ब्रह्ममुद्रा : जीवनशक्ति को बढ़ा मानसिक अवसाद दूर करने वाली चमत्कारिक मुद्रा | Brahma Mudra

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ब्रह्ममुद्रा : जीवनशक्ति को बढ़ा मानसिक अवसाद दूर करने वाली चमत्कारिक मुद्रा | Brahma Mudra

Brahma Mudra Benefits in hindi

ब्रह्ममुद्रा योग की लुप्त हुई क्रियाओं में से एक महत्त्वपूर्ण मुद्रा है । ब्रह्म के तीन मुख और दत्तात्रेय के स्वरूप को स्मरण करते हुये व्यक्ति तीन दिशा में सिर घुमाये ऐसी यह क्रिया है अतः इस क्रिया को ब्रह्ममुद्रा कहते हैं ।

ब्रह्ममुद्रा के लाभ : Brahma Mudra ke Labh / Fayde

सिरदर्द, सर्दी-जुकाम आदि में लाभ होता है ।
★ ध्यान-साधना-सत्संग के समय नींद नहीं आयेगी । Brahma Mudra ke Labh Fayde Benefits in hindi
★ आँखों की कमजोरी दूर होती है ।
चक्कर बंद होते हैं ।
★ उल्टी-चक्कर, अनिद्रा और अतिनिद्रा आदि पर ब्रह्ममुद्रा का अचल प्रभाव पडता है ।
★ जिन लोगों को नींद में अधिक सपने आते हैं वे इस मुद्रा का अभ्यास करें तो सपने कम हो जाते हैं ।
★ ध्वनि-संवेदनशीलता कम होती है ।
★ मानसिक अवसाद कम होता है । एकाग्रता बढती है ।
★ गर्दन सीधी रखने में सहाय मिलती है ।
★ वृद्धों के लिए विशेष शक्तिदायक प्रयोग

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ब्रह्ममुद्रा की विधि : Brahma Mudra Technique / Steps in Hindi

★ वज्रासन या पद्यासन में कमर सीधी रखते हुये बैठें ।
★ हाथों को घुटनों पर रखें । कन्धों को ढीला रखें ।
★ अब गर्दन को सिर के साथ ऊपर-नीचे दस बार धीरे-धीरे करें । सिर को अधिक पीछे जाने देवें । गर्दन ऊपर-नीचे चलाते वक्त आँखें खुली रखें । श्वास चलने देवें । गर्दन को ऊपर-नीचे करते वक्त झटका न देवें ।
★ फिर गर्दन को चलाते वक्त ठौडी और कन्धा एक ही दिशा में लाने तक गर्दन को घुमायें । इस प्रकार गर्दन को १० बार चलाना चाहिए । गर्दन को चलाते वक्त ठौडी और कन्धा एक ही दिशा में लाने तक गर्दन को घुमायें ।
★ इस प्रकार गर्दन को १० बार दाँयें-बायें चलायें
★ अन्त में गर्दन को गोल घुमाना है । गर्दन को ढीला छोडकर एक तरफ से धीरे-धीरे गोल घुमाते हुये १० चक्कर लगायें । आँखें खुली रखें । फिर दूसरे तरफ से गोल घुमायें । गर्दन से चक्कर धीरे-धीरे लगायें । कान को हो सके तो कन्धों से लगायें ।
★ इस प्रकार ब्रह्ममुद्रा का अभ्यास करें ।

विशेष : सुबह खाली पेट २५० ग्राम आम का रस (आम खट्टा न हो ), ५० ग्राम शहद और १० ग्राम अदरक का रस मिलाकर लें । उसके ऊपर एक गिलास दूध पियें । यह प्रयोग वृद्धों के लिए खूब बलप्रद और जीवनशक्ति बढाने वाला तथा बुढापे को दूर धकेलने वाला है ।
पुराने साधक जो इस प्रयोग से परिचित हैं और लाभान्वित हुये हैं उन्हें इस प्रयोग से दूसरों को भी लाभान्वित करना चाहिए ।

श्रोत – ऋषि प्रसाद मासिक पत्रिका (Sant Shri Asaram Bapu ji Ashram)
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2017-12-07T17:58:55+00:00 By |Mudra|0 Comments

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