दातुन करने के स्वास्थ्य लाभ – Datun Karne ke Labh in Hindi

दिनचर्या के अंतर्गत दंतधावन क्रिया में हम दातुन का प्रयोग कर सकते है। मार्केट में उपलब्ध टूथपेस्ट की अपेक्षा ग्रंथों में वर्णित दातुन दांतों के स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी है। शास्त्रों में सेंधा नमक व सरसों तेल को मिश्रित कर दंतधावन का उल्लेख है। इसके भी लाभकारी परिणाम मिलते है।

दातुन क्या है ? (Datun Kya Hota Hai)

दातुन हमारी आयुर्वेदिक परंपरा व संस्कृति का एक हिस्सा है, इसलिए हमें दातुन को नहीं भूलना चाहिए और दातुन से ही दांत की सफाई करनी चाहिए। दातुन यानि कुदरती ब्रश। दातुन के टुकड़े में वानस्पतिक रसायन कुदरती रूप से मौजूद होते हैं। दातुन करने से दांतों की सफाई तो होती ही है, वे मजबूत भी बनते हैं।

दांतों की सफाई करना हमारी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा है। दांतों की सेहत बनाये रखने के लिए हमें दांतों की सफाई अच्छी तरह व नियमित रूप से करनी चाहिए। दांतों को लम्बे समय तक स्वस्थ व मजबूत बनाये रखने के लिए दातुन एक बेहतरीन तरीका है। वर्तमान समय में दातुन से दांतों की सफाई करने के प्रतिशत में कुछ गिरावट जरूर आई है, लेकिन अब भी गांवों में कई लोग दातुन से ही दांत साफ करना पसंद करते हैं।

हमारे जीवन में दांत दो बार आते हैं। छह माह से दो साल के दौरान कुल बीस या चौबीस दूध के दांत आते हैं। ये दूध के दांत छह साल और बारह साल की उम्र के दौरान एक के बाद एक गिर जाते हैं और दूध के दांत की जगह नये अट्ठाइस दांत आ जाते हैं। इसके अलावा चार अकल दाढ़ें दो ऊपर के जबड़े के और दो नीचे के।

जबड़े के अंत में करीबन पंद्रह से तीस साल के दौरान चार अकल दाढ़ें आ जाने के बाद ही दांतों की बत्तीसी पूर्ण होती है।

दांत के तीन प्रकार :

  1. काटने वाले, 2. चीरने वाले, 3. चबाने वाले
    हमेशा कायम रहने वाले दांत गिरने के बाद नये दांत कभी भी नहीं आते इसलिए हमें हमारे दांतों की देखभाल अच्छी तरह से करनी चाहिए।

दातुन से दांतों की सफाई कैसे करें (Datun Karne ka Tarika in Hindi)

दातुन से दांतों की सफाई करने हेतु हम ताजी दातुन के एक छोर को मुंह में पहले चबाते हैं। दातुन को चबाने से इसके रेशे अलग-अलग होकर मुलायम हो जाते हैं। चबाये हुए दातुन के छोर से दांतों
और मसूड़ों को धीरे-धीरे रगड़ते हैं। दातुन का रस दांतों की गहराई, दांत की सतह और दांतो के बीच की जगह में पहुंच जाता है। दातुन से दांत की सफाई होने के बाद उसी दातुन को चीरकर दो भाग किया जाता है। उसमें से एक हिस्से को जीभी की तरह मोड़कर जीभ की सफाई कर सकते हैं, आखिर में पानी से कुल्ला करके मुंह को साफ करते हैं। इस तरह दातुन से दांत की सफाई करने से मुंह में ताजगी महसूस होती है।

उत्तम दातुन के गुणधर्म (Uttam Datun ke Gun in Hindi)

दातुन हमेशा तरोताजा होना चाहिए। दातुन में अच्छा स्वाद होना चाहिए, दातुन को चबाने से उसके रेशे की कूची अच्छी मुलायम बननी चाहिए। दातुन की मोटाई सबसे छोटी उंगली से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। दातुन कम से कम आधा फीट लम्बी व सीधी होनी चाहिए। आमतौर पर पेड़-पौधे की डाली का तना दातुन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कई पेड़-पौधे ऐसे भी होते हैं जिसकी जड़ दातुन के लिए इस्तेमाल होती है, जैसे – बरगद, आक आदि।

