पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

ठंड में छुहारा खाने के ”लालच” से बच नहीं पाएंगे,जब जानेंगे ये BENEFITS!

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ठंड में छुहारा खाने के ”लालच” से बच नहीं पाएंगे,जब जानेंगे ये BENEFITS!

छुहारा खुश्क फलों में गिना जाता है, जिसके प्रयोग से शरीर हृष्ट-पुष्ट बनता है। सर्दियों में छुहारे बहुत पौष्टिक होते है। अगर पाचन शक्ति अच्छी हो तो खजूर खाना ज्यादा फायदेमंद है। छुहारे का सेवन तो सालभर किया जा सकता है, क्योंकि यह सूखा फल बाजार में सालभर मिलता है। मगर फिर भी ठंड में इसे खाना अधिक बेहतर होता है। सर्दियों में शरीर को शक्ति देने के लिए मेवों के साथ छुहारे का प्रयोग खासतौर पर किया जाता है।

-चार बीज निकाले छुहारे ,एक चुटकी केशर (125 मिलीग्राम ) और आवश्यकता अनुसार शक्कर को 500मि.ली. दूध में मिलाकर उबाल लें और इन सब को एक साथ रात में सेवन करें। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला योग है।

– छुहारों को बीज निकालकर पीस लें और 250 मिलीग्राम की मात्रा में दूध और केले के साथ मिलाकर मिल्क शेक बना लें। इसका नियमित सेवन बुढ़ापे से जुड़ी समस्याओं को दूर रखेगा।

– खजूर के सेवन से दमे के रोगियों के फेफड़ों से बलगम आसानी से निकल जाता है। लकवा और सीने के दर्द की शिकायत को दूर करने में भी खजूर सहायता करता है।

-भूख बढ़ाने के लिए छुहारे को दूध में पकाएं। उसे थोड़ी देर पकने के बाद ठंडा करके पीस लें। यह दूध बहुत पौष्टिक होता है। इससे भूख बढ़ती है और खाना भी पच जाता है।

-जुकाम से परेशान रहते हैं तो खारक का दूध बनाकर उसमें थोड़ा कालीमिर्र्र्च व इलायची पाऊडर डालकर पीएं। सर्दी-जुकाम बिल्कुल ठीक हो जाएगा।

– छुहारा पुरुषों की कमजोरी दूर करता है अगर आप कमजोरी या नपुंसकता से परेशान हैं तो तीन महीने तक छुहारे का सेवन आपको समस्या से मुक्ति दिला देगा। इसे रोज सुबह खाली पेट खाएं। पहले सप्ताह एक छुहारा व दूसरे सप्ताह से दो सप्ताह तक दो छुआरा खूब चबा-चबाकर खाएं। तीसरे सप्ताह में तीन छुहारे खाएं और चौथे सप्ताह से 12वें सप्ताह तक चार-चार छुहारों का रोज सेवन करें। इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।

– छुहारे का नियमित सेवन करने से दिल से संबंधित रोग नहीं होते हैं। साथ ही इसे खाने से खून की कमी की समस्या दूर होती है।

– छुहारे बहुत अल्प मात्रा में फेट व कोलेस्ट्रॉल से युक्त होने के कारण मोटे व्यक्तियों सहित रक्तचाप पीडि़त रोगियों के लिए भी सुरक्षित होते है। नियमित दो या चार छुहारे का सेवन कब्ज की समस्या को दूर करता है।

– सर्दियों में छुहारे का सेवन बहुत लाभदायक होता है। इसके नियमित सेवन से आमाशय को बल मिलता है।

– छुहारे या खारक की तासीर गर्म होने से ठंड के दिनों में इसका सेवन नाड़ी के दर्द में भी आराम देता है। साइटिका रोग से पीडि़त लोगों को इससे विशेष लाभ होता है।

– सर्दियों में रोजाना छुहारे के सेवन से प्रदर रोग स्त्रियों की बड़ी बीमारी है। छुआरे की गुठलियों को कूट कर घी में तल कर, गोपी चन्दन के साथ खाने से प्रदर रोग दूर हो जाता है।

– जो लोग बहुत पतले हैं और अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं उनके लिए छुहारा वरदान साबित हो सकता है, सर्दियों में इसके नियमित सेवन से वजन बढऩे लगता है।

2017-02-05T21:45:45+00:00 By |Ayurveda|0 Comments

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