पूज्य बापूजी की स्वास्थ्य कुंजियाँ- Pujya bapuji

1) 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम बादाम और 200 ग्राम मिश्री तीनों को कूटकर मिला लें। सुबह 3 से 5 ग्राम चबा-चबाकर खायें। ऊपर से दूध पी लें। (दूध के साथ भी ले सकते हैं) इससे स्मरण शक्ति बढ़ेगी।

2) सूर्यकिरणें सर्वरोगनाशक व स्वास्थ्यप्रदायक हैं।रोज सुबह सिर को कपड़े से ढककर आठ मिनट सूर्य की ओर मुख व दस मिनट पीठ करके बैठें। समय अधिक न हो व धूप तेज न हो इसकी सावधानी रखें। ऐसा सूर्यस्नान लेटकर करें तो अच्छा।

3) सुबह जल्दी उठें। खाली पेट तुलसी के 5-7 पत्ते खाकर जल पियें। सूर्य को अर्घ्य देकर नमस्कार करें। इससे स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ बुद्धि तेजस्वी होती है।

4)कदवृद्धिः जिन विद्यार्थियो (18 वर्ष से कम उम्र) का कद नहीं बढ़ता वे पुलअप्स का अभ्यास करें और बेल के 6 पत्ते व 2-4 काली मिर्च हनुमान जी का स्मरण करते हुए चबाकर खायें। उसमें पानी डाल के पीसकर भी खा सकते हैं।

5)बादाम बौद्धिक व शारीरिक शक्ति तथा नेत्रज्योति वर्धक है। रात को 4 बादाम पानी में भिगो दें। सुबह छिलके उतार के जैसे हाथ से चंदन घिसते हैं, इस तरह घिस के दूध में मिलाकर सेवन करें। इस प्रकार से घिसा हुआ 1 बादाम 10 बादाम की शक्ति देता है। बालकों के लिए 1-2 बादाम पर्याप्त हैं।

6) 20 ग्राम सौंफ के चूर्ण में समान मात्रा में मिश्री मिलाकर रात को गोदुग्ध से लेने पर नेत्रज्योति बढ़ती है।

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