पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

सर्दी-जुकाम में तुरंत राहत देते है यह 20 आयुर्वेदिक घरेलु उपचार | Sardi jukam ke gharelu ilaj in hindi

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सर्दी-जुकाम में तुरंत राहत देते है यह 20 आयुर्वेदिक घरेलु उपचार | Sardi jukam ke gharelu ilaj in hindi

सर्दी जुकाम के रामबाण इलाज : sardi jukam (Cold/ Cough) ke nuskhe in hindi

सर्दी होने का कारण :sardi jukam kaise hota hai

• यह रोग अधिकतर गलत-खान पान के कारण से होता है क्योंकि गलत तरीके से खाने पीने से शरीर में दूषित द्रव जमा हो जाता है जिसके कारण यह रोग व्यक्ति को हो जाता है।
• यह रोग अत्यधिक ठंड लगने, ताजी हवा में सांस लेने से तथा अच्छी आदतों के कारण से हो जाता है।
• अधिक ठंडे पदार्थ का भोजन में अधिक उपयोग करने के कारण भी यह रोग हो सकता है।
• शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण भी सर्दी रोग हो सकता है।
• शरीर में अधिक कमजोरी आ जाने के कारण भी सर्दी हो जाता है।
• जब किसी संक्रमित व्यक्ति के द्वारा छींकने पर उसकी बून्दे किसी स्वस्थ व्यक्ति पर पड़ती है तो यह रोग स्वस्थ व्यक्ति को भी हो जाता है। क्योंकि यह रोग खांसने तथा छींकने से अधिक फैलता है।

सर्दी होने पर लक्षण : sardi jukam ke lakshan

• यह रोग किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसकी नाक से पानी बहने लगता है तथा उसके सिर में भारीपन महसूस होने लगता है। रोगी व्यक्ति को हलका बुखार तथा शरीर में दर्द व थकान भी होती है।
• जब इस रोग की शुरूआत होती है तो रोगी व्यक्ति को ठंड लगने लगती है तथा उसके गले में खराश होती है और नाक बहने लगती है।
• इस रोग के कारण रोगी व्यक्ति को गले में या सीने में खांसी उठती है, तथा कभी-कभी तो यह बारी-बारी से उठती है।
• इस रोग से पीड़ित रोगी को सांस लेने में परेशानी भी होने लगती है तथा रोगी व्यक्ति की आवाज भारी हो जाती है और अधिक बोलने-खाने पीने में परेशानी होने लगती है।

इसे भी पढ़े :सर्दी जुकाम दूर करने के 15 सरल घरेलू उपचार

सर्दी जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार : sardi jukam dur karne ke liye gharelu upay

1. तुलसी पत्ता और अदरख : तुलसी और अदरख सर्दी-जुकाम के लिए रामबाण इलाज है। इसके सेवन से इसमें तुरंत राहत मिलती है। एक कप गर्म पानी में तुलसी की पांच-सात पत्तियां डाल दें और उसमें अदरख के एक टुकड़े को भी डाल दे और उसे कुछ देर तक उबलने दे और उसका काढ़ा बना ले। जब पानी बिल्कुल आधा रह जाए तो इसे आप धीरे-धीरे पी ले। यह नुस्खा बच्चों के साथ बड़ों को भी सर्दी-जुकाम में राहत दिलाने के लिए असरदार होता है।

२. जब तक सर्दी जुकाम ठीक न हो जाए, सुबह शाम अदरक के साथ शहद चूसने से आराम रहेगा।

3. नाक बंद और गले में ख़राश होने पर गरम पानी में चुटकी भर नमक डालकर गरारे करें। इससे आपका गला खुल जाएगा। विषाणु का प्रकोप भी कम हो जाएगा।

4. 3 – 4 काली मिर्च पीस कर उसमे थोड़ी पीसी हुई हींग मिला ले फिर इसे गुड की छोटी डली में भर कर उसकी छोटी छोटी गोलियां बना ले और रोजाना सुबह शाम इसका सेवन करे।

5. गैस और मोटापा के इलाज के साथ-साथ अजवाइन सर्दी जुखाम ठीक करने में भी फायदा करती है। गुनगुने पानी के साथ सुबह शाम अजवाइन लेने से इस बीमारी में जल्दी आराम मिलता है।

6. नाक बंद हो तो काली मिर्च, इलायची, दालचीनी और जीरे को बराबर मात्रा मे ले और किसी सुत्ती कपड़े में बाँध कर बार बार सूँघे, इससे आपको छींक आने लगेगी और बंद नाक खुल जायेगा।

7. जायफल और दालचीनी cold and cough treatment में रामबाण उपाय है। जायफल और दालचीनी को बराबर मात्रा में ले कर पीस ले और दिन में 2 बार खाए, इस उपाय से जुखाम में आराम मिलेगा।

8. 5 लौंग, 10 – 15 ग्राम गेंहू की भूसी और थोड़ा नमक लेकर पानी में मिला ले और उबाल कर एक काढ़ा बना ले। रोजाना सुबह शाम 1 – 1 कप काढ़ा पिये इससे सर्दी जुकाम से आराम मिलने लगेगा।

