पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

कान में सुजन और गांठ के 7 सबसे असरकारी घरेलु उपचार | Kan ki sujan aur ganth ka gharelu upchar

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कान में सुजन और गांठ के 7 सबसे असरकारी घरेलु उपचार | Kan ki sujan aur ganth ka gharelu upchar

Kan ki sujan aur ganth के देसी आयुर्वेदिक नुस्खे :

1. अलसी : अलसी के तेल को प्याज के रस में डालकर अच्छी तरह से पका लें, फिर इस रस को कान में डालने से कान के अन्दर की सूजन दूर हो जाती है।

2. लहसुन : लहसुन की जड़ को पानी के साथ पीसकर गर्म करके कान में लगाने से कान के पीछे की सूजन ठीक हो जाती है।

3. तुलसी : तुलसी के पत्ते और एरण्ड के ताजा मुलायम पत्तों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसके अन्दर थोड़ा सा नमक मिलाकर कान के पीछे लगाने से कान की सूजन दूर हो जाती है।

4. जायफल : जायफल को पानी के साथ पीसकर लगाने से कान के पीछे की सूजन दूर हो जाती है।

5. आवंला: एक भाग आवला और दो भाग हल्दी पानी में मिलाकर सिल पर पीसकर लेप करने से कान की सूजन मिट जाती है।

6. ईसबगोलः ईसबगोल के लुआब में प्याज का रस या मेथी मिलाकर आग में भली-भांति पका लें। रस पकने पर एक-दो बूंद कान में टपकाने पर कान की सूजन खत्म हो जाती है।

7. जायफलः जायफल को पानी के साथ सिल पर घिसकर लगाने पर कान में सूजन नहीं रहती।

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कान में सुजन और गांठ के 7 सबसे असरकारी घरेलु उपचार | Kan ki sujan aur ganth ka gharelu upchar
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