पेट फूलना (अफरा) का घरेलु उपचार | pet fulne ke gharelu nuskhe

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पेट फूलना (अफरा) का घरेलु उपचार | pet fulne ke gharelu nuskhe

पेट फूलने (अफरा) के लक्षण : pet fulne ke lakshan

आध्मान अथवा अफारा का अर्थ है पेट में गैस रुक जाना। ऐसा प्राय: अजीर्ण, मन्दाग्नि, अतिसार, अग्निमांद्य आदि पाचन विकारों के कारण होता है । अफारा कोई साधारण रोग नहीं है इसके कारण रोगी के समक्ष जीवन और मृत्यु का प्रश्न आ खड़ा होता है।
आइये जाने पेट फूलने के कारण के बारे में ,pet fulne ka kya karan hai

पेट फूलना (अफरा) रोग का कारण : pet fulne ke karan

1- नियमित भोजन न करना,
2- जल्दी-जल्दी बिना चबाए हुए भोजन निगल जाना,
3- देर तक बैठकर काम करना,
4- अधिक जागना,
5- अधिक शुष्क खाद्य पदार्थों का सेवन करना,
6- बासी भोजन करना,
इत्यादि कारणों से पेट में वायु रुक जाती है और पेट फूलने लगता है। मल-मूत्र का वेग रोकने के कारण भी पेट फूलने का रोग हो जाता है।

