देव ज्योतिमुद्रा : आखों की रौशनी बढ़ाने वाली लाभकारी मुद्रा | Dev jyoti mudra

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देव ज्योतिमुद्रा : आखों की रौशनी बढ़ाने वाली लाभकारी मुद्रा | Dev jyoti mudra

देव ज्योतिमुद्रा से लाभ :

★ जाला और फूला पड़ना जैसे रोग दूर हो जाते हैं।
★ जिन बच्चों को कम उम्र में ही चश्मा लग चुका हो वे अगर रोजाना देव ज्योतिमुद्रा का अभ्यास करें तो उनका चश्मा उतर सकता है।
खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे
आखों की रौशनी बढ़ाने ले लिए लाभकारी मुद्रा (aankhon ki roshni badhane ke liye mudra)

मुद्रा बनाने का तरीका :

Dev jyoti mudra ke labh

★ अपने हाथ की तर्जनी अंगुली को मोड़कर अंगूठे की जड़ में लगाने से देव ज्योतिमुद्रा (Dev jyoti mudra)बन जाती है।
★ यह कुछ कुछ वायु मुद्रा जैसी है।
★ लगभग 40-60 सेकंड तक आप इसी मुद्रा में रहने का अभ्यास करें।
★ सुबह-शाम चार से 6 बार कर सकते हैं।

विशेष :- अच्युताय हरिओम संतकृपा नेत्रबिंदु ” सभी प्रकार की आखों की कमजोरी दूर करता है |

नेत्रज्योति वर्धक मामरा बादाम मिश्रण(Mamra Almond Mixture) :

१०० ग्राम असली मामरा बादाम, १०० ग्राम गाय का घी व मिश्री, काली मिर्च आदि अन्य घटक-द्रव्यों को मिलाकर बने कुल ३५३ ग्राम के इस मिश्रण को चाँदी या संगमरमर के बर्तन में रख के ७ दिन तक अनाज में दबाकर रखा जाता है | यह मिश्रण विधिवत मंत्रोच्चारण करके बनाया जाता है |

मात्रा : १ चम्मच ( ८ से १० ग्राम) मिश्रण रोज सुबह खाली पेट चबा-चबाकर खायें तथा हलका आहार लें |

लाभ : इससे सम्पूर्ण नाड़ीतंत्र और बुद्धि पुष्ट होती है | मस्तिष्क की कमजोरी जादुई तरीके से दूर होती है | साथ ही नेत्रज्योति में चमत्कारिक बढ़ोतरी होती है | पूज्य बापूजी ने इस मिश्रण का प्रयोग करके इसके लाभों का प्रत्यक्ष अनुभव किया है |

प्राप्ति-स्थान : संत श्री आशारामजी आश्रमों और श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र |

2018-04-06T20:48:50+00:00 By |Mudra|0 Comments

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