कोलेस्ट्रॉल कम करने के 13 आसान उपाय | Cholesterol Kam Karne ka Tarika

कोलेस्ट्रोल क्या है ? : what is Cholesterol in Hindi

हृदय में रोग होने का मुख्य कारण खून में अधिक कोलेस्ट्रोल होना होता है। कोलेस्ट्रोल खून में छोटे-छोटे अणुओं का वह रूप है जो एक प्रकार की चिकनाई की तरह होता है। वैसे कोलेस्ट्रोल शरीर की सभी क्रियाओं को करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर में कोशिकाओं का निर्माण करता है और विभिन्न हार्मोन्स के संयोजन के लिए आवश्यक होता है तथा नाड़ियों का आवरण तथा मस्तिष्क की कोशिकाओं का निर्माण करता है।

कोलेस्ट्रोल पाचनक्रिया को कराने के लिए बाइल जूस का निर्माण करता है। इसी के द्वारा यह शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचता है तथा लाल रक्तकण की रक्षा करता है। ज्यादातर कोलेस्ट्रोल तो जिगर में ही बनता है। जिन व्यक्तियों के भोजन में कोलेस्ट्रोल अधिक होता है उनके खून में कोलेस्ट्रोल का स्तर अधिक हो जाता है जिसके कारण हृदय में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं।

जब कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक हो जाती है तो यह प्रोटीन के साथ मिलकर लिपो-प्रोटीन का निर्माण करता है और यह 2 प्रकार का होता है –

1. लो डेन्सिटी लिपो-प्रोटीन
2. हाई डेन्सिटी लिपो-प्रोटीन

लो डेन्सिटी लिपो-प्रोटीन-

यह ट्राइग्लिसराईड और प्रोटीन के मिश्रण से बनता है और यह बहुत ही बुरा होता है क्योंकि यह परिहृदय धमनियों (कोरोनरी आर्टेरीज) में मेदार्बुद के बनने में सहायक होता है। इसके कारण रक्त के संचारण में अवरोध उत्पन्न होता है तथा हृदयघात होने की स्थिति पैदा हो जाती है।

हाई डेन्सिटी लीपो प्रोटीन-

यह एक प्रकार का अच्छा कोलेस्ट्रोल होता है क्योंकि यह मेदार्बुद को बनने से रोकता है। पूर्ण कोलेस्ट्रोल सामान्य स्तर पर होते हुए भी यदि एच डी एल की मात्रा सामान्य से कम हो या एल डी एल का अनुपात अधिक हो तो भी धमनियों में अवरोधक के बनने की संभावना रहती है।

कोलेस्ट्रोल बढ़ने के लक्षण : Cholesterol Jyada Hone ke Lakshan in hindi

  • इस रोग से पीड़ित रोगी के छाती में दर्द होता है।
  • मोटापा बढ़ जाता है।
  • मधुमेह का रोग भी हो जाता है।
  • रोगी के रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है व यदि इस रोग से धमनियां प्रभावित हो गई हो तो नपुंसकता रोग हो जाता है।
  • रोगी के मांसपेशियों में दर्द होता है।
  • इस रोग के कारण से कुछ गम्भीर अवस्थाए भी पैदा हो सकती हैं जैसे- हृत्शूल, उच्चरक्तचाप, हृदय रोग या आघात होना आदि।

वैसे रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाने के कारण से कोई विशेष प्रकार के लक्षण नहीं दिखाई पड़ते।

अधिक कोलेस्ट्रोल होने का कारण :

  1. अधिक तले-भुने तथा बासी भोजन का सेवन करने से, मांस अंडा तथा दूध से बने पदार्थों का अधिक उपयोग करने के कारण कोलेस्ट्रोल ज्यादा हो सकता है।
  2. अधिक शराब पीने या अधिक धूम्रपान करने के कारण भी कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ सकती है।
  3. अधिक कोलेस्ट्रोल मानसिक तनाव के कारण से भी हो सकता है क्योंकि तनाव के कारण एड्रीनल ग्रंथि का अधिक स्राव होता है जो फेट मोटाबोलिस्म को प्रभावित करता है। आइये जाने cholesterol kam kaise kare

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कोलेस्ट्रोल को कम करने व इससे बचाव के उपाय  : Cholesterol Kam Karne ke Upay

Cholesterol Kam Kaise Kare

1). खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को सामान्य करने के लिए एल डी एल को घटाना आवश्यक है। इसलिए भोजन में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ाने वाले पदार्थों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

2). कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ाने वाले पशुजनित खाद्य पदार्थ (पशुओं के मांस तथा दूध से बनने वाले खाद्य पदार्थ) को नहीं खाना चाहिए।

3). भोजन में नारियल तथा पाम के तेल का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ाते हैं।

4). रेशेदार खाद्य पदार्थों जैसे- चोकर समेत आटे की रोटी, छिलके समेत दालें, टमाटर, गाजर, अमरूद, हरी पत्तेदार सब्जियां, पत्तागोभी आदि का अधिक सेवन करने से विटामिन `बी´ प्रधान भोजन एल डी एल कम हो जाता है जिसके फलस्वरूप कोलेस्ट्रोल की मात्रा खून में सामान्य हो जाती है।

5). प्रतिदिन कम से कम 50 ग्राम जई का चोकर सेवन करने से भी कोलेस्ट्रोल की मात्रा सामान्य हो जाती है।

6). अजवायन खून में हानिकारक कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम करती है इसलिए भोजन में प्रतिदिन अजवायन का उपयोग करना चाहिए।

7). लेशीथीन चिकनाई वाले भोजन का सेवन करने से रक्त की नलिकाओं में कोलेस्ट्रोल नहीं जमता है तथा यह कोलेस्ट्रोल से बाईल के निर्माण को बढ़ाता है जिससे रक्त में कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है।

8). जिन व्यक्तियों के खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा हो उन्हें प्रतिदिन पानी अधिक पीना चाहिए।

9). खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को सामान्य करने के लिए हरे नारियल का पानी पीना काफी उत्तम होता है। इसलिए रोगी व्यक्ति को हरे नारियल का पानी प्रतिदिन पीना चाहिए।

10). धनिये को पानी में उबालकर, उस पानी को छानकर पीने से भी ज्यादा कोलेस्ट्रोल पेशाब द्वारा बाहर निकल जाता है।

11). रात को सोते समय काले चनों को पानी में भिगों दें। सुबह के समय में उठकर उसके पानी को पी लें तथा चनों को खा जाएं जिसके फलस्वरूप खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा सामान्य हो जाती है।

12). जिस व्यक्ति के खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक हो उसके पेट पर मिट्टी की पट्टी का लेप करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है तथा इसके साथ ही व्यक्ति को कटिस्नान करना चाहिए। वैसे भाप स्नान करना भी लाभदायक होता है लेकिन उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर) वालों के लिए यह ठीक नहीं होता है।

13). व्यक्ति को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए तथा कोलेस्ट्रोल की मात्रा को सामान्य बनाने के लिए योगासन भी करना चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने से कोलेस्ट्रोल की मात्रा सामान्य हो जाती है।

(उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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