सूतशेखर रस के 8 बड़े लाभ व उपयोग | Sutshekhar Ras Benefits, Dosage & Usage

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सूतशेखर रस के 8 बड़े लाभ व उपयोग | Sutshekhar Ras Benefits, Dosage & Usage

कमाल की औषधी सूतशेखर रस : Sutshekhar Ras Uses in Hindi

परिचय :

★ सूतशेखर (Sutshekhar Ras )रस एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे औषधीय वनस्पतियों और धातुओं की भस्मों के संयोग से बनाया गया है।

★ यह एक रस-औषधि है जिसमें रस, पारा है। पारे को ही आयुर्वेद में रस या पारद कहा जाता है और बहुत सी दवाओं के निर्माण में प्रयोग किया जाता है। पारा एक विषाक्त धातु है और इसे आयुर्वेद में केवल सही प्रकार से शोधित कर के ही इस्तेमाल किया जाता है। रस औषधियां शरीर पर शीघ्र प्रभाव डालती हैं। इन्हें डॉक्टर की देख-रेख में ही लेना सही रहता है।

★ सूतशेखर रस के घटकों में शामिल है, परद, गंधक, चांदी, त्रिकटु, धतूरा, सुहागा, चातुर्जात आदि।

★ सूतशेखर रस शरीर में अधिक पित्त के कारण होने वाले रोग/पित्त विकार, अम्लपित्त, मन्दाग्नि, पेट दर्द, चक्कर आना, उल्टी, अतिसार, पेट फूलना, हिचकी आदि रोगों में लाभप्रद है। रोगानुसार अनुपान के साथ इसे बहुत से रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

सूतशेखर रस के प्रकार : Sutshekhar Ras ke prakar

★ सूतशेखर रस स्वर्ण युक्त: इसमें स्वर्ण भस्म का प्रयोग होता है। स्वर्ण भस्म के कारण इसमें कुछ विशेष गुण आ जाते हैं।

★ सूतशेखर रस सादा: इसमें सारे घटक सूतशेखर रस स्वर्ण के समान हैं लेकिन स्वर्ण नहीं है।

सूतशेखर रस के लाभ/फ़ायदे Benefits of Sutshekhar Ras

सूतशेखर रस पित्तज रोगों या पित्त की अधिकता से होने वाले रोगों में इस्तेमाल किया जाता है. सिने की जलन, एसिडिटी, उदावर्त, पेट दर्द, पित्त की अधिकता से उल्टी होना, पतले दस्त होना, पाचन की प्रॉब्लम और हिचकी जैसे रोग दूर होते हैं.

१• यह एसिडिटी और खांसी में राहत देता है।
२• यह वात और पित्त को शांत करता है।
३• सूखी खांसी में, इसे (स्वर्ण युक्त) सितोपलादि चूर्ण के साथ लेने से रोग ठीक होता है।
४• यह (स्वर्ण युक्त) मस्तिष्क और दिल को शक्ति देता है।
५• यह मल को बांधता है।
६• यह पाचन में सुधार करता है ।
७• यह दर्द में राहत देता है।
८• यह धीरे-धीरे काम करता है लेकिन प्रभावी ढंग से रोग को ठीक करता है।

सूतशेखर रस के चिकित्सीय उपयोग Uses of Sutshekhar Ras

• अम्लपित्त (Dyspepsia)
• शूल (Colicky Pain)
• गुल्म (Abdominal lump)
• कास (Cough)
• ग्रहणी (Malabsorption syndrome)
• अतिसार (Diarrhea)
• श्वास (Dyspnoea/Asthma)
• अग्निमांद्य (Digestive impairment)
• हिक्का (Hiccup)
• उदावर्त (वायु का ऊपर की ओर चढ़ना)
• राजयक्ष्मा (Tuberculosis)
• वमन, कै (Vomiting)
• माइग्रेन या आधासीसी जिसमें उल्टी हो

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Sutshekhar Ras

• 125 mg से 250 mg या 1/२ से १ गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
• इसे 1 ग्राम गोघृत + 3 ग्राम शहद, और अनार के रस/आंवला मुरब्बा के साथ लें।
• इसे भोजन करने के बाद लें। या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

2017-09-29T11:13:10+00:00 By |भस्म(Bhasma)|0 Comments

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