वास्तु के अनुसार कैसा हो आपके घर का रंग | Vastu ke Anusar Apke Ghar ka Rang

Last Updated on July 22, 2019 by admin

रंग वास्तु | rang vastu

रंग प्रकृति की निराली देन हैं। सदियों से रंगों के शक्तिशाली प्रभाव को अनुभव किया जाता रहा है। रंगों का सही उपयोग सुख शांति समृद्धि बढ़ाता है, पर गलत उपयोग हानिप्रद सिद्ध होता है। वास्तुशास्त्र एवं फेंग शुई में रंगों के सही उपयोग का निर्देश दिया गया है, कि किस तरह रंगों को सुंदर तरीके से निवास स्थान में प्रयोग किया जाए जिससे जिंदगी में अधिक से अधिक सुख प्राप्त किया जा सके।

दिलीप भाई ने अपने स्टोर के वास्तु परामर्श के लिए मुझे बुलाया। दिलीप भाई ने बताया कि पहले मेरा जनरल स्टोर काफी अच्छा चलता था। किंतु पिछले छः माह पूर्व जब से मैंने स्टोर का नवीनीकरण किया है, तब से कारोबार घटते-घटते लगभग आधा रह गया है। इस कारण काफी परेशान हूं। स्टोर बड़ा सुंदर एवं भव्य था। मुख्य द्वार के ठीक सामने की दीवार पर गहरा नीला रंग किया हुआ था जो कि फेंग शुई के अनुसार दुकान की प्रसिद्धि के विनाश का मुख्य कारण था। मैंने उन्हें नीले रंग की जगह हल्का गुलाबी रंग करने एवं मध्य में लाल रंग के फूल लगाने का सुझाव दिया। इस परिवर्तन के बाद धीरे-धीरे उनके कारोबार में निरंतर सुधार होता गया। आज दिलीप भाई काफी प्रसन्न हैं।

रंगों के मामले में वास्तुशास्त्र एवं फेंग शुई के सिद्धांत अलग-अलग हैं। वास्तुशास्त्र के सिद्धांत सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध इत्यादि ग्रहों पर आधारित होते हैं। जबकि फेंग शुई के सिद्धांत प्रकृति में पाए जाने वाले तत्त्व जैसे आग, पानी, काष्ठ इत्यादि पर आधारित होते हैं। किसी भी निवास स्थान का रंग संयोजन वास्तु एवं फेंग शुई द्वारा निर्देशित नियमानुसार किया जाए तो काफी सुखद परिणाम देखने को मिलते हैं। जहां संयोग से रंगों का संयोजन दोनों सिद्धांतों के अनुसार शुभ हो वहां चमत्कारिक परिणाम देखने को मिलता है।

वास्तुशास्त्र अनुसार निवास स्थान का ग्रहों के आधार पर रंग संयोजन :

1. मुख्य द्वार का रंग(vastu ke anusar mukhya dwar ka rang) –भवन के मुख्य द्वार का रंग सफेद, हल्का नीला या हल्का हरा होना शुभ होता है। किसी भी स्थिति में स्लेटी या काला रंग नहीं करना चाहिए।

2. पूजा घर का रंग(vastu ke anusar pooja ghar ka rang)- पूजा घर में बैंगनी (Violet), गुलाबी, नीला रंग करना शुभ होता है।इससे एकाग्रता बढ़ती है। ध्यान में बैठने के लिए अच्छे वातावरण का निर्माण होता है।

3.रसोईघर घर का रंग(vastu ke anusar rasoi ghar ka rang)- रसोईघर में सबसे अच्छा रंग सफेद होता है। इससे पवित्रता एवं सफाई बनी रहती है। रसोई में किसी भी स्थिति में लाल रंग नहीं करना चाहिए । लाल रंग होने पर परिवार में विवाद होते हैं। भोजन कक्ष का रंग हल्का नीला या हल्का हरा होना शुभ होता है। इन रंगों से जो वातावरण निर्मित होता है उससे भोजन करने में आनंद आता है व भोजन सुचारु रूप से पचता है।