पेट फूलने का घरेलू इलाज : pet fulne ka ilaj

1-  अदरक का रस, नीबू का रस और शहद 6-6 ग्राम लेकर (तीनों को मिलाकर) दिन में 3 बार चटायें ।   ( और पढ़ें – पेट का फूलना रोग का आयुर्वेदिक उपचार )
2-  प्रतिदिन 3 छोटी हरड़ मुख में डालकर चूसें ।  ( और पढ़ें –हरड़ खाने के 7 बड़े फायदे व सेवन विधि )
3-  आक के पीले पत्ते 100 ग्राम, नमक 10 ग्राम दोनों को कूटपीस कर व घोटकर चने के आकार की गोलियाँ बनाकर छाया में सुखा लें । प्रतिदिन 2-3 गोलियाँ चूसें ।  ( और पढ़ें – आक (मदार) के 22 चमत्कारी आयुर्वेदिक प्रयोग)
4-  दूषित अन्न की डकारें आती हों तथा उदर में वायु (गैस) भरी हो तो 1 रत्ती हींग घी मिलाकर निगलवायें और चमत्कार देखें ।  ( और पढ़ें – हींग खाने के 73 सेहतमंद फायदे)
5-  छोटी इलायची का चूर्ण 4-6 रत्ती तथा भुनी हींग 1 रत्ती थोड़े नीबू रस के साथ मिलाकर पीने से वायु का अनुलोमन होता है।  ( और पढ़ें – इलाइची खायेंगे तो मिलेंगे यह 18 फायदे)pet fulne ke gharelu nuskhe
6-  हीरा हींग 2 रत्ती को थोड़े जल में घिसकर कुछ गरम करके फिर रुई का फोहा भिगोकर बच्चे की नाभि पर रखने से अफारा दूर हो जाता है ।
7-  वच, हरड़, चित्रकमूल, जवाखार, पीपल, अतीस, कूट समभाग लें । चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें । इसे 3-3 ग्राम की मात्रा में गुनगुने जल के साथ देने से अफारा दूर हो जाता है ।
8-  लौंग का चूर्ण डेढ़ ग्राम खौलता हुआ पानी आधा किलो लें। जब पूरी तरह लौंग घुल जाये तब छान लें। इसे 25 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन 3 बार सेवन करें।
9-  प्याज, अदरक व लहसुन का रस प्रत्येक 1-1 चम्मच में 3 चम्मच शहद मिलाकर भोजन से पूर्व चाटना चाहिए ।
10- सिरके के साथ प्याज पीस कर सेवन करना भी लाभकारी है। इसमें अदरक का रस और कुछ काला नमक डालना और भी अधिक गुणकारी है ।
11-  पिसी हुई काली मिर्च 2 ग्राम फांककर ऊपर से नीबू का रस मिलाये हुए गरम जल को पीयें । शाम और रात्रिकाल में 10-12 दिनों तक इसके निरन्तर प्रयोग से गैस बनना बन्द हो जाता है ।  ( और पढ़ेंरसीले नींबू के नायाब 30 घरेलू नुस्खे )
12- 5 ग्राम अजमोद को 15 ग्राम गुड़ में मिलाकर खाने से पेट का अफरा दूर हो जाता है।
13- तस्तुम्बे की गिरी और एलुआ पीसकर गरम करके लेप करने से अफरा दूर हो जाता है।
14- एलुआ पीसकर नाभि पर लेप करने से दस्त आकर अफरा मिट जाता है।
15-  बालछड़ का चूर्ण 5 रत्ती से डेढ़ माशा तक गरम जल के साथ खाने से अफरा में लाभ होता है।
16-  तालीस-पत्र और अजवायन का चूर्ण खाने से अफरा मिट जाता है।
17- भोज-पत्र की छाल का हिम या फाँट पिलाने से अफरा ठीक हो जाता है।
18- कालीमिर्च पीसकर गौमूत्र के साथ सेवन करने से पेट का अफरा नष्ट हो जाता है।  ( और पढ़ें – गोमूत्र है 108 बिमारियों की रामबाण दवा )
19- दही का तोड़ पीने से अफारे में लाभ होता है।
20- तीन माशा कालीमिर्च और 6 माशा मिश्री पीसकर फाँकने से अफरा मिट जाता है। ऊपर से पानी नही पीना चाहिए।
21- अरणी के पत्तों को उबाल कर पीने से अफरा और उदर-पीड़ा मिट जाती है।
22- मरोड़फली और काला-नमक का चूर्ण खाने से उदर-शूल और अफरा मिट जाता है।
23-  प्याज के रस में हींग और कालानमकं पीसकर मिलाकर पीने से अफरा और उदर-शूल दूर हो जाता है। ( और पढ़ें – प्याज खाने के 141 फायदे  )
24-  ढाक के पत्ते उबालकर पीने से अफरा और उदर-पीड़ा में लाभ होता है।
25-  गुड़ और मेथीदाना को उबालकर पीने से अफारा मिट जाता है।  ( और पढ़ेंमेथी के अदभुत 124 औषधीय प्रयोग )
26-  अजवायन देशी 250 ग्राम और कालानमक 60 ग्राम को किसी चीनी-मिट्टी या काँच के बर्तन में रख दें, ऊपर से इतना नींबू का रस डालें कि दोनों दवाएं डूब जाएं। इस बर्तन को छाया में रख दें। जब नीबू रस सूख जाये तो फिर और रस डाल दें। इसी तरह सात बार करें। इस 2 ग्राम दवा को गुनगुने पानी से सुबह-शाम खाने से पेट के सभी रोग नष्ट हो जाते हैं।
आइये जाने पेट फूलने की आयुर्वेदिक दवा के बारे में

पेट फूलने (अफरा) की दवा : pet fulne ki ayurvedic dawa

अच्युताय हरिओम फार्मा द्वारा निर्मित पेट फूलने (अफरा) में शीघ्र राहत देने वाली लाभदायक आयुर्वेदिक औषधियां |

1) हिंगादि हरड़ चूर्ण(Hingadi Harad Churna)
2) गोझरण अर्क(Achyutaya Hariom Gaujaran Ark
3) पुदीना अर्क (Achyutaya Hariom Pudina Ark)

प्राप्ति-स्थान : सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji Ashram ) व श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से इसे प्राप्त किया जा सकता है |

One Comment

  1. sitaramrana June 12, 2018 at 12:14 pm - Reply

    Thanks jankari ke leye

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