पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

किताबों को डाउनलोड कैसे करें ? How to download PDF ?

Home » किताबों को डाउनलोड कैसे करें ? How to download PDF ?
किताबों को डाउनलोड कैसे करें ? How to download PDF ? 2017-09-10T16:39:12+00:00

1. जिस भी किताब को डाउनलोड करना है उसपर क्लिक करें |

 किताबों को डाउनलोड कैसे करे ? How to download PDF ?

2. download लिखी बटन पर माउस से राईट क्लिक करें |Save Link as.. पर क्लिक कर फाइल को डाउनलोड करलें |

 किताबों को डाउनलोड कैसे करे ? How to download PDF ?