5.बैठक कक्ष का रंग(vastu ke anusar baithak kaksha ka rang)- बैठक कक्ष में हल्का पीला, मटमैला, भूरा या हल्का हरा रंग करना शुभ | होता है। इससे घर में शांति रहती है।

6. शयन कक्ष का रंग(vastu ke anusar bedroom ka rang)-मुख्य शयन कक्ष का रंग गुलाबी या पीला करना शुभ होता है। गुलाबी रंग शयन कक्ष में सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि करता है। जिससे वातावरण प्रसन्नचित्त रहता है।

7. बच्चों के बेड रूम का रंग(vastu ke anusar bachon ke bedroom ka rang)-बच्चों के बेड रूम का रंग हल्का नीला, हल्का हरा या हल्का स्लेटी होना शुभ होता है। इससे बच्चे पढ़ते समय बोझिले नहीं होते। सफेद रंग से बच्चों में अध्ययन करते समय जल्दी सुस्ती छा जाती है। बच्चों के स्टडी टेबल एवं चेयर का रंग काला या सफेद कर सकते हैं, जो उन्हें ज्यादा ऊर्जा देता है।

8. बाथरूम का रंग(vastu ke anusar bathroom ka rang)-बाथरूम का रंग स्लेटी, सफेद या गुलाबी रख सकते हैं।

9. भवन की बाहरी दीवारों का रंग(vastu ke anusar makan ki bahri diwaron ka rang)-भवन की बाहरी दीवारों का रंग अपनी इच्छानुसार रख सकते हैं।

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वास्तुशास्त्र अनुसार व्यापारिक स्थल का रंग संयोजन :

व्यावसायिक स्थल  रंग
1- बुटीक हरा
2 -ब्यूटी पार्लर लाइट ग्रे, सफेद या मल्टीकलर।
3 -ज्वैलरी पीले रंग के अलावा कोई भी रंग।
4- शू स्टोर स्लेटी, भूरा या सफेद ।
5- पुस्तक व ग्रीटिंग कार्ड हरा, नीला, पीला, मटमैला या गुलाबी।
6 -जनरल स्टोर हल्का हरा, गुलाबी, सफेद या हल्का बहुरंगी।
7 -मेडिकल स्टोर  हल्का नीला, गुलाबी।
8 -इलैक्ट्रानिक एवं इलैक्ट्रीकल्स सफेद, हल्का गुलाबी, हल्का हरा, हल्का नीला व पीला।
9 -कम्प्यूटर  हल्का नीला या हरा।
10 -चार्टड अकाउंटेंट सफेद या पीला।
11 -अस्पताल सफेद, हल्का हरा, हल्का पीला या हल्का नीला।

फेंग शुई अनुसार दिशाएं उनके तत्त्व एवं रंग :

दिशा मूल तत्त्व प्रतिनिधित्व क्षेत्र शुभ रंग अशुभ रंग
उत्तर जल कैरियर नीला व काला लाल/गुलाबी
उत्तर-पश्चिम धातु सहायक मित्र सुनहरा सफेद हरा
पश्चिम धातु संतान,सर्जनात्मकता सुनहरा सफेद,रुपहला हरा
पश्चिम-दक्षिण पृथ्वी विवाह, भागीदार पीला, मटमैला नीला/काला
दक्षिण अग्नि प्रसिद्धि लाल/गुलाबी नीला/काला
दक्षिण -पूर्व  काष्ठ संपत्ति  हर प्रकार का हरा सफेद
पूर्व  काष्ठ परिवार व बुजुर्ग  हर प्रकार का हरा सफेद
उत्तर-पूर्व पृथ्वी  ज्ञान व शिक्षा पीला व मटमैला लाल/गुलाबी

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