पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

क्रोध शान्त करने के 9 सबसे असरकारक नुस्खे | krodh shant karne ke upay in Hindi.

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क्रोध शान्त करने के 9 सबसे असरकारक नुस्खे | krodh shant karne ke upay in Hindi.

गुस्सा(krodh)कम करने के अचूक उपाय : Gussa Kam Karne Ke Upay

जब किसी व्यक्ति को अपनी इच्छा के विरुद्ध काम करना पड़ता है या किसी काम के कारण उसके मन में तनाव पैदा होता है तो वह अपने तनाव को अपनी बोली या व्यवहार के द्वारा प्रकट करता है जिसे क्रोध कहते हैं। क्रोधित व्यक्ति की आवाज भारी होती है और वह चिड़चिड़ापन के साथ बोलता है। क्रोध अधिकतर पित्तदोष, स्नायविक गड़बड़ी और मानसिक तनाव के कारण होता है। सामान्य स्थिति और बातचीत में बराबर क्रोध आना पित्तज क्रोध का लक्षण है।

गुस्सा(क्रोध) दूर करने घरेलु आयुर्वेदिक नुस्खे :

1. पित्तपापड़ा : लगभग 25 से 50 मिलीलीटर पित्त पापड़ा के काढ़े को सुबह-शाम खाने से पित्तवृद्धि (गर्मी) नष्ट होती है और क्रोध शान्त होता है।

2. आंवला : 1-2 आंवले का मुरब्बा प्रतिदिन खाने से जलन, चक्कर के साथ-साथ क्रोध दूर होता है।

3. छुई-मुई: छुई-मुई के पंचांग का काढ़ा बनाकर नहाने से चिड़चिड़ापन और क्रोध शान्त होता है।

4. मुक्तापिष्टी : लगभग आधा ग्राम मुक्तापिष्टी के साथ शहद मिलाकर चटाने से क्रोध शान्त होता है और चिड़चिड़ापन दूर होता है।

5. नींबू : क्रोध के कारण बढ़ी हुई दिल की धड़कन सामान्य करने के लिए लगभग 15 ग्राम नींबू का रस पिलाना चाहिए।

6. छोटी चंदन (सर्पगंधा) : लगभग 1 से 2 ग्राम छोटी चंदन (सर्पगंधा) के चूर्ण को प्रतिदिन रात को सोते समय खाने से धीरे-धीरे क्रोध या चिड़चिड़ापन दूर होता है। इसका उपयोग उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) या अन्य कारणों से उत्पन्न क्रोध शान्त होता है।

7. मिश्री: मिश्री और कालीमिर्च के साथ 10 मिलीलीटर सन (पटुआ) के फूलों का रस पीने से पित्त द्वारा उत्पन्न चिड़चिड़ापन और क्रोध दूर होता है। इसके सेवन से शौच साफ होता है और कब्ज दूर होती है।

8. असगन्ध नागौरी : लगभग 3 से 6 ग्राम असगन्ध नागौरी के चूर्ण को मिश्री और घी में मिलाकर हल्के गर्म दूध के साथ सुबह-शाम खाने से स्नायविक गड़बड़ी समाप्त होती है और क्रोध नष्ट होता है।

9. शहद :

★ लगभग आधे ग्राम शहद के साथ घोर बच का चूर्ण सुबह-शाम प्रतिदिन खाने से क्रोध शान्त होता है।
★ शहद के साथ 7 से 10 मिलीलीटर गुरुच का रस मिलाकर सुबह-शाम खाने से पित्त के कारण उत्पन्न क्रोध शान्त होता है।

गुस्सा कम करने के अचूक उपाय :

गुस्सा आये तो गुस्से को देखो, गुस्से में तपो मत, गुस्से का उपयोग करो, सामने वाले का अहित ना करो ।

    भोजन चबा चबा कर करे | २५ मिनिट घड़ियाल को सामने रख कर भोजन करे ।

★    एक घूंट पानी की मुंह में डाल दो । धीरे-धीरे पानी को नीचे उतरने दो । गुस्से की गर्मी, पित्त शांत हो जायेगा ।

★    गुस्सा आया तो हाथ की उँगलियों के नाखून हाथ की गद्दी पर लगे, ऐसे मुट्ठी बंद कर लो । गुस्सा कुछ ही देर में शांत हो जायेगा |

★    जो आपके ऊपर क्रोध करता है … आप उस समय जीभ तालू में लगा दो, उस पर क्रोध न करो | ये क्रोध उसका आवेश है | बाकी गहराई में तो प्रभु सबकी अंतरात्मा बनकर बैठा तू ही है.. ऐसा विचार करें | शत्रु पानी – पानी हो जायेगा |

★    शांत मुद्रा : क्रोध को तुरंत शांत कर मन को प्रसन्न करने वाली चमत्कारिक मुद्रा का अभ्यास करें |

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क्रोध शान्त करने के 9 सबसे असरकारक नुस्खे | krodh shant karne ke upay in Hindi.
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2017-10-10T13:03:42+00:00 By |Disease diagnostics|0 Comments

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