Kokum in Hindi | कोकम के 10 जबरदस्त फायदे

कोकम क्या है ? : What is Kokum in Hindi

कोकम गुजरात और गोवा में सबसे ज्यादा उगाया जाता हैं। यह एक रसीला फल हैं जो शरीर की गर्मी शांत कर ठंडक प्रदान करता हैं।
कोकम के पेड़ आकार में बड़े होते हैं और इसके पत्ते साढ़े तीन इंच लम्बे व गहरे रंग के होते हैं।
कोकम मुख्य रूप से कोंकण क्षेत्र का पौधा हैं। इसका वैज्ञानिक नाम Garcinia Indica हैं।
इसका फल नारंगी की तरह गोल व लाल होता है। कोकम के फलों को रक्ताम्बा व कोकम कहते हैं।

कोकम के उपयोग : Uses of Kokum in Hindi

  • फलों को सुखा कर रख दिया जाता हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए इसे काटा नहीं जाता हैं, बल्कि सुखाये गये फल को पानी में भिगोया जाता हैं और उससे जो सार निकलता हैं, वहीं इसका खट्टा-मीठा स्वाद देता हैं।
  • फल के गूदा का उपयोग खाने में किया जाता है।
  • कोकम का उपयोग दाल, सब्जी में खट्टापन लाने के लिए किया जाता है। कोकम इमली की तरह खट्टा होता है और यह इमली के अपेक्षा अधिक उपयोग किया जाता है।
  • कोकम के फलों की चटनी और शर्बत भी बनाया जाता है।
  • कोकम के बीजों से मोम जैसा गाढ़ा और सफेद रंग का तेल निकलता है। यह तेल खाने व औषधियों के रूप में प्रयोग किया जाता है। होंठों के कटने-फटने एवं हाथ-पैर की त्वचा फटने पर इसके तेल को गर्म करके लगाने से आराम मिलता है।
  • कोकम के तेल का उपयोग मलहम और मोमबत्ती बनाने में किया जाता है। यह पाचक होता है और कब्ज को दूर करता है।

कोकम के औषधीय गुण: Kokum ke Gun in Hindi

  1. कच्चा कोकम खट्टा व गर्म तासीर का होता है । यह गैस को नष्ट करता है और कफ-पित्त को बढ़ाता है।
  2. पका कोकम भारी, तीखा, कसैला, हल्का, खट्टा एवं गर्म होता है।
  3. पका कोकम दस्त को रोकने वाला और रुचि पैदा करने वाला होता है।
  4. इसका अधिक सेवन करने से कफ एवं वात बढ़ता है।
  5. कोकम प्यास, बवासीर, कब्ज, गुल्म (पेट में गैस का गोला बनना), दर्द, हृदय रोग एवं कीड़ों को नष्ट करता है।

कोकम तेल के फायदे : Kokum Tel ke Fayde

  • क्षय (टी.बी.) रोग, फेफड़ों के रोग, कण्ठमाला एवं पेचिश रोग में यह लाभकारी होता है।
  • यह घाव को जल्द भरता है।
  • आधुनिक विज्ञान के अनुसार कोकम का तेल पोषक, उपलेपक और स्निग्ध होता है।
  • यह शरीर को शक्तिशाली बनता है और पेचिश व अतिसार को ठीक करता है।

कोकम शर्बत बनाने की विधि :
सामग्री :
5 से 10 कोकम के फल, 50 ग्राम शक्कर, काला नमक, जीरा पावडर।

वि‍धि ‍:
1) कोकम को 5 ग्‍लास पानी में भि‍गोकर एक घंटे के लि‍ए रखें। अब इसे पीसकर पेस्‍ट बना लें।
2)अब इसमें शक्कर, काला नमक और जीरा डालें और अच्‍छी तरह हि‍ला लें।

कोकम सरबत के फायदे : Kokum Sharbat Benefits
गर्मी से तुरंत राहत दे शरीर को शीतलता देता है

कोकम के फायदे : Kokum Benefits in Hindi

kokum ke fayde in hindi

1) हाथ-पैरों की जलन में कोकम के फायदे :
कोकम का तेल गर्म करके हाथ-पैर व तलवों पर लगाने से जलन दूर होती है।

2) पित्त की जलन में कोकम के फायदे : (pitt : kokum benefits in hindi)
कोकम के पके फल का शर्बत सुबह-शाम पीने से पित्त शान्त हो जाती है। कोकम को पीसकर चीनी मिले पानी में घोलकर पीने से पित्त की जलन दूर होती है। यह प्यास व अनिद्रा को भी दूर करता है।

3) खूनी बवासीर में कोकम के फायदे : (bawaseer : kokum ke labh)
कोकम का चूर्ण दही की मलाई में मिलाकर सेवन करने से खूनी बवासीर ठीक होती है।

4) अतिसार में कोकम के फायदे :
कोकम के फलों का घोल 40 से 80 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से दस्त रोग में लाभ मिलता है।

5) दस्त में आंव आना: 40 से 80 मिलीलीटर कोकम का फांट सुबह-शाम सेवन करने से दस्त में आंव आना बंद होता है।

6) दस्त में खून आना:

  • कोकम का तेल गर्म करके 2 से 20 मिलीलीटर की मात्रा में दिन में 2 से 3 बार पीने से दस्त में खून का आना बंद होता है।
  • कोकम के फलों का घोल 40 से 80 मिलीलीटर की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से दस्त में खून आना बंद होता है।

7) शीतपित्त में कोकम के फायदे :
100 ग्राम कोकम पानी में भिगोकर जीरा व चीनी मिलाकर पीने से शीतपित्त रोग ठीक होता है।

8) घाव में कोकम के फायदे :
कोकम का तेल घावों पर लगाने से घाव जल्द भरते हैं।

9) रक्तपित्त में कोकम के फायदे :
कोकम का शर्बत बनाकर सुबह-शाम पीने से रक्तपित्त का रोग दूर होता है।

10) अम्लपित्त में कोकम के फायदे :  (kokum benefits in cures acidity in hindi)
कोकम, इलायची और चीनी को एक साथ पीसकर चटनी बनाकर खाने से अम्लपित्त (खट्टी डकारें) रोग ठीक होता है।

कोकम के दुष्प्रभाव : Kokum ke Nuksan in Hindi

कफ व वात  के रोगियों को इसके सेवन से बचना चाहिये । इसका अधिक सेवन करने से कफ एवं वात बढ़ता है।

(दवा व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार सेवन करें)

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