वीर्य को गाढ़ा व पुष्ट करने के आयुर्वेदिक उपाय | Virya Gada karne ke Ayurvedic Upay
वीर्य को गाढ़ा करने के उपाय और घरेलु नुस्खे : virya badhane ke upay in hindi वीर्य इस शरीररूपी नगर का एक तरह से राजा ही है । यह वीर्यरूपी राजा यदि पुष्ट है, बलवान् …
वीर्य को गाढ़ा करने के उपाय और घरेलु नुस्खे : virya badhane ke upay in hindi वीर्य इस शरीररूपी नगर का एक तरह से राजा ही है । यह वीर्यरूपी राजा यदि पुष्ट है, बलवान् …
आज हम आपके लिए motivational stories in hindi की श्रंखला में लायें है भक्त अंबालाल जी का जीवन प्रसंग ★ मेहसाना जिले के किसी गाँव में अंबालाल पटेल नामका एक लडका था । उसकी माँ …
हंसासन /Hansa Asana परिचय- हंसासन आसन (Hansa Asana)के अभ्यास के समय व्यक्ति के पूरे शरीर का संतुलन दोनों हथेलियों पर करना पड़ता है। इसके अभ्यास में शरीर की स्थिति हंस के समान होने के कारण …
आंखों के रोहें (फूले कुकरे) रोग क्या है ? : Granular Trachoma in Hindi इस रोग में आंखों के ऊपर की पलकों के अंदर की परत पर छोटे-छोटे लाल दाने हो जाते हैं जो आंखों …
दुर्भाग्य नाशक प्रयोग | kismat chamkane ke upaye भाग्य जगाने ,घर में सुख-सम्पदा व बरकत के लिये यह शास्त्रीय अचूक उपाय है ..आपको करना बस इतना है की सुबह जब घर में भोजन बने तो …
चैतन्य हरिमुद्रा (Chetanya hari mudra) के लाभ – ★ जिन लोगों को दिल के रोग(heart diseases) होते हैं उन्हें रोजाना चैतन्य हरिमुद्रा का अभ्यास करने से बहुत लाभ होता है। ★ दिल की धड़कन का …
जल है औषध समान : Drink Water To Cure (Almost?) All Diseases अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम । भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम ।। ‘अजीर्ण होने पर जल-पान औषधवत हैं । भोजन पच जाने …
बथुआ खायें रोग भगायें : बथुआ (Bathua/चाकवत) रुचिकर, पाचक, रक्तशोधक, दर्दनाशक, त्रिदोषशामक, शीतवीर्य तथा बल एवं शुक्राणु वर्धक है । वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार बथुए में लौह, सोना, क्षार, पारा, कैरोटिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, प्रोटीन, …
हस्तमैथुन व स्वप्नदोष से कैसे बचें :Hastmaithun ke nuksan in hindi वीर्यरक्षण ही जीवन है : आधुनिक चिकित्सकों का मत डॉ. निकोल कहते हैं- “यह एक भैषजिक और देहिक तथ्य है कि शरीर के सर्वोत्तम …
पीपल(pipal) में जान |motivational story in hindi आज हम आपके लिए moral stories in hindi की श्रंखला में लायें है एक सत्य घटना … ★ सन् १९५७ से पहले की बात है । पिलखुआ गाँव …