पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

रुदाक्ष धारण करने के 5 जबरदस्त लाभ | अब तो विज्ञान भी मानता है यह बात |

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रुदाक्ष धारण करने के 5 जबरदस्त लाभ | अब तो विज्ञान भी मानता है यह बात |

रुद्राक्ष का महत्त्व :

★ रुद्राक्ष एक खास तरह के पेड़ का बीज है। ये पेड़ आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में एक खास ऊंचाई पर, खासकर हिमालय और पश्चिमी घाट सहित कुछ और जगहों पर भी पाए जाते हैं।

★ भारतीय संस्कृति में रुद्राक्ष का बहुत महत्व है। रुद्राक्ष इंसान को हर तरह की हानिकारक एनर्जी से बचाता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ तपस्वी ही नहीं, बल्कि सांसारिक जीवन में रह रहे लोग भी करते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इस आश्‍चर्यजनक मनका को पहनने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है।

★ शिव पुराण के अनुसार, रुद्राक्ष भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है। रुद्राक्ष की उत्पत्ति शिव के आंसुओं से मानी जाती है। ये मनका शिव के आंसू से तब बने जब वह एक गहरे ध्यान से बाहर आए थे। जब उन्होंने अपनी आंखें खोलीं तो उनमें से कुछ आंसू की बूंदे गिर गईं। इन्हीं आंसू की बूंदों से रुद्राक्ष नामक वृक्ष उत्पन्न हुआ।

रुद्राक्ष धारण करने के फायदे : rudraksha benefits in hindi

१) रुदाक्ष का शरीर पर प्रभाव :

वैज्ञानिकों के अनुसार रुद्राक्ष में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुणों के कारण अद्भुत शक्ति होती है। इसकी औषधीय क्षमता विद्युत चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है। रुद्राक्ष के विद्युत चुंबकीय क्षेत्र एवं तेज गति की कंपन आवृत्ति स्पंदन से वैज्ञानिक भी आश्चर्य चकित हैं। इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा के वैज्ञानिक डॉक्‍टर डेविड ली ने अनुसंधान के बाद बताया कि रुद्राक्ष विद्युत ऊर्जा के आवेश को संचित करता है जिससे इसमें चुंबकीय गुण विकसित होते है। इसे डाय इलेक्ट्रिक प्रापर्टी कहा गया। इसकी प्रकृति इलेक्ट्रोमैग्नेटिक व पैरामैग्नेटिक है एवं इसकी डायनामिक पोलेरिटी विशेषता अद्भुत है। यह आवेग मस्तिष्क में कुछ केमिकल्स को प्रोत्साहित करते हैं, इस प्रकार शरीर का चिकित्सकीय उपचार होता है। शायद यह भी एक कारण है rudraksha benefits in hindiकि रुद्राक्ष के शरीर से स्‍पर्श होने से लोग बेहतर महसूस करते हैं।

२) रुद्राक्ष का मानसिक प्रभाव :

रुद्राक्ष बौद्धिक क्षमता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में भी कारगर माना जाता है। आज के समय में अक्सर लोग तनाव और चिंता में डूबे रहने के कारण कई तरह की बीमारियों से ग्रस्‍त हो जाते हैं। रुद्राक्ष धारण करने से चिंता और तनाव से संबंधी परेशानियों में कमी आती है, उत्साह और ऊर्जा में वृद्धि होती है।

३) रुद्राक्ष का दिल पर प्रभाव :

रक्त परिसंचरण और दिल की धड़कन शरीर के चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र लाती है, विशेष रूप से दिल के क्षेत्र में। कीमोफार्माकोलॉजिकल विशेषताओं के कारण यह हृदयरोग, रक्तचाप एवं कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रण में प्रभावशाली है।

४) कालसर्प दोष होता है दूर :

कालसर्प दोष, मनुष्‍य के जीवन को कष्‍टकारी और अशुभ प्रभाव से भर देता है। रुद्राक्ष धारण करने से कालसर्प दोष के अशुभ प्रभाव में कमी आती है।

५) ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति हेतु रुद्राक्ष :

ज्ञान एवं विद्या हेतु रुद्राक्ष बहुत लाभकारी होता है. इसे धारण करने से तीव्र बुद्धि होती है व स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है, जो भी शिक्षा प्राप्त करने में कमजोर हों उन्हें रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए |

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2017-10-02T13:31:35+00:00 By |Adhyatma Vigyan, Articles|0 Comments

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