श्री योग चिन्तामणि एवं व्यवहार ज्योतिष – Shri Yoga Chintamani Aur Vyavahar Jyotish
इस किताब के बारे में
यह ग्रंथ "श्रीयोगचिन्तामणि एवं व्यवहार ज्योतिष" काशी संस्कृत ग्रन्थमाला (299) के अंतर्गत है। इसके मूल रचयिता नानाजोशी के सुपुत्र वामन हैं। इसका संपादन/व्याख्या डॉ. राजेश्वर शास्त्री मुसलगाँवकर तथा डॉ. शुभम् शर्मा (विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन) ने किया है। पुस्तक चौखम्भा संस्कृत संस्थान, वाराणसी से प्रकाशित है और योग-चिन्तामणि तथा व्यावहारिक ज्योतिष के सिद्धांतों को विस्तार से समझाती है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- ज्योतिष के मूल सिद्धांत
- ग्रह, राशि, भाव तथा नक्षत्र की गणना
- दशा, अंतर्दशा तथा फलादेश की विधि
- जन्मपत्री निर्माण तथा मुहूर्त
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
बृहत् पाराशर होरा शास्त्रम् (पद्मनाभ शर्मा) – Brihat Parashar Hora Shastram
अंक ज्योतिष – Anke Jyotish
होरा शतक – Hora Shatak
काल गणना और पंचांग – Kaal Ganana Aur Panchang
चुने हुए ज्योतिष योग – Chune Hue Jyotish Yog
Astrology – Rasikmohan Chattopadhyay
मेडिनीय ज्योतिष मार्गोपदेशिका (भाग 1) – Mediniya Jyotish Margopdeshika
ज्योतिष में स्वर विज्ञान का महत्व – Jyotish Mein Svara Vigyan Ka Mahatva