खून की खराबी दूर करने के 12 घरेलू उपाय – Khoon Saaf Karne ke Liye Gharelu Upay

खून की खराबी के कारण :

रक्त विकार अर्थात खून में दूषित द्रव्य बनना। खून में दूषित द्रव्य बनने के कई कारण होते हैं। सूक्ष्म कीटाणु फैलने के कारण यह रोग होता है। जब किसी रोगी का खून दूषित हो जाता है तो फुंसियां हो जाती हैं, किसी को फोड़े निकल आते हैं, किसी को ऐसे फोड़े हो जाते हैं जो किसी साधारण दवा से ठीक ही नहीं होता। इस तरह विभिन्न कारणों से उत्पन्न रक्त विकार को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक औषधि का प्रयोग करने से लाभ होता है।

खून की खराबी दूर करने के घरेलू उपाय : Khoon Saaf Karne ke Nuskhe

पहला प्रयोगः दो तोला काली द्राक्ष (मुनक्के) को 20 तोला पानी में रात्रि को भिगोकर सुबह उसे मसलकर 1 से 5 ग्राम त्रिफला के साथ पीने से कब्जियत, रक्तविकार, पित्त के दोष आदि मिटकर काया कंचन जैसी हो जाती है।

दूसरा प्रयोगः बड़ के 5 से 25 ग्राम कोमल अंकुरों को पीसकर उसमें 50 से 200 मि.ली. बकरी का दूध और उतना ही पानी मिलाकर दूध बाकी रहे तब तक उबालकर, छानकर पीने से रक्तविकार (Blood Disorders) मिटता है।

खून साफ करने के आयुर्वेदिक नुस्खे : Khoon Saaf Karne ke Ayurvedic Upay

1. नीम : रक्त की सफाई के लिए नीम सबसे बेहतरीन उपाय है। सुबह नीम की कुछ कच्ची कोपलें खाली पेट चबाएं और ऊपर से पानी पी जाएं। या फिर नीम की कुछ कोपलें बारीक पीसकर पानी में मिलाकर भी पी सकतें हैं। कुछ ही हफ़्तों में रक्त की सारी दूषिता समाप्त हो जाएगी।

2. चिरायता :  चिरायता रक्त की सफाई के लिए रामबाण औषधि है। सुबह के समय चिरायते की कुछ पत्तियों को पीसकर एक गिलास पानी में मिलाकर पी जाएं। कुछ ही दिनों में रक्त की शुद्धि के लक्षण आपको खुद दिखाई देने लगेंगे।

3. हरड़ : रात को गरम पानी के साथ दो हरड़ का चूर्ण लें

4. त्रिफला : दिन में दो बार एक-एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी से लें

5. अदरक और नींबू : अदरख के छोटे टुकड़े को पीसकर इसमें, नींबू की दो-तीन बूंदे चुटकी भर नमक और पीसी हुई काली मिर्च (चुटकी भर) मिला कर सुबह के समय खाली पेट लें। धीरे-धीरे खून की सफाई होती चली जाएगी।

6. बेल पत्र : पके बेल के गूदे में देशी शक्कर और इसका सेवन नियमित तौर पर रक्त की शुद्धता कुछ ही हफ़्तों में हो जाएगी।

7. रक्त शोधक हल्दी : हल्दी रक्त शुद्धि के लिए अचूक औषधि है। यह रक्त के दोषों को मूत्र द्वारा अथवा दस्त द्वारा निकालकर दूर कर देती है। यह शरीर में चूने के पदार्थ के साथ मिलकर रक्त को शुद्ध लाल रंग का बनाती है।

8. लहसुन : सुबह खाली पेट, 2-3 लहसुन की कलियों का सेवन न सिर्फ पूरे शरीर को फंगल इन्फैक्शन से बचाता है बल्कि यह रक्त शुद्धि भी करता है।

9. तुलसी : सुबह रोज खाली पेट तुलसी के पत्तों का सेवन न सिर्फ रक्त शुद्धि करता है, बल्कि यह ऑक्सीजन से भरपूर भी होता है, और रक्त में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन भी पहुंचाता है।

10. आवंला :आंवला पूरी सेहत की दृष्टि से, चमत्कारिक फल है। विटामिन सी से भरपूर आंवला, लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसके अलावा रक्त को शुद्ध बनाने में भी यह बेहद कारगार है।

(अस्वीकरण : दवा ,उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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