सौभाग्य के लिए तिज

कोई रिक्ता तिथियाँ होती है महीने में, जैसे तृतीया, अष्टमी, त्रयोदशी | तृतीया तिथि की स्वामिनी माँ गौरी है, माँ जगदंबा है | उस दिन पैसे की नहीं सौभाग्य की पूजा की जाती है |

सुहागन देवियाँ करती है तृतीया को | नमक, मिर्च नहीं खाया, गौ माता को अपने हाथ से कुछ खिला दिया,    ॐ ह्रीं नम:   जप किया तो उनका सौभाग्य अखंड रहता है | उनके घर में क्लेश, झगड़े नहीं होते | उस दिन लक्ष्मी का पूजन नहीं गौरी का पूजन करना तृतीया को |

Leave a Comment