पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

अच्युताय हरीओम सप्त धातु वर्धक बूटी ( Achyutaya Hariom Sapta Dhatu Vardhak Buti)

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अच्युताय हरीओम सप्त धातु वर्धक बूटी ( Achyutaya Hariom Sapta Dhatu Vardhak Buti) 2017-05-20T21:17:25+00:00

Project Description

यह बूटी बल -वीर्यवर्धक ,टूटी हड्डी को शीघ्र ही जोड़ने में सहायक और स्नायु संस्थान को सक्षम बनाये रखने वाली है ।

धातुस्राव ,अशक्ति एवं कृशता में उपयोगी है ।शरीर की सप्तधातुवों का संतुलन बनाये रखने में सहायभूत है।

(1)Product Name :- Sapta Dhatu Vardhak Buty

(2)Quantity :- 75 g.

(3)Direction For Use :- Soak 3 to 6 g. powder in 1 glass of water at bad time, in morning boil still it reduse to one half. Filter it and add to milk or any other food preparation ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.

(4)Benefits :- It increases physical strength, glow, muscle power and all the seven dhatu of body.
It is useful in spermatorrhoea, generalized weakness, weight loss, emaciated individuals.

It has wound healing properly therefore useful in bone fractures, osteoporosis, osteoarthritis and post surgical cases.

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