मुंह में ज्यादा लार बनने का कारण और उपचार – Munh mein Jyada lar Banna

मुंह में ज्यादा लार बनने का कारण :

muh me bar bar thuk kyon aata hai ?

मुंह के अंदर निचले जबड़े में दोनों ओर लार ग्रंथियां (सलीवरी ग्लांड) होती है जिनमें से एक तरह का रस निकलता रहता है और जिसे हम स्वाभाविक रूप से चूसते रहते हैं। आमतौर पर इस रस को लार कहा जाता है। कभी-कभी मुंह में यह लार अधिक बन जाने पर थूक के रूप में बाहर निकल जाती है। कभी-कभी मुंह में छाले होने के कारण या पेट में कीड़े के कारण भी लार अधिक बनती है जिसके कारण बार-बार थूकना पड़ता है।

मुंह में ज्यादा लार बनने का इलाज (munh mein jyada lar banne ka ilaj)

1. सुहागा :

  • 500 मिलीलीटर पानी में 125 ग्राम सुहागे को मिलाकर गरारे करने और बीच-बीच में कुल्ला करने से लार का मुंह में अधिक आना बंद हो जाता है।
  • सुहागा को शहद में मिलाकर जीभ और मुंह के अंदर के छालों पर दिन में 3 से 4 बार लगायें। इससे जीभ या मुंह में हुए छाले के कारण लार का गिरना और कब्ज खत्म होता है।

2. खैर (कत्था, खदिर) : खैर (कत्था, खदिर) के फल, दाड़िमपुष्प एवं कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला एवं गरारे करें। इससे गले के रोग और अधिक लार आना बंद हो जाता है।

3. शणपुष्पी (सनई, पटसन) : शणपुष्पी के पत्तों का रस आधा से 1 ग्राम की मात्रा में रोजाना सुबह-शाम पीने से अधिक लार का आना कम हो जाता है।

4. मौलसिरी :

  • मौलसिरी का दातुन करने से और चबाने से मुंह में लार का अधिक आना बन्द होता है।
  • मौलसिरी की छाल का काढ़ा बनाकर इस काढ़े से गरारे एवं कुल्ला करें। इससे अधिक लार आना कम हो जाता है।

5. नागरमोथा (मोथाघास) : नागरमोथा के फल का काढ़ा बनाकर 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना सुबह-शाम सेवन करने से मुंह के छाले कुछ ही समय में दूर हो जाते हैं।

6. इलायची : इलायची और सुपारी को बराबर मात्रा में पीसकर 1-2 ग्राम की मात्रा में बार-बार चूसते रहने से ज्यादा लार का आना दूर हो जाता है।

(अस्वीकरण : दवा, उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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