योनि में दर्द के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Yoni me Dard ke Gharelu Upay

Last Updated on July 8, 2022 by admin

योनि में दर्द होने के कारण :

  • योनि में दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसे –
  • चोट लगने से,
  • सीढ़ियों से गिरने,
  • गुसलखाने में फिसल जाने पर,
  • काफी समय तक भीगे वस्त्रों में कपड़े धोने से,
  • नवयुवतियां का नंगे पैर फर्श साफ करने से,
  • नंगे पांव गीले पांव फर्श पर रसोईघर में काम करने से,
  • आंतरिक वस्त्र, तौलिया से संक्रमण,
  • फुंसियां होने पर,
  • योनि के संकुचन होने पर,
  • प्रसव (बच्चे के जन्म के बाद) सूतिका की बीमारी में जीवाणुओं के संक्रमण से,
  • मासिक-धर्म के समय पर न होने पर,
  • खुजलाते वक्त नाखून लग जाने पर योनि के भीतर की बहुत कोमल त्वचा में जख्म हो जाने से योनि में दर्द होने लगता है।

विभिन्न औषधियों से योनि में दर्द का घरेलू उपचार :

1. धतूरा : धतूरे के पत्तों को पीसकर उसमें थोड़ा-सा सेंधानमक और घी मिलाकर कपडे़ की पोटली बना लें। रात्रि में सोने से पूर्व पोटली योनि में रखने और सुबह निकाल लेने से दर्द में आराम मिलता है।

2. नीम :

  • नीम की निम्बोली (बीज) और एरण्ड के बीजों का गूदा नीम के पत्तों को निचोड़कर प्राप्त हुए रस में पीसकर योनि में लगाने से योनि की पीड़ा शांत होती हैं। नोट- इनमें से किसी एक के न मिलने पर किसी एक बीज के गूदे का प्रयोग भी कर सकते हैं।
  • नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से योनि को धोने से फुंसियों के कारण होने वाले योनि के दर्द में लाभ मिलता है।
  • नीम की छाल को पानी के साथ पीसकर योनि पर लेप लगाने से नाखूनों के द्वारा खुजलाने से हुऐ जख्म में दर्द को राहत मिलती है।

3. आंवला :

  • आंवले के रस में चीनी को डालकर प्रतिदिन सुबह-शाम प्रयोग करने से योनि की जलन मिट जाती है।
  • आंवले का चूर्ण 10 ग्राम और 10 ग्राम मिश्री को मिलाकर प्रतिदिन 2 बार खुराक के रूप में सेवन करने से योनि में होने वाली जलन मिट जाती है।

4. सोंठ :

  • सोंठ को गर्म पानी में पीसकर योनि पर लेप करने से योनि के दर्द में आराम मिलता है।
  • सोंठ का चूर्ण 1 से 3 ग्राम की मात्रा में लेकर रोजाना दूध में पकाकर गर्म-गर्म सुबह-शाम प्रयोग करने से लाभ मिलता है।
  • 10 ग्राम सोंठ लगभग 400 मिलीलीटर पानी में पकाकर काढ़ा बनाकर 20 ग्राम गुड़ के साथ प्रयोग करने से मासिक धर्म (ऋतुस्त्राव) से योनि में होने वाली पीड़ा को समाप्त हो जाती है।

5. खुरासानी अजवायन : खुरासानी अजवायन 2 ग्राम से 3 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम गर्म पानी के साथ प्रयोग करने से योनि के दर्द या पीड़ा में लाभ पहुंचता है।

6. दालचीनी : दालचीनी का तेल 1 से लेकर 3 बूंद को बतासे पर डालकर प्रतिदन सुबह-शाम सेवन करने से योनि का दर्द समाप्त हो जाता है।

7. रास्ना : रास्ना 3 ग्राम, गोक्षुर 3 ग्राम और वसा 3 ग्राम को लेकर अच्छी तरक से पीसकर मिश्रण (कल्क) बनाकर दूध में मिलाकर प्रयोग करने से योनि की पीड़ा से छुटकारा मिलता है।

8. देवदारू : देवदारू 5 ग्राम, कूठ 5 ग्राम, सेंधानमक 5 ग्राम और तगर 5 ग्राम को लेकर पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर 200 मिलीलीटर पानी में डालकर पका लें, फिर इसी को छानकर रूई से बने फोहा में भिगोकर योनि में रखने से योनि का दर्द समाप्त हो जाता है।

9. पिप्पली : पिप्पली 5 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम, उड़द 5 ग्राम, सोये 5 ग्राम, कूठ 5 ग्राम और सेंधानमक 5 ग्राम की मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर रूई की बत्ती बनाकर योनि में रखने से योनि का दर्द मिट जाती है।

10. उलटकंबल : उलटकंबल की जड़ का रस 5 ग्राम और 10 ग्राम चीनी को मिलाकर प्रयोग करने से योनि के दर्द में आराम मिलता है।

11. अपामार्ग : 5 ग्राम अपामार्ग की जड़ और 5 ग्राम पुनर्नवा की जड़ को लेकर बारीक पीसकर लेप बना लें। इस लेप को योनि पर लेप करने से योनि (भग) के दर्द से छुटकारा मिलता है।

12. डिटोल : डिटोल को पानी में डालकर योनि को धोने से योनि की सूजन और दर्द दोनों ठीक होता है।

13. पुनर्नवा : पुनर्नवा के रस को योनि में लेप करने से योनि का दर्द दूर हो जाता है।

14. भांगरा : प्रसव के बाद होने वाले योनि दर्द में भांगरा का पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) और बेल की जड़ के बारीक चूर्ण को बराबर मात्रा में लेकर शहद मिलाकर उचित मात्रा में देने से योनि का दर्द तुरंत ही मिट जाता है।

15. एरण्ड : एरण्ड की जड़ और सोंठ को पीसकर योनि पर लेप लगाने से योनि का दर्द कम होता है।

16. तिल : लगभग 6 ग्राम तिलों का चूर्ण गर्म पानी के साथ दिन में दो बार देने से लाभ होता है।

(अस्वीकरण : दवा, उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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