दातुन के प्रकार (Datun ke Prakar in Hindi)

आयुर्वेद में आहार के छ: रस का वर्णन किया है, जो निम्नलिखित है :

  1. मधुर अर्थात मीठा
  2. अम्ल अर्थात खट्टा
  3. लवण अर्थात नमकीन या खारा
  4. कटु अर्थात तीखा
  5. तिक्त अर्थात कड़वा
  6. कषाय अर्थात कसैला

स्वाद के अनुसार दातुन के प्रकार निम्नलिखित हैं –

  • मीठा स्वाद :- महुआ, बरगद, पंजौली, बकुल आदि
  • कड़वा स्वाद :- नीम, गिलोय, बकायन आदि
  • कसैला स्वाद :- बबूल, खैर, जामुन आदि
  • खट्टा स्वाद :- करंज, गुग्गल आदि
  1. कसैले स्वाद वाली दातुन गले की खराश दूर करती है,घाव को भरती है व दांतों की सतह पर जमी हुई पपड़ी को दूर करती है।
  2. तीखे स्वाद वाली दातुन आहार के प्रति अरूचि दूर करती है।
  3. कड़वे स्वाद वाली दातुन से भूख खुलकर लगती है और कीटाणु को नष्ट करती है।
  4. मीठे स्वाद वाली दातुन से मुंह में मीठापन व ताजगी मिलती है।
  5. खट्टे स्वाद वाले दातुन आहार के प्रति रूचि बढ़ाते हैं ।

कौनसी दातुन है सबसे अच्छी ? (Sabse Acchi Datun in Hindi)

  • कसैले स्वाद में बबूल की दातुन सबसे अच्छी मानी जाती है।
  • नीम की दातुन कड़वे स्वाद में अच्छी है।
  • तीखे स्वाद के लिए करंज की दातुन सर्वोत्तम है।
  • मधुर स्वाद में महुआ की दातुन अच्छी मानी गई है।

दातुन के लिए उपयोगी पेड़ (Datun ka Ped in Hindi)

दातुन के लिए आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले पेड़-पौधे की सूची इस प्रकार से है –

आंवला, अर्जुन, कांचनार, खैर, गिलोय, गुग्गुल, इमली, गूलर, कटगुलर, करंज, खिरनी, इन्द्रजव, कदंब, दाड़िम (अनार), पीपल, पीपर, तेजबल, पंजौल, पारिजात, बबूल, नीम, बकायन, बकुल, बिजासर, बरगद (बड़), झील, महुआ, सरू, बेर, शिरीष, मेहंदी, चिरचिरा, जामुन आदि ।

दातुन के लाभ (Datun ke Labh in Hindi)

1). कसैले स्वाद वाली दातुन में आमतौर पर टेनिन मौजूद होता है, जो कीटाणुनाशक होकर घाव को भरता है साथ ही दाग धब्बों को भी मिटाता है।

2). क्षीर वाले दातुन का क्षीर कीटाणुनाशक होता है और सूजन (शोथ) को दूर करता है।

3). खट्टे स्वाद वाले दातुन में साइट्रिक एसिड (Citric Acid), टार्टरिक एसिड (Tartric Acid), Bifchulfatah JRTE (Oxalic Acid) 311fa मौजूद होते हैं, जो दातों की सतह पर जमी पपड़ी और दाग धब्बों को निकालता है। दातुन में पाये जाने वाले अन्य तत्वों में सल्फर (Sulphur), क्लोरिन (Chlorine) आदि भी दांत के दाग दूर करता है।

4). कड़वे स्वाद वाले दातुन में एल्केलॉईड (Alkaloid) या ग्लायकोसाइड (Glycoside) होता है, जो कीटाणुनाशक होता है।

दातुन से दांत की सफाई पांच से दस मिनट में अच्छी तरह हो जाती है। इस प्रकार आयुर्वेद ग्रंथ में वर्णित दातुन का नियमित प्रयोग से हम अपने दांतों की उचित देखभाल कर सकते हैं और भविष्य में होने वाली दांतों की बीमारियों से बचाव कर सकते हैं, तो देर किस बात की। आज से ही दातुन का प्रयोग करना प्रारंभ कर दें।

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