करती है, वमन, मूत्रसम्बन्धी पथरी रोग और दन्तरोग में उपयोगी है ।
✦ इसकी कलियां और फूल उत्तेजक और आंतों के लिये संकोचक होते हैं, भूख बढ़ाते हैं, वमन की शिकायत दूर करते हैं,
✦ यह अबुद या गांठ में लाभदायक है।
✦यह पेट की शिकायतों में फायदेमन्द है।
✦ यह दमा, खांसी, कुकुरखांसी और नशे को दूर करने में लाभदायक है।
✦ इसके कच्चे फल वात, पित्त और कफ को बढ़ाते हैं। तथा रक्त को भी दूषित करते हैं । पके फल मीठे कसैले, उत्तेजना देने वाले, पाचक और पौष्टिक होते हैं।
✦ ये कुष्ठ को दूर करने वाले, गले के घाव अच्छा करने वाले और कफ, दमा, प्यास, कुकुरखांसी आदि में मुफीद हैं ।
✦ ये गले की शिकायतों में लाभप्रद माने गये हैं। इसका रस कान के दर्द को शांत करता है।
✦ इसके फल का छिका तिक्त, उग्र तैलयुक्त होता है। और वात तथा कफ का नाशक है।
✦ इसके बीज अपचय, भारी, शरीर में उष्णता लाने वाले, उत्तेजक और पौष्टि होते हैं।
✦ ये बवासीर एवं पित्त विकार में लाभदायक और जलन तथा कक विनाशक हैं।
✦ इसका छिलका गर्म, खुश्क और बलदायक होता है ।
✦ इसके फल का गूदा शीतल और खुश्क होता है।
✦ इसके बीज, पत्ते और फूल गर्म और खुश्क होते हैं ।
✦ इसका रस ज्वरनिवारक, तृपाशामक और संकोचक होता है।
✦ यह विष विकार में भी लाभदायक है ।
✦ इसके भभके से उड़ाया हुआ अर्क उपशामक द्रव्य की तरह काम में लिया जाता है ।
✦ चरक, सुश्रुत और वागभट के मतानुसार यह वनस्पति अथवा इसकी छाल, पत्ते या फल दूसरी औषधियों के साथ में सर्प विष के उपचार में काम आते हैं ।
✦ डाक्टर देसाई के मतानुसार इसका रस दीपन, पाचन और रक्तशोधक होता है ।
✦ इसकी छाल सुगन्धित और कटु पौष्टिक होती है।
✦ इसके पत्ते पसीना लाने वाले और कुछ वेदनाशक होते हैं।
✦ इसके फूल मृदुस्वभावी होते हैं। इसकी जड़ संकोचक और कुछ वेदनानाशक होती है ।
✦ ज्वर में इसके पत्तों का फांट बनाकर देते हैं ।
✦ वमन बन्द करने के लिये इसकी जड़ औटाकर देते हैं। बच्चों के दूध उगलने की बीमारी में यह विशेष रूप से उपयोगी होता है ।

2019-03-09T16:11:11+00:00By |Herbs|0 Comments

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