आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के 75 चमत्कारी नुस्खे | Jadi Butiyan ke Chamatkari Nuskhe

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के फायदे /लाभ /नुस्खे (Ayurvedic jadi butiyan ke fayde/ labh/ nuskhe)

यहां हम कुछ विभिन्न रोगों के घरेलू इलाज के नुस्खे दे रहे हैं। जो बहुत ही उपयोगी और कारगर हैं। इन्हें बेझिझक आजमाया जा सकता है क्योंकि ये नुस्खे किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक हानि नहीं पहुंचाते। इन्हें आजमाइए लेकिन यदि रोग गम्भीर हो तो डाक्टर या वैद्य की सलाह अवश्य लें।

jadi butiyan se ilaj

1- आंखों की ज्योति कम होती महसूस हो तो सुबह-शाम नियमित रूप से सौंफ खाना आरम्भ कर दें। अवश्य लाभ होगा।

2- दांत-दाढ़ के दर्द में तुलसी के पत्तों को मसलकर गोली बना लें और दाढ़ या दांत के नीचे दबा लें। दर्द बंद होकर लाभ होगा।

3- शरीर के घाव पर हल्दी का लेप लगाने से खून बहना रूक कर घाव भी तुरन्त भर जाता है।

4- कान दर्द में सरसों के तेल में एक-दो लहसुन की कलियां डालकर गर्म कर कान में एक-दो बूंद डालें। | 5-दांत-दर्द लौंग चूसने और दर्द वाले स्थान पर दबाए रखने से भी लाभ होताहै।

6- कब्ज की शिकायत हो तो आधा कप दूध के साथ ‘ईसबगोल’ नियमित लेने से कुछ ही दिनों में कब्ज से छुटकारा मिल जाएगा।

7- कान का दर्द प्याज के रस से भी दूर हो जाता है।

8- पेट में कीड़े पड़ जायें तो एक चम्मच प्याज का रस नियमित 8-10 दिन लें तो कीड़े नष्ट हो जायेंगे।

9- लू लगने पर प्याज का सेवन करायें तो लाभ मिलेगा। -लू के लिए कच्चे आम (कैरी) का शर्बत बहुत लाभदायक होता है। -सिर दर्द में पान को गर्म कर माथे पर रखने से शीघ्र ही लाभ पहुंचता है।

10- दाद, खाज, खुजली फोड़े, फुसी आदि रोगों को दूर करने के लिए नीम की ताजा कोमल पत्तियां सुबह चबायें तो कुछ ही दिनों में आराम हो जायेगा।

11- जल जाने पर यदि तुलसी के रस में नारियल का तेल मिलाकर लगायें तो जलन कम हो जाती है और फायदा होता है।

12- पुराने कब्जे में यदि नियमित रूप से कागजी नींबू के रस में शहद मिलाकर लें तो कब्ज दूर हो जाता है।

13- छाले होने पर मिश्री और कत्थे का टुकड़ा साथ-साथ मुंह में रखकर चूसने से छाले शीघ्र ही ठीक हो जाते हैं।

14- चेचक के दाग नारियल का तेल नियमित लगाने से हल्के पड़ जाते हैं।

15- नाक से रक्त बहने पर नाक पर ठंडे पानी के छींटे मारने से रक्त बंद हो जाता है। ठंडे पानी में फिटकरी घोलकर नाक में एक-दो बूंद डालने से भी रक्त बंद हो जाता है।

16 – नाक यदि खुश्क और रूखी हो गयी हो तो अंगुली में घी लगाकर नाक के अन्दर चारों तरफ फेर लेने से लाभ होता है।

17- नाक बहने पर अदरक को भूनकर गुड़ के साथ खाने से आराम मिलता है। छींके आना भी बंद हो जाती हैं।

18- भूख न लगने पर सिरके में डाला हुआ प्याज या लहसुन खाने से अपच दूर हो जाती है।

19- पेट की वायु के लिए अजवायन के साथ काला नमक पीस कर चूर्ण बना लें और सुबह-शाम खायें तो पेट की वायु पूर्णतः ठीक हो जाती है।

