पेड़ पौधों द्वारा विभिन्न समस्याओं का समाधान

पेड़ पौधों द्वारा विभिन्न समस्याओं का समाधान संभव है –

1). अपराजिता की लता को कमर में बांधने से स्त्री का प्रसव शीघ्र हो जाएगा।

2). अजवाइन व लाल मिर्च को अग्नि में डालकर धूनी बनाकर बच्चे के सिर पर से सात बार घुमाकर अग्नि में डाल दें। नज़र लगने का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

3). कमल के बीज की माला पूजा स्थान पर रखने से तथा कमलगट्टे की पूजा करने से घर में धनागमन का योग बनता है।

4). कददू के फूलो के रस को हल्दी मिलाकर बाधा ग्रस्त रोगी को सुंघाने से भूत प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है।

5). जलकुम्भी को घर के किचन में लटकाने से अन्न की कभी कमी नहीं रहती है।

6). जायफल को रेशम के धागे में पहनने से पागलपन दूर हो जाएगा।

7). गेहूं में नागकेसर के दो दाने तथा तुलसी के पत्ते डालकर आटा पिसाने से घर में सुख शांति बनी
रहती है।

8). नीम के पत्तियों, केले के पत्तों पर विष ग्रसित रोगी को सुलाने से विष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

9). पलाश के पत्तो पर भोजन करने से रोगो से मुक्ति मिलती है।

10). पीपल के पत्तों का जल पिलाने से प्रेत बाधा समाप्त हो जाती है।

11). नजरबट्टू के बीज पास में रखने से नजर नहीं लगती।

12). बरगद (बड़) का पता घर में रखने से कभी भी अन्न का संकट नहीं रहता है।

13). बहेड़ा के पत्तों को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घर में रखने से शत्रु के घातक टोटकों का असर समाप्त हो जाता है।

14). श्रावण नक्षत्र के दिन लाया गया बांस का टुकड़ा दाहिने हाथ में धारण करने से काम में विजय प्राप्त हो जाती है।

15). बेल के वृक्ष से शुक्ल पक्ष के रविवार के दिन पत्ती तोड़कर लाये और अपने पास रखने से अनेक प्रकार के आर्थिक लाभ होते है।

16). इच्छित मनोरथ पूर्ण करने के लिए सफेद दाढ़ी वाले बैठे हुए हनुमान जी की तस्वीर के सामने गुलाब के लाल रंग के 11 फूल लगातार 11 दिन तक चढ़ाते रहे इच्छित मनोरथ पूर्ण होगा।

17). डूबे हुए धन की वसूली के लिए जो व्यक्ति धन वापसी नहीं कर रहा हो उसका नाम लेकर गोमती चक्र को किसी एकांत स्थान पर जमीन में गहरा गड्ढा कर गाड़ दे। डूबे हुए धन की वापसी होने लगेगी।

18).शनि की साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए प्रति शनिवार काले कुत्ते को 21 दिन तक रोटी खिलाये।

19). वृषभ राशि वालो को ऐसा अनुभव आ रहा हो कि उनका भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो सात मुखी और एक मुखी रुद्राक्ष गले में शनिवार को धारण करें तथा प्रति शनिवार भैरव जी के दर्शन किया करें।

20). शत्रु को परास्त करने के लिए पीपल के पत्ते पर उसका नाम लिखकर शहद में पत्ते को डूबा दे। शत्रु परास्त होंगे।

21). धन की कभी कमी नहीं रहेगी. निम्न मंत्र को स्वेत वस्त्र पर बैठकर उत्तर दिशा की ओर मुख
करके लाल मूंगे की माला से निम्न मंत्र का जाप करे –
ॐ ह्रीं श्री क्लीं क्रौं ॐ घंटाकर्ण महावीर लक्ष्मी पूरय पूरय सुखं सौभाग्यं कुरु कुरु स्वाहा।

22). तबादला रुक जाये अथवा मन चाहे स्थान पर हो, प्रति दिन सूखी लाल मिर्च के 28 बीज प्रातः काल “ॐ घृणि सूर्याय नम:” कहते हुए सूर्य को जल के साथ अर्पण करे।

23). धन की वृद्धि के लिए : अश्लेशा नक्षत्र में बरगद (बड़) का पत्ता ला कर तिजोरी में रखें।

24). अपामार्ग के रस को लोहे के पात्र में रखकर उसमे सहदेवी के रस को मिलाकर तिलक लगाकर शत्रु के सामने जाने से शत्रु आत्मसमर्पण कर देगा।

25). संतान नहीं हो रही हो तो सोमवार के दिन शिवलिंगी का बीज और लक्ष्मण बूटी का एक बीज ले आए इस पर 21 बार “ॐ नमः शिवाय” का पाठ करे। संतान आवश्य होगी।

Leave a Comment