पर्यंकासन के लाभ : Paryankasana ke Fayde / Benefits in hindi

★ पर्यंकासन(Paryankasana से प्रजनन अंग तथा मूत्राशय संबंधी रोगों में लाभ होता है ।
★ यह आसन खून के बहाव को तेज कर शरीर की सुशुप्त जीवनशक्ति को जाग्रत करता है ।
★ यह आसन प्रसव पीड़ा में लाभकारी है।
आइये जाने पर्यंकासन कैसे किया जाता है |Paryankasana Steps in Hindi

पर्यंकासन की विधि : Paryankasana ki Vidhi

★ पर्यंकासन आसन के अभ्यास को शान्त, स्वच्छ जगह पर ही करना चाहिए। इसके लिए नीचे जमीन पर चटाई या दरी बिछा लें।
★ इसके बाद पहले घुटनों पर खड़े हो जाएं अर्थात दोनों पैरो को घुटनों से मोड़कर पीछे की ओर ले जाकर सीधे खड़े हो जाएं।
★ फिर पीछे की ओर धीरे-धीरे झुकते हुए पीठ के बल लेट जाएं। शरीर को पीछे की ओर झुकाते हुए कोहनियों का सहारा लें और लेटने के बाद दोनों घुटनों को आपस में मिलाकर रखें। अपने मुंह को ऊपर की ओर रखें तथा गर्दन व शरीर को सीधा रखें।
★ अब अपने दोनों हाथों को उंगलियों को छाती पर खोलकर रखें।
★ आसन के अभ्यास के समय सांस लेने की क्रिया धीरे रखें। पर्यंकासन आसन की शुरूआत में इस स्थिति में कुछ समय तक रहें और इसका अभ्यास होने के बाद इस स्थिति में 3 मिनट तक रहें।

सावधानी :

★ आसन के अभ्यास में पीछे लेटते समय हाथों के सहारे के बिना एकदम से न लेटें अन्यथा हानि हो सकती है।
★ इस आसन को गर्भावस्था के चौथे महीने के बाद नहीं करना चाहिए।