9. सर्दी जुकाम के रोग में रात को नींद लेने से पहले राई के तेल को थोड़ा गर्म कर ले और इसकी 3 से 4 बूंदे दोनो कानों में डाले। इसके बाद अब रूई से कानों को बंद कर दे यह gharelu upay जुकाम की समस्या में बहुत प्रभावशाली है।

10. सर्दी जुकाम के रोग के उपचार में किशमिश का प्रयोग बहुत ही असरदार साबित होता है। किशमिश के कुछ दाने लेकर उसे पीस ले। अब इसका पानी में घोल कर मिश्रण बनाकर इसमें चीनी डाल कर उबाले और फिर ठंडा होने दे। रोज रात को सोने जाने से पहले इसका प्रयोग करने से सर्दी जुकाम में तेजी से आराम मिलता है।

सर्दी-जुकाम का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार : sardi jukam ke prakritik upchar in hindi

• इस रोग को ठीक करने के लिए रोगी व्यक्ति को सबसे पहले हल्की धूप में टहलकर शरीर से पसीना बाहर निकालना चाहिए। फिर इसके बाद रोगी व्यक्ति को स्पंजस्नान कराना चाहिए और फिर से शरीर को गर्म करना चाहिए। इससे इस रोग में लाभ होता है।

• जो रोगी व्यक्ति अधिक कमजोर है उसे टहलना नहीं चाहिए बल्कि उसे बिस्तर पर लेटकर आराम करना चाहिए और आधे-आधे घण्टे के बाद एक-एक गिलास गर्म पानी में नींबू का रस डालकर या फिर गर्म पानी पीना चाहिए। ऐसा करने से नाक खुलकर बहने लगती है और सर्दी का जोर काफी कम हो जाता है।

• इस रोग को दवाइयों के द्वारा दबाना नहीं चाहिए क्योंकि दबाने से और कई प्रकार के रोग उभर सकते हैं।

• इस रोग को ठीक करने के लिए गर्म पानी में अच्युताय हरिओम अमृत द्रव्य की कुछ बूंदें दाल नाक से उस पानी की गर्म भाप लेनी चाहिए ।

• कभी-कभी सर्दी-जुकाम होने के कारण गले में खराश हो जाती है इस रोग को ठीक करने के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा-सा कागजी नींबू का रस और जरा-सा नमक मिलाकर दिन में दो से तीन बार गरारा करने तथा गर्दन पर गर्म सिकाई करके इस पर भीगे कपड़े की पट्टी 1 से 2 घण्टे तक आवश्यकतानुसार बांधने से यह रोग ठीक हो जाता है।

• रोगी व्यक्ति के पैरों में गर्मस्नान तथा मेहनस्नान करने से नाक में जलन तथा नाक बंद होना ठीक हो जाता है।

• सर्दी-जुकाम से पीड़ित रोगी को कभी-कभी सीने में कफ जमा होने के कारण सीने में दर्द होने लगता है। इस रोग को ठीक करने के लिए गर्म पानी में भीगे हुए तौलिये से दो दिनों तक रोगी के सीने पर सिकाई करनी चाहिए तथा इसके बाद रोगी के सीने पर गीली पट्टी लगानी चाहिए या फिर रात के समय में कड़वे तेल में थोड़ा कपूर डालकर और गर्म करके उसे सीने पर मलकर ऊपर से एक मोटा कपड़ा बांधना चाहिए जिसके परिणाम स्वरूप सीने में दर्द जो कि सर्दी-जुकाम के कारण हुआ होता है वह ठीक हो जाता है।

• रोगी व्यक्ति को दिन में दो बार तथा रात में गर्म कपड़े से अपने शरीर की सिकाई करनी चाहिए। जिसके फलस्वरूप यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

• इस रोग से पीड़ित रोगी को अपने चेहरे और सीने पर गर्म सिकाई करनी चाहिए तथा इसके साथ-साथ गर्दन पर भी सिकाई करनी चाहिए। रोगी व्यक्ति को अपने पैरों को गर्म पानी में कुछ समय के लिए रखना चाहिए जब तक की पसीना न आने लगे। इस प्रकार से उपचार करने से सर्दी का रोग ठीक हो जाता है।

• सर्दी के रोग को ठीक करने के लिए कई प्रकार के आसन तथा यौगिक क्रिया है जिनकों सुबह के समय में प्रतिदिन कुछ दिनों तक करने से यह रोग ठीक हो जाता है। ये आसन तथा यौगिक क्रिया इस प्रकार हैं- धनुरासन, योगमुद्रा, मंत्स्यासन, पवनमुक्तासन, सिंहमुद्रा, पर्वतासन, भुजंगासन तथा सुप्तवज्रासन आदि।

विशेष : अच्युताय हरिओम कफ सिरप  ,अच्युताय हरिओम अच्युताय हरिओम अमृत द्रव्य ” व “अच्युताय हरिओम योगी आयु तेल के उपयोग से सर्दी-जुकाम(Cold and Cough) में तुरंत राहत मिलती है |

प्राप्ति-स्थान : सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji  Ashram ) व श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से इसे प्राप्त किया जा सकता है |

 

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