त्रिकटु चूर्ण के सेवन से 15 जबरदस्त लाभ : Trikatu Churna Benefits in Hindi

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त्रिकटु चूर्ण के सेवन से 15 जबरदस्त लाभ : Trikatu Churna Benefits in Hindi

त्रिकटु चूर्ण (Trikatu churan), एक बहुत ही प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। त्रिकटु चूर्ण, को तीन (त्रि) कटु पिप्पली (long pepper), काली मिर्च (Black pepper) और सोंठ (dry ginger) बराबर मात्रा में मिला कर बनाया जाता है। त्रिकटु पाचन और श्वास सम्बन्धी समस्याओं में लाभकारी है।

त्रिकटु के औषधीय गुण Medicinal Properties

1. एंटी-वायरल Anti-viral: वायरस के खिलाफ प्रभावी
2. एंटी-इन्फ्लेमेटोरी Anti-inflammatory: सूजन को कम करने वाला
3. कफ निकालने वाला expectorant
4. वातहर Carminative
5. कफहर Phlegm reducing
6. एंटीहाइपरग्लैसिमिक Anti-hyperglycemic: रक्त में ग्लूकोज को कम करता है
7. वमनरोधी Anti-emetic: उलटी रोकने वाला
8. एंटीहिस्टामिन Anti-histamine

त्रिकटु के सेवन के लाभ : Trikatu churna Benefits in hindi / Trikatu churn ke fayde

1. त्रिकटु लीवर / यकृत liver को उत्तेजित stimulates कर बाइल bile का स्राव recreation कराता है जो की पाचन के लिए आवश्यक है।
2. त्रिकटु का सेवन पाचक अग्नि को बढ़ाता है जिससे पाचन बेहतर होता है।
3. यह वातहर है।
4. यह फेट फूलना, डकार आना आदि परेशानियों को दूर करता है।
5. यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को भी दूर करने में सहयोगी है।
6. यह मेटाबोलिज्म metabolism को बढ़ाता है जिससे वज़न कम करने में सहयोग होता है।
7. यह पोषक तत्वों की शरीर में अवशोषण के लिए उपलब्धता को बढ़ा शरीर को बल देने में मदद करता है।
8. यह कफहर है।
9. यह कफ दोष के कारण बढे उच्च रक्तचाप Kapha based hypertension में लाभ करता है।
10. यह उष्ण प्रकृति hot potency के कारण कफ का नाश करता है और फेफड़ों को स्वस्थ्य करता है।
11. यह शरीर से आम दोष Ama Dosha को नष्ट करता है।
12. यह लिपिड लेवल Lipid level को कम करता है।
13. यह शरीर से वसा fat को कम करता है।
14. यह बुरे कोलेस्ट्रोल LDLsऔर ट्राइग्लिसराइड triglyceridesलेवल को कम करता है।
15. यह हिस्टामिन का बनना रोकता है इसलिए एलर्जी में लाभप्रद है।

त्रिकटु चूर्ण के चिकित्सीय उपयोग Uses of Trikatu Powder

1. त्रिकुटा का सेवन मुख्य रूप से पाचन और श्वास अंगों के रोगों में किया जाता है। यह तासीर में गर्म है और पित्त को बढ़ाता है तथा कफ को साफ़ करता है।
2. त्रिकुटा का सेवन मेटाबोलिज्म तेज़ करता है, इसलिए इसे वज़न कम करने के लिए भी खाया जाता है। इसे अनेकों आयुर्वेदिक दवाओं में भी डाला जाता है क्योकि यह दवा के अच्छे अवशोषण में मदद करता है bioavailability of other drugs। इसके अतिरिक्त यह वात-कफ हर भी है।
3. भूख न लगना Loss of appetite
4. पाचन सही से न होना Indigestion
5. डकार आना Belching
6. पेट फूलना Abdominal bloating
7. ज़ुखाम, कफ, खांसी Coryza, cold, cough
8. सांस की तकलीफ difficult breathing, Asthma

सेवन विधि और मात्रा :  Dosage of Trikatu Powder

1. त्रिकुटा को आधा ग्राम से तीन ग्राम की मात्रा में ले सकते हैं।
2. इसे पानी अथवा शहद अथवा खाने के साथ मिला कर, लिया जा सकता है।
3. सांस रोग में इसे शहद के साथ लेना चाहिए।
4. भोजन करने से पंद्रह मिनट पहले इसे खाने से पाचन सही से होता है।
5. भोजन को सुपाच्य बनाने के लिए आप त्रिकुटा को भोजन पर छिड़क कर भी खा सकते हैं ।

त्रिकटु चूर्ण के सेवन में सावधानियाँ, साइड-इफेक्ट्स

1. यह पित्त को बढ़ाता है। इसलिए पित्त प्रकृति के लोग इसका सेवन सावधानी से करें।
2. अधिक मात्रा में सेवन पेट में जलन, एसिडिटी, आदि समस्या कर सकता है।
3. जिन्हें पेट में सूजन हो gastritis, वे इसका सेवन न करें।
4. शरीर में यदि पहले से पित्त बढ़ा है, रक्त बहने का विकार है Bleeding disorder, हाथ-पैर में जलन है, अल्सर है, छाले हैं तो भी इसका सेवन न करें।
5. आयुर्वेद में उष्ण चीजों का सेवन गर्भावस्था में निषेध है। त्रिकटु का सेवन गर्भावस्था में न करें।

त्रिकटु घर पर कैसे बनायें?

1. घर पर यह चूर्ण बनाने के लिए आपके पास पिप्पली, काली मिर्च और सोंठ (सूखा अदरक) का होना ज़रुरी है।
2. इन्हें अलग-अलग बारीक पीस, बराबर मात्रा में अच्छे से मिला दें। इस चूर्ण को कपड़े से छान लें और किसी एयर-टाइट कंटेनर में रख लें।

2017-10-07T12:10:48+00:00 By |Ayurveda|0 Comments

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