रोग निवारण के फकीरी नुस्खे | Rog Nivaran ke Fakiri Nuskhe

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रोग निवारण के फकीरी नुस्खे | Rog Nivaran ke Fakiri Nuskhe

तुतलापन :tutlane ka ilaj

जो व्यक्ति अटक-अटककर बोलते हैं, बीच में कुछ समय तक अटके रह जाते हैं, वे निम्न प्रयोग से लाभ उठाएं :ayurvedic treatment for tutlana

(१) बारीक भुनी हुई फिटकरी मुख में रखकर सो जाया करें । एक मास के निरन्तर सेवन से तुतलापन दूर हो जायगा ।
(२) हकलाते और तुतलाते बच्चे आँवला चबाएँ तो तुतलाना मिटता है । जीभ पतली होकर बोली साफ होने लगती है ।

दर्द मात्र की औषधि :dard ka ilaj

(१) सोडा बाई कार्ब तीन ग्राम, फिटकरी सफेद कच्ची तीन ग्राम, दोनों को बारीक पीस लें । यह एक मात्रा है । दवा फांककर ऊपर से गर्म पानी पी लें । एक मात्रा में सर्व प्रकार के दर्द भाग जाते हैं ।
(२) कच्ची फटकरी ३० ग्राम, स्वर्ण गेरू १० ग्राम । दोनों को पीसकर कपडे से छानकर आधा ग्राम से एक ग्राम तक दूध अथवा गर्म पानी के साथ लें । इससे सिर आदि स्थानों में होनेवाले सभी दर्द शान्त हो जाते हैं ।

दस्त बन्द करने की दवा :dast ka desi ilaj

(१) जायफल पानी में पीसकर दिन में तीन बार पिलाने से दस्त बन्द हो जाते हैं ।
(२) रोगी की नाभि में बड का दूध भर दो । दस्त बन्द हो जायेंगे ।

नपुंसकता : napunsakta ka ayurvedic ilaj in hindi

(१) मालगंगनी का तेल ४० ग्राम, शुद्ध घी ८० ग्राम, शुद्ध शहद १२० ग्राम ।
उपर्युक्त वस्तुओं को मिलाकर एक काँच के बर्तन में रख लें । प्रातः सायं ६ ग्राम दवा के सेवन से नपुंसकता का रोग दूर होता है । गाय का दूध अधिक मात्रा में पियें । ४० दिन तक यह दवा सेवन करें ।

स्त्री के अनेक रोगों पर एक दवा :stri rog

(१) आक की जड छाया में सुखाकर एवं बारीक पीसकर सुरक्षित रखें । इसकी मात्रा दो से चार ग्राम तक है । इसके सेवन से मासिक का खुलकर आना, दर्द से आना, पूरी मात्रा में न आना अथवा बिल्कुल न आना आदि शिकायतें दूर हो जाती हैं । मन्दाग्नि नष्ट होकर जठराग्नि प्रदीप्त होती है । वायु-गोला, कटि-पीडा, दूर हो शरीर में स्फूर्ति आती है ।

गर्भस्थापक :garbh dharan ke gharelu upay

(१) रात को किसी मिट्टी के बर्तन में २५ ग्राम अजवायन, २५ ग्राम मिसरी, २५ ग्राम पानी में डुबाकर रखें । सुबह उसे ठण्डाई की नार्इं पीसकर पियें ।
भोजन में मूँग की दाल, बिना नमक की रोटी खायेंँ । यह प्रयोग मासिक धर्म के पहले दिन से लेकर आठवें दिन तक करना चाहिए । इस प्रयोग से जरूर गर्भ धारण होगा ।
(२) शिलिंगी के ९ बीज रोज, मासिक धर्म के बाद सतत चार दिन तक सेवन करने से गर्भ धारण होगा ।
एक बार के इस प्रयोग से अगर सफलता नहीं मिलती है तो यह प्रयोग ३-४ बार करने से अवश्य इच्छा पूर्ण होगी ।

गर्भरक्षा : garbh raksha ke upay in hindi

जिस स्त्री की बार-बार गर्भपात हो जाता हो उसकी कमर में धतूरे की जड का चार उंगल का टुकडा बाँध दें । इससे गर्भपात नहीं होगा । जब नौ मास पूर्ण हो जायेंँ तब जड को खोल दें ।

सिरदर्द : sir dard ka ilaj

सिरदर्द होने पर दोनों हाथों की कोहनी के ऊपर कपडे की चिन्दी, रीबिन या मुलायम रस्सी से कसकर बाँध देना चाहिए । इससे पाँच सात मिनट में ही सिरदर्द चला जायेगा । कोहनी पर इतने जोर से बाँधना चाहिए कि रोगी को हाथ में अत्यन्त दर्द मालूम हो । सात मिनट के बाद रस्सी खोल देना चाहिए । आवश्यकता हो तो दिन में फिर एक बार बाँधना चाहिए । सिरदर्द में चमत्कारिक आराम हो जाता है ।

2017-07-07T14:22:35+00:00 By |Disease diagnostics|0 Comments

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