20 – सर्दी-जुकाम तेज होने पर तुलसी, अदरक, काली मिर्च, हल्दी और नमक मिलाकर चाय का काढ़ा बनाकर पिलाने से काफी लाभ होता है।

21-  मलावरोध होने पर 4-5 दिन 10 ग्राम गुलकंद रात में खाने से आराम हो जाता है।

22-मलावरोध में त्रिफला (हरड़-बहेड़ा तथा आंवले का सममात्रा में बना चूर्ण) चूर्ण सुबह-शाम लेने से लाभ होता है।

23- आमातिसार में ऐंठन को कम करने के लिए सौंफ तीन-चार बार खाते रहें।

24- आमातिसार में लौंग का चूर्ण शहद से लेने से आराम मिलता है। -शीत पित्त में चिरौजी दूध में पिसकर लगाने से काफी लाभ होता है।

25- आंखों के नीचे काले दाग पड़ गए हों तो बादाम के तेल में शहद मिलाकर लगाने से लाभ होता है।

26- हिचकी की बीमारी में हींग गरम करके सुंघने से लाभ होता है।

27- बिच्छू काटने पर आक के दूध में हींग घिस कर लगाने से शीघ्र आराम मिलता है।

28- घाव के सड़ने पर नीम की पत्ती के साथ हींग पीसकर लगायें।

29- हिस्टीरिया के दौरे में हींग सुँघने से लाभ होता है। साथ ही गुड़ या मिश्री के साथ थोड़ी हींग खिला दें।

30- तेज बुखार में हींग पानी में घिस कर हाथ-पैरों में मलने से बुखार कम हो जाता है।

31- प्रदर रोग में आधा तोला जीरे का चूर्ण और आधा तोला मिश्री का चूर्ण चावल की धोवन में मिलाकर इक्कीस दिन तक सेवन करने से काफी लाभ होता है।

32- खांसी में एक ग्राम सौंठ तथा एक ग्राम जीरे का चूर्ण शहद में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें।

33– अनिद्रा रोग में रात के भोजन में प्याज कच्ची या सब्जी में अधिक मात्रा में खाने से लाभ होता है।

34- नपुंसकता की स्थिति में 10 ग्राम प्याज का रस, 8 ग्राम अदरक का पानी, 6 ग्राम शुद्ध शहद तथा 4 ग्राम शुद्ध घी लेकर इन सब चीजों को मिलाकर 20 दिन तक (रात को) सेवन करें।यदि उपयुक्त समझे तो सुबह-शाम दोनों वक्त लें। आश्चर्यजनक लाभ होगा।

35- पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए अदरक को कलौंजी और नमक लगाकर खाने से लाभ होता है।

36 – जले स्थान पर शहद का लेप करने से आराम मिलता है। और फफोला नहीं पड़ता।

37- अनिद्रा में प्याज के रस में शहद मिलाकर सेवन करें।

38- बच्चे यदि रात में पेशाब कर देते हों तो एक चम्मच शहद में उतना ही पानी मिलाकर देने से लाभ होता है।

39- मस्तिष्क कमजोर होने पर सुबह मलाई के साथ शहद खाने से वह पुष्ट होता है।

40- कमर दर्द में खसखस और मिश्री को सगान भाग लेकर चूर्ण बना लें और सुबह शाम थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गर्म दूध के साथ लें।

41- आंखें दुखने पर 5 ग्राम फिटकरी को महीन पीसकर 200 ग्राम गुलाबजल में मिला लें और दिन में तीन-चार बार इसकी 2-3 बूंदे आंखों में डालें।

42- खुजली होने पर नारियल के रस में शुद्ध गंधक मिलाकर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।

43- घाव अथवा चोट पर नारियल को बारीक पीसकर उसमें हल्दी मिलाकर लगायें।

44- हैजे में उल्टियां रोकने के लिए नारियल का पानी दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा पिलाने से उल्टियां रूक जाती हैं।

45- ठंड से त्वचा फटने पर रात में नारियल के तेल की मालिश करने से लाभ होता है।

46- आग से जलने पर शुद्ध नरियल का तेल लगाना चाहिए।

47 -सुस्ती दूर करने के लिए गरम पानी में नींबू निचोड़कर पियें।

48- हाथ-पैर फटने पर नींबू, ग्लिसरीन तथा गुलाबजल सममात्रा में लेकर मिश्रण बना लें और प्रतिदिन रात में मल लें।

49- खुजली में नींबू का रस और तुलसी पीसकर लगायें।

50- सिर दर्द के लिए आधा नींबू एक गिलास पानी में निचोड़ कर पियें।

51- कब्ज में नींबू पर नमक लगाकर चूसें या रस निकालकर पिये।

52- दाद पर नींबू के रस में तुलसी के पत्ते पीसकर लगायें।

53- बच्चा यदि दूध डालता है तो नींबू के रस में शहद मिलाकर चटाएं।

54- मलेरिया बुखार में नींबू के रस में काली मिर्च और नमक मिलाकर दिन में । दो-तीन बार दें तो लाभ होता है।

55– पथरी रोग में नींबू का रस और सेंधा नमक मिलाकर नियमित रूप से सुबह-शाम लें तो पथरी निकल जाती है।

56- हैजे में नींबू के रस में प्याज ओर पुदीने का रस मिलाकर देने से लाभ होता है।

57- दाद, खाज, खुजली पर नींबू रगड़ने से फायदा होता है।

58- जहरीले कीड़े के काटने पर नींबू का रस उस स्थान पर मलने से हर दूर । होकर दर्द भी कम हो जाता है।

59- पसीने की दुर्गन्ध को मिटाने के लिए नींबू का रस बगल में लगाने से लाभ होता है।

60- अफीम का विष दूर करने के लिए 50 ग्राम नींबू के रस में चीनी मिलाकर पिलायें।

61- पायरिया रोग में दो तोला नींबू का रस, 10 तोला तिल का तेल तथा थोड़ा । सेंधा नमक मिलाकर प्रतिदिन लगाने से रोग नष्ट हो जाता है।

62- बालों का गिरना रोकने के लिए नींबू को काटकर सिर पर घिसें।

63- सिर के जुएं नष्ट करने के लिए नींबू के रस में शक्कर मिलाकर मलें।

64- फोड़े-फुसियों पर नीम की छाल घिस कर लगाने से लाभ होता है।

65- जुएँ और लीकें नष्ट करने के लिए सिर में नीम का तेल लगायें।

66- संक्रामक रोगों के लिए कमरों में नीम की पत्तियों की धूनी देने से कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।

67- दांतों को नीरोग और मजबूत करने के लिए प्रतिदिन नीम की दातुन करें।

68- जिगर और तिल्ली की शिकायत पर पपीता नियमित सेवन करने से लाभ होता है।

69- पेट दर्द में प्याज का रस, हींग और काला नमक मिला कर सेवन करें। -श्वास के रोग में प्याज का रस बहुत लाभदायक होता है।

70- मधु मक्खी के काटे पर प्याज का रस लगाने से दर्द और सूजन कम हो । जाती है।

71- बालों को मट्ठे से धोने पर वे घने और चमकीले हो जाते हैं। -त्वचा की कोमलता के लिए शरीर पर मढ़े की मालिश करें।

72- कुष्ठ या श्वेत दागों पर मेंहदी पीसकर लगाने से त्वचा के रंग में परिवर्तन हो जाता है।

73- जलोदर रोग में मूली के पत्तों का रस सेवन करने से लाभ होता है। -शरीर की सूज़न पर लहसुन का रस लगायें।

74- पुरानी खांसी कफ तथा खांसी के रोग में लहसुन की दो-तीन कलियां प्रतिदिन सुबह-शाम भूनकर खायें। इससे खून भी बढ़ता है।

75- शरीर की थकान तथा पैरों की थकान में गर्म पानी में नमक या सिरके की बूंदे मिलाकर पैरों को उस बर्तन में पिंडलियों तक कुछ देर डुबोये रखें तो थकावट दूर हो जायेगी।

(दवा ,उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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