Last Updated on जुलाई 24, 2019 by admin
सुख बाँटने की वस्तु है, रखने की नहीं। जो प्राणी सुखको रखने का प्रयत्न करता है, उससे सुख छिन
जाता है, मिलता कुछ नहीं। और जो प्राणी सुख बाँट देता है, उसको आनन्द मिल जाता है।
– Pujya Sant Shri Asaram Bapu Ji
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सुख बाँटने की वस्तु है, रखने की नहीं। जो प्राणी सुखको रखने का प्रयत्न करता है, उससे सुख छिन
जाता है, मिलता कुछ नहीं। और जो प्राणी सुख बाँट देता है, उसको आनन्द मिल जाता है।
– Pujya Sant Shri Asaram Bapu Ji