पायरिया के 45 सबसे असरकारक आयुर्वेदिक घरेलु उपचार | Payriya ka Gharelu Upchar

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पायरिया के 45 सबसे असरकारक आयुर्वेदिक घरेलु उपचार | Payriya ka Gharelu Upchar

पायरिया का कारण लक्षण व उपचार : Pyorrhea ka Ilaj in Hindi

दांतों को प्रतिदिन मंजन न करने से दांत कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। दांतों में कीड़े लग जाते हैं तथा दांत खोखले होकर सड़ने लगते हैं जिससे मसूढ़ों से खून व पीव निकलता रहता है। इस प्रकार के दांतों के रोगों की चिकित्सा जल्द न करने पर पायरिया रोग की उत्पत्ति होती है। इस रोग में मसूढ़े सूख जाते हैं, मुंह से बदबू आती है और मसूढ़ों से खून निकलता रहता है। दांतों के रोग में भोजन करने एवं ठंड़ा पानी पीने से तेज दर्द होता है।

भोजन और परहेज :

• चीनी, चाय एवं कॉफी आदि का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
• अधिक गर्म या अधिक ठंड़ा भोजन का प्रयोग न करें।
• प्रतिदिन भोजन के बाद दांत साफ करना चाहिए।
• पायरिया के रोगी को गाजर अधिक खाना चाहिए और इसका रस पीना चाहिए।
• प्रतिदिन नारंगी खाना पायरिया के रोगी के लिए बेहद लाभकारी है।
• गोभी के कच्चे पत्तों का सलाद और कच्चा पालक खाना पायरिया के रोगी के लिए बेहद लाभकारी होता है।
• गर्म भोजन करने के बाद ठंड़ा पानी न पीएं। मिठाई खाना पायरिया के रोगी के लिए हानिकारक होता है।

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पायरिया का आयुर्वेदिक घरेलु उपचार :Pyria Treatment in Ayurveda

1. नीम :
• नीम के कोमल पत्ते, कालीमिर्च और कालानमक मिलाकर सुबह सेवन करने से दांतों के कीड़े मर जाते हैं और खून साफ होकर पायरिया रोग ठीक होता है।
• नीम के पत्तों को पानी में उबालकर कुल्ला करने से पायरिया रोग ठीक होता है। नीम की दातुन से दांतों के रोग नष्ट होते हैं।
2. पीपल : पीपल के काढ़े में शहद और घी मिलाकर प्रतिदिन 2 बार कुल्ला करने से पायरिया व मसूढ़ों की सूजन दूर होती है।
3. हरीतकी (हर्रे) : हरीतकी का चूर्ण बनाकर इससे प्रतिदिन मंजन करने से दांत व मसूढ़े स्वस्थ होते हैं और पायरिया ठीक होता है।
4. इन्द्रयव : इन्द्रयव का चूर्ण दिन में 2 बार मसूढ़ों पर मलने से मसूढ़ों से खून, पीव एवं मुंह की दुर्गन्ध आदि दूर होती है।
5. पुष्करमूल : पुष्करमूल के चूर्ण को प्रतिदिन दांतों पर धीरे-धीरे मलने से दांतों का हिलना, मुंह की दुर्गन्ध एवं मसूढ़ों से पीव निकलना आदि ठीक होता है। यह पायरिया रोग को नष्ट करता है।
6. कायफल : सिरका में कायफल घिसकर मसूढ़ों पर लगातार 5 मिनट तक मलने से दांतों के कीड़े नष्ट होते हैं तथा पायरिया रोग ठीक होता है।
7. बड़ी माई : बड़ी माई का चूर्ण बनाकर इससे दांत व मसूढ़ों पर मलने से मसूढ़ों से खून व पीब आना बन्द होता है। यह मुंह की दुर्गन्ध को दूर करता है और पायरिया रोग को समाप्त करता है।
8. सुहागा : सुहागा एवं बोल (हीराबोल) को मिलाकर दिन में 2 से 3 बार मसूढ़ों पर धीरे-धीरे मलने से दांत व मसूढ़ों के सभी रोग ठीक होते हैं।
9. गुग्गुल : गुग्गुल को 35 मिलीलीटर पानी में घोलकर मसूढ़ों पर मलने से पायरिया रोग नष्ट होता है। 90 प्रतिशत एल्कोहल में 20 प्रतिशत गुग्गुल मिलाकर मसूढ़ों पर मलने से भी पायरिया में लाभ मिलता है।
10. लौंग : 5 से 6 बूंद लौंग का तेल 1 गिलास गर्म पानी में मिलाकर प्रतिदिन गरारे व कुल्ला करने से पायरिया रोग नष्ट होता है।
11. व्याघ्रैरण्ड (बघण्डी) : व्याघ्रैरण्ड के पत्तों का काढ़ा बनाकर प्रतिदिन कुल्ला करने से मसूढ़ों से खून निकलना बन्द होता है। इससे पायरिया रोग नष्ट होता है।
12. मौलसिरी :
• मौलसिरी की दातुन करने से और इसके फल को चबाने से पायरिया रोग नष्ट होता है।
• मौलसिरी की छाल का काढ़ा बनाकर प्रतिदिन कुल्ला करने से दांतों का हिलना दूर होता है और पायरिया रोग नष्ट होता है।
13. नील सैरेयक : नील सैरेयक के पत्तों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से पायरिया नष्ट होता है तथा मसूढ़ों से खून व पीव निकलना बन्द होता है।
14. सिरस (सिरस) : सिरस के छाल का काढ़ा बनाकर बार-बार कुल्ला करने से मसूढ़ों के रोग में आराम मिलता है।
15. बबूल : बबूल की छाल का काढ़ा बनाकर गरारे व कुल्ला करने से पायरिया रोग में लाभ मिलता है।
16. सुपारी : सुपारी को जलाकर चूर्ण बना लें और इससे प्रतिदिन 2 बार मंजन करें। यह पायरिया को नष्ट करता है और मसूढ़ों से खून आना बन्द करता है।
17. तिल : तिल को चबाकर खाने से दांत मजबूत होते हैं और पायरिया रोग नष्ट होता है।
18. नारंगी : नारंगी खाने से पायरिया रोग में लाभ मिलता है। नारंगी के छिलके को छाया में सुखाकर बारीक मंजन बना लें और इससे रोजाना मंजन करने से पायरिया रोग ठीक होता है।
19. बन्दगोभी (पत्तागोभी) :
• बन्दगोभी का रस निकालकर पीने और इसके बीच वाले का सलाद बनाकर खाने से पायरिया रोग ठीक होता है।
20. एरण्ड : एरण्ड के तेल में कपूर का चूर्ण मिलाकर दिन में 2 से 3 बार मसूढ़ों की मालिश करने से पायरिया रोग में आराम मिलता है।
21.कच्चे पत्ते : बन्दगोभी के कच्चे पत्ते 50 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन खाने से पायरिया व दांतों के अन्य रोग ठीक होते हैं।होता है। इससे मसूढ़ों से खून आना बन्द होता है।
22. मिट्टी का तेल : पायरिया रोग से पीड़ित रोगी को मिट्टी के तेल से कुल्ला करना चाहिए। इससे पायरिया एवं दांतों के कीड़े नष्ट होते हैं।
23. पान : पान में चने के बराबर कपूर का टुकड़ा डालकर चबाने और पीक थूकने से पायरिया रोग नष्ट होता है। ध्यान रखें कि पीक पेट में न जाए।
24. लहसुन : लहसुन का रस 20 बूंद और 1 चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन चाटने से पायरिया रोग ठीक होता है। इससे मसूढ़ों की सूजन, दर्द एवं मुंह की बदबू दूर होती है।
25. मिट्टी : मुल्तानी मिट्टी को पानी में भिगोकर मुंह में रखने और फिर कुछ देर बाद थूककर कुल्ला करने से पायरिया रोग ठीक होता है। रोगी को मिठाई का सेवन नहीं करना चाहिए।
26. रीठा : रीठा का छिलका 250 ग्राम भूनकर बारीक चूर्ण बना लें और चौथाई चम्मच चूर्ण में 5 बूंद सरसों के तेल मिलाकर मंजन करें। इससे लगातार 2 महीने मंजन करने से पायरिया रोग ठीक होता है।
27. सरसों का तेल : 60 मिलीलीटर सरसों के तेल में लहसुन पीसकर गर्म करके इसमें 30 ग्राम भुनी हुई अजवायन और 15 ग्राम सेंधानमक मिलाकर मंजन करें। इससे प्रतिदिन मंजन करने से दांतों के सभी रोग ठीक होते हैं। 2 से 3 महीने इसका प्रयोग करने से पायरिया ठीक होता है।
28. फिटकरी : 10 ग्राम नमक और 20 ग्राम फिटकरी बारीक पीसकर मसूढ़ों पर दिन 3 बार मलने और 1 गिलास गर्म पानी में 5 ग्राम फिटकरी मिलाकर कुल्ला करने से मसूढ़े व दांत मजबूत होते हैं। इससे मसूढ़ों की सूजन, दांतों का दर्द, खून व मवाद निकलना आदि ठीक होता है।
29. ककड़ी : प्रतिदिन ककड़ी खाने या इसका रस पीने से पायरिया रोग ठीक होता है।
30. शहद :
• पायरिया व दांतों के अन्य रोगों से बचाव के लिए मसूढ़ों व दांतों पर शुद्ध शहद मलना चाहिए और गुनगुने पानी से कुल्ला करना चाहिए।
• नींबू का रस, नीम का तेल और शहद मिलाकर मसूढ़ों की मालिश करने से पायरिया रोग ठीक होता है।
• लहसुन, करेला और अदरक का रस निकालकर शहद में मिलाकर मसूढ़ों पर लगाने से कुछ दिनों में ही पायरिया ठीक हो जाता है।
31. कालीमिर्च : 10 ग्राम कालीमिर्च व 20 ग्राम तम्बाकू पीसकर बारीक चूर्ण बना लें और इस चूर्ण से प्रतिदिन मंजन करने से पायरिया रोग खत्म होता है।
32. ईसबगोल : ईसबगोल को सिरके में मिलाकर दांतों पर मलने से पायरिया रोग ठीक होता है।
33. मेथी : मेथी के दाने पानी में भिगोकर मेथी छानकर पानी पीने और मेथी में मिश्री मिलाकर खाने से पायरिया रोग में लाभ मिलता है।
34. गुलाब : गुलाब का गुलाबी फूल खाने से दांत मजबूत होते हैं और मसूढ़ों से खून व मवाद आना बन्द हो जाता है।
35. नींबू :
• 4 से 5 नींबू रोजाना सेवन करने और नींबू का रस मसूढ़ों पर मलने से पायरिया रोग ठीक होता है।
• गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर कुल्ला करने से पायरिया, मुंह व मसूढ़ों के छाले व गले का दर्द ठीक होता है।
• नींबू के रस में शहद मिलाकर मसूढ़ों पर लगाने से खून व पीब का आना रुक जाता है। इससे दांत मजबूत होते हैं।
36. आंवला : आंवला को जलाकर इसके राख में थोडा सा सेंधानमक मिलाकर पीसकर पॉउडर बना लें। इस पॉउडर को सरसों के तेल में मिलाकर प्रतिदिन मंजन करने से पायरिया रोग ठीक होता है और मुंह की दुर्गन्ध दूर होती है।
37. खस : खस और इलायची को लौंग के तेल में मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम दांतों पर मलने से पायरिया ठीक होता है और मुंह की दुर्गन्ध दूर होती है।
38. नमक : नमक बारीक पीसकर 1 ग्राम नमक में 4 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर प्रतिदिन मंजन करने से पायरिया रोग नष्ट होता है। इससे दांतों का दर्द और ठंड़ी चीजों के प्रयोग से उत्पन्न दर्द ठीक होता है।
39. माजूफल :
• माजूफल 20 ग्राम, पोटैशियम परमैगनेट 1 ग्राम और 30 ग्राम पांचों नमक एक साथ मिलाकर बारीक पॉउडर बना लें। इससे प्रतिदिन दांतों को साफ करने से पायरिया दूर होता है।
• माजूफल का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन मंजन करने से मुंह व मसूढ़ों के घाव ठीक होते हैं और पायरिया नष्ट होता है।
40. हल्दी : पायरिया के रोगी को हल्दी का बारीक चूर्ण सरसों के तेल में मिलाकर प्रतिदिन रात को सोते समय दांतों पर मलकर बिना कुल्ला किए सो जाना चाहिए और सुबह उठकर कुल्ला करना चाहिए। इससे दांतों का पायरिया नष्ट होता है।
41. जामुन : जामुन के पेड़ की छाल जलाकर इसके राख में थोड़ा सा सेंधानमक व फिटकरी मिलाकर पीसकर लें। इससे प्रतिदिन मंजन करने से पायरिया रोग ठीक होता है।
42. शुण्ठी : शुण्ठी, सरसों और त्रिफला बराबर मात्रा में लेकर पानी में घोलकर कुल्ला करने से मसूढ़े स्वस्थ रहते हैं और पायरिया रोग ठीक होता है।
43. लोध्र : लोध्र, लाल चंदन, यिष्टमधु की जड़ और लाक्षा बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर दांत व मसूढ़ों पर मलने से दांतों के सभी रोग ठीक होते हैं।
44. कपूर :
• पायरिया होने पर कपूर का टुकड़ा पान में रखकर खूब चबाने और लार एवं रस को बाहर निकालने से पायरिया रोग खत्म होता है।
• देशी घी में कपूर मिलाकर प्रतिदिन 3 से 4 बार दांत व मसूढ़ों पर धीरे-धीरे मलने और लार को बाहर निकालने से पायरिया रोग ठीक होता है।
45. आम : आम की गुठली को बारीक पीसकर मंजन बना लें और इससे प्रतिदिन मंजन करें। यह पायरिया को नष्ट करता है और दांतों के अन्य रोग भी खत्म करते हैं।

विशेष :अच्युताय हरिओम दंतमंजन लाल(Achyutaya Hariom Dant Manjan) दाँतों को सफेद व मजबूत बनाता है ।दाँतों का दर्द,मसूढों से होने वाला रक्त-पूयस्राव,दुर्गंध व मैल को दूर करता है।मुँह में लिप्त कफ को दूर कर रूचि को बढाता है ।

अच्युताय हरिओम दंत सुरक्षा तेल(Achyutaya Hariom Dant Suraksha Tel) पायोरिया,मसूड़ों का दर्द तथा दाँतों की सभी तकलीफों में मसाज करें ।

प्राप्ति-स्थान : सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji Ashram ) व श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से इसे प्राप्त किया जा सकता है |

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