परिव्राजक -स्वामी विवेकानंद | Parivrajak -Swami Vivekananda
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
आवरण-पृष्ठ पर पुस्तक का नाम परिव्राजक अंकित है और उसके नीचे स्वामी विवेकानन्द का नाम दिया गया है। शीर्षक-पृष्ठ पर वचन साहित्य का भी उल्लेख मिलता है और ॐ का चिह्न छपा है। पृष्ठ पर प्रकाशन का नाम भी दिया गया है, जिसमें पंजाब का उल्लेख है। अगले पृष्ठ पर लेखक के रूप में स्वामी विवेकानन्द का नाम दोबारा आया है और उनका पश्चिम बंगाल तथा कलकत्ता से सम्बन्ध भी बताया गया है।
पुस्तक में एक सम्बन्ध नामक अनुभाग छपा है जिसमें लेखक ने हिन्दी भाषा के विकास और उसकी विलासिता पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। इसमें बताया गया है कि हिन्दी भाषा का रूप अंग्रेजी के समान ही है, जबकि बंगला, मराठी, तमिल, तेलुगु आदि भारतीय भाषाओं में उसका रूप भिन्न है। यह अनुभाग स्वामी विवेकानन्द के हस्ताक्षर से समाप्त होता है।
यह पुस्तक स्वामी विवेकानन्द के साहित्य-संकलन का एक अंग है जिसमें उनके भारतीय संस्कृति और भाषा पर हुए विचारों का संचय मिलता है। भारतीय स्वतंत्रता-आंदोलन के इतिहास और विवेकानन्द-साहित्य के अध्ययन के लिए यह पाठ उपयोगी माना जाता है। यह ध्यान रखने योग्य है कि यहाँ दिए गए विचार लेखक के अपने काल के अनुसार हैं, आधुनिक विज्ञान या शोध से पूर्णतः सत्यापित नहीं हैं और इनमें कोई चिकित्सकीय दावा नहीं है। इसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अध्ययन के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- स्वामी जी की परिव्राजक यात्रा
- भारत-भ्रमण तथा अनुभव
- समाज तथा धर्म पर विचार
- प्रेरक प्रसंग
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
मन की शक्ति तथा जीवनगाथा की साधना – Man Ki Shakti
राजयोग -स्वामी विवेकानंद | Rajyog -Swami Vivekananda
शिक्षा -स्वामी विवेकानंद | Shiksha -Swami Vivekananda
स्वामी विवेकानन्द से वार्तालाप -स्वामी विवेकानंद | Swami Vivekanand Se Vartalap -Swami Vivekananda
भारतीय नारी -स्वामी विवेकानंद | Bhartiya Nari -Swami Vivekananda
धर्मतत्त्व -स्वामी विवेकानंद | Dharmtattv -Swami Vivekananda
प्रेम योग -स्वामी विवेकानंद | Prem Yog -Swami Vivekananda
मेरा जीवन तथा ध्येय -स्वामी विवेकानंद | Mera Jivan Tatha Dhyeya -Swami Vivekananda