पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

सेहत से भरपूर जाड़े की असली `मिठाई`है गुड़ | Marvelous Benefits Of Jaggery

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सेहत से भरपूर जाड़े की असली `मिठाई`है गुड़ | Marvelous Benefits Of Jaggery

सर्दी के मौसम के खान-पान में गुड़
का अपना महत्व है। यह स्वास्थ्य के लिए
फायदेमंदर होने के साथ ही स्वादिष्ट
भी होता है। इस मौसम में गुड़
का नियमित सेवन करने से सर्दी से होने
वाले रोगों से बचा जा सकता है।

1) आयुर्वेद संहिता के मुताबिक यह जल्दी पचने
वाला, खून बढ़ाने वाला व भूख बढ़ाने
वाला होता है।

2) आयुर्वेद में मीठे रस को `रसराज`
कहा गया है। गुड़ गठिया से होने वाले
दर्द को ठीक करता है, यकृत (लीवर)
संबंधी व्याधियों को दूर करता है, एवं थके
हुए व्यक्ति को तुरंत ऊर्जा देता है।

3) आयुर्वेद में गुड़ को `औषधीय शर्करा` नाम
से संबोधित किया गया है।यह कफ
निवारक, अपच एवं कब्ज को दूर करने
वाला, शक्तिवर्धक, गुल्म, अर्श व
अरुचि का शमन करता है।

4) रोजाना अदरक के रस में गुड़ मिलाकर
खाने से कफ नष्ट होता है। हरड़ के साथ
खाने से पित्तनाश होता है। सोंठ के साथ
खाने से सम्पूर्ण वातविकार नष्ट होते हैं।

5) गुड़ त्रिदोषनाशक है। खांड मधुर,
नेत्रों को लाभ पहुंचाने वाली, वात-
पित्तनाशक, स्निग्ध, बलकारक और
वमननिवारक है

2017-02-21T15:07:04+00:00 By |Ahar-vihar|0 Comments

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