गर्मियां शुरू हो गई हैं. इस मौसम में शरीर को पानी की ज़रूरत ज़्यादा होती है. इस समय कुछ ऐसे फूड और चीजें खानी चाहिए, जो शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और आपको स्वस्थ रखें.

१-परवल –
• परवल में विटामिन व मिनरल्स भरपूर मात्रा में होता है. इससे प्यास, शरीर की जलन व गर्मी दूर होती है.
• परवल की सब्ज़ी खाने से पेट की सूजन दूर हो जाती है.
• पित्त के कारण होनेवाले बुखार में परवल व जौ का काढ़ा बनाकर पीना फ़ायदेमंद रहता है.
• परवल फाइबर का अच्छा स्रोत है. यह पाचन प्रणाली को भी ठीक करता है. साथ ही कब्ज़ व लिवर संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. इसलिए गर्मियों में परवल की सब्ज़ी ज़रूर खानी चाहिए.

२-लौकी –
• लौकी की सब्ज़ी का सेवन पुराने से पुराने कब्ज़ को दूर कर देता है.
• हैजा होने पर २५ मि.ली. लौकी के रस में आधे नींबू का रस मिलाकर पीएं.
• लौकी को उबालकर उसमें हल्के मसाले डालकर सेवन करना अधिक फ़ायदेमंद होता है,
• डायरिया होने पर लौकी के जूस में नमक व शक्कर मिलाकर देने से लाभ होता है.

३-करेला –
• करेले में प्रोटीन, फॉस्फोरस, कैल्शियम व कार्बोहाइड्रेट्स होता है. करेला ठंडा होता है, इसलिए गर्मी से उत्पन्न होनेवाली बीमारियों के लिए बहुत फ़ायदेमंद है.
• उल्टी-दस्त, हैजा आदि होने पर करेले के जूस में थोड़ा पानी व काला नमक मिलाकर सेवन करने से तुरंत लाभ होता है.
• अस्थमा के मरीज़ों को बिना मसाले के करेले की सब्ज़ी का सेवन करना चाहिए.

४-पुदीना –
• पुदीने में विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है. पाचनशक्ति बढ़ाने के कारण इसका इस्तेमाल गर्मी में विशेष लाभकारी होता है.
• हैजे में उल्टी व दस्त के कारण जब अधिक कष्ट हो, तब उसमें पुदीने का अर्क या स्वरस इस्तेमाल करें. तुरंत लाभ मिलता है.
• पुदीने व तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने से मौसमी बुखार दूर होता है.

५-ककड़ी –
•गर्मी के दिनों में ककड़ी का सेवन सेहत के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है. ककड़ी खाने से शरीर की गर्मी दूर होती है.
•गर्मी के कारण त्वचा लाल हो गई हो व उसमें जलन हो रही हो, तो ककड़ी खाने व ककड़ी पीसकर शरीर पर लगाने से लाभ होता है.
•ककड़ी के बीजों को ठंडई के साथ पीसकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है. इससे थकान दूर होने के साथ-साथ ताकत मिलती है.
•ककड़ी के बीजों को पीसकर शक्कर के साथ शर्बत बनाकर पीने से भी एनर्जी लेवल बढ़ता है. गर्मियों में बार-बार प्यास लगती हो, तो ककड़ी के एक कप रस में शक्कर मिलाकर दिन में ३-४ बार पीने से प्यास का शमन होता है.

६-नींबू –
•गर्मी के मौसम में नींबू का शर्बत बनाकर पीएं. इसकी खटास में ठंडक उत्पन्न करने का विशिष्ट गुण है.
•नींबू के शर्बत से शरीर की गर्मी शांत हो जाती है. साथ ही जठराग्नि प्रदीप्त होती है, भोजन में रुचि उत्पन्न होती है व भोजन पचता है.
•बुख़ार होने पर जब गर्मी के कारण मुंह के भीतर की लार उत्पन्न करनेवाली ग्रंथियां सूखने लगती हैं यानी लार उत्पन्न करना बंद कर देती हैं व मुंह सूखने लगता है, तब नींबू का रस पीने से ये ग्रंथियां फिर से सक्रिय हो जाती हैं व लार पैदा करने लगती हैं.
•गर्मियों के मौसम में होनेवाली अन्य बीमारियों से भी नींबू बचाव करता है.
इन सब के अलावा समर में हरी सब्ज़ियां, बथुआ, टमाटर, चौलाई, करेला आदि के साथ-साथ नींबू, हरा धनिया, पुदीने का नियमित सेवन करना चाहिए.

गर्मी में न खाएं ये चीजें :

गर्मी में सेहत का ख्याल रखना बहुत ज़रूरी है. थोड़ी-सी भी लापरवाही सेहत को बिगाड़ सकती है. इस चिलचिलाती धूप में इन चीज़ों के सेवन से बचें:

✦ नॉन वेज, रेड मीट, अंडा, प्रॉन्स आदि बहुत गर्मी पैदा करते हैं. इसे खाने से पेट भी खराब हो सकता है व डायरिया भी हो सकता है.
✦ गर्मियों में ज़रूरत से अधिक भोजन न करें. न ही भूखे पेट रहें, क्योंकि खाली पेट रहने से भी लू लगने की आशंका बनी रहती है.
✦ बासी भोजन का इस्तेमाल न करें और न ही ठंडा भोजन करें.
✦ रोस्ट किया हुआ फूड या तंदूरी डिशेज़ खाने से शरीर में गर्मी पैदा होती है व पेट में गैस बनती है. इसलिए इससे बचें.
✦ समर सीज़न में एक या दो आम खाने से कुछ नहीं होता, पर इससे अधिक आम खाने से शरीर में गर्मी पैदा हो जाती है. जिससे मुंहासे भी हो जाते हैं, खासकर बच्चे व टीनएजर्स को.
✦ बर्गर, पिज़्ज़ा, फ्रेंच फ्राइज़ आदि जंक फूड्स न खाएं, इससे जहां पेट ख़राब होता है, वहीं फूड पॉयज़निंग का भी डर रहता है.
✦ आइस्क्रीम व कोल्ड ड्रिंक्स लेने से भी राहत मिलने की बजाय पेट में गर्मी पैदा होती है, जिसका हमें पता नहीं चलता.
✦ ड्रायफ्रेंट्स को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, पर ये भी काफ़ी गर्म होते हैं, इसलिए इनका सेवन कम या फिर न करें.
✦ खट्टे, तले हुए, मिर्च-मसालेवाले पदार्थ, कसैले, कड़वे, चटपटे, गर्म प्रकृतिवाले पदार्थों का इस्तेमाल न करें. बर्फ या बर्फ से बनी चीज़ों का भी अधिक सेवन न करें.
✦ सरसों, उड़द, बासी चीजें, खट्टा दही, लहसुन आदि से परहेज़ करें.
✦ एक साथ अधिक भोजन न करें.

इस फूड चार्ट को करें फॉलो :

दोपहर के भोजन में ऐसा हल्का आहार लें, जो जल्द ही पच सके, क्योंकि गर्मी के कारण मंद हुई जठराग्नि भारी चीज़ों को पचाने में असमर्थ होती है, इसलिए बेहतर होगा कि दोपहर के भोजन के लिए चावल, पतली दाल, कढ़ी, दही, छाछ आदि लें. चावल जिनको पसंद न हो, वे जौ या गेहूं
की रोटी थोड़ी मात्रा में खा सकते हैं.
• बिना छाने मोटे आटे की थोड़ी मोटी रोटी बनाएं. आटा दो घंटे पहले बिना नमक व तेल के गूंधे.
• गर्मी के मौसम में भूलकर भी भरपेट भोजन न करें, क्योंकि इस मौसम में पाचक अग्नि के कमज़ोर होने के कारण अजीर्ण होने की संभावना रहती है.
• समर में सुबह एक ग्लास ठंडई, दूध, लस्सी,जौ या चने का सत्तू पानी में घोलकर मीठा मिलाकर पीएं.
• सत्तू गर्मी में विशेष लाभदायक है. इससे धूप, जलन, थकान आदि का शमन